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January 16, 2026
जयपुर। 78 वें सेना दिवस के अवसर पर सवाई मानसिंह स्टेडियम में आयोजित शौर्य संध्या कार्यक्रम में भारतीय सेना की वीरता, पराक्रम और बलिदान की गाथा ने जयपुर को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सेना दिवस उन वीर जवानों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को नमन करने का दिन है, जिनके कारण आज देश सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है और जब तक आतंकी सोच का पूर्ण रूप से खात्मा नहीं हो जाता, तब तक शांति के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।
रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि राजस्थान की धरती शौर्य, त्याग और पराक्रम की अमर कथाओं से ओतप्रोत है। महाराणा प्रताप, राणा सांगा, पन्नाधाय, मीराबाई और भामाशाह जैसी विभूतियों ने भारत की सैन्य और सांस्कृतिक परंपरा को समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान ने सदैव भारत की सैन्य परंपरा को आगे बढ़ाया है और आज भी यहां के युवा बड़ी संख्या में सेना में सेवा देकर देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। ऐसी वीर भूमि पर शौर्य संध्या का आयोजन सैनिकों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि 15 जनवरी 1949 को भारतीय सेना को पहला भारतीय सेनाध्यक्ष मिलने के साथ स्वाभिमान और स्वाधीनता की नई शुरुआत हुई थी। यह दिवस आज भी संकल्प और आत्ममंथन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने न केवल अपनी सैन्य शक्ति, बल्कि अपने राष्ट्रीय चरित्र और मानवीय मूल्यों का भी परिचय दिया। यह अभियान इतिहास में साहस और संतुलन के प्रतीक के रूप में याद रखा जाएगा।
रक्षा मंत्री सिंह ने भारतीय सैनिक को केवल योद्धा ही नहीं, बल्कि दार्शनिक और कुशल प्रबंधक बताया। उन्होंने कहा कि सैनिक का जीवन दर्शन “सेवा परमो धर्मः” पर आधारित है और वह निस्वार्थ भाव से राष्ट्र सेवा करता है। नागरिकों और युवाओं से उन्होंने सैनिकों के इस निस्वार्थ सेवा भाव से प्रेरणा लेने की अपील की। साथ ही उन्होंने सेना के आधुनिकीकरण, मजबूती और आत्मनिर्भरता को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर सहित अन्य सैन्य अभियानों में अदम्य साहस दिखाने वाले वीर जवानों को मरणोपरांत सेना मेडल (वीरता) से सम्मानित किया गया। रक्षा मंत्री ने वीर शहीदों की वीरांगनाओं को सम्मानित किया। इसके साथ ही प्रोजेक्ट नमन के तहत सूरतगढ़ में 100 वें नमन केंद्र का वर्चुअल उद्घाटन भी किया ।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान शौर्य, भक्ति और शक्ति की भूमि है। यहां का हर घर सेना के प्रति समर्पित है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य ताकत और संकल्प का जीवंत उदाहरण है और इसके बाद आयोजित यह सेना दिवस परेड सेना की जीत का उत्सव है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए राज्य सरकार निरंतर काम कर रही है।
शौर्य संध्या कार्यक्रम में नेपाल सेना के बैंड, पैरामोटर फ्लाईपास्ट, कलरीपयट्टु और मल्लखंब की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भव्य ड्रोन शो में राष्ट्रवादी और ऐतिहासिक आकृतियों के साथ राष्ट्रगान की प्रस्तुति ने समापन को अविस्मरणीय बना दिया। कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, मिजोरम के राज्यपाल जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सैनिक, पूर्व सैनिक और आमजन उपस्थित रहे।
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