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January 13, 2026
अनिल वनवानी / उदयपुर | राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा सेकेंड ग्रेड टीचर भर्ती-2022 के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार पूर्व आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा को लेकर बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद और भारत आदिवासी पार्टी के नेता राजकुमार रोत ने बड़ा आरोप लगाया है। रोत ने दावा किया कि केवल कटारा पर दोष फोड़ा जा रहा है, जबकि कई बड़े नेताओं का नाम इस घोटाले में सीधे तौर पर शामिल है। उदयपुर के सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोत ने कहा कि कटारा को आरपीएससी सदस्य बनाने वाले नेता ही पेपर लीक घोटाले में शामिल हैं। उन्होंने उदयपुर देहात कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा, डूंगरपुर के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश खोड़निया और पूर्व मंत्री अर्जुन बामनिया जैसे नेताओं के नाम गिनाए।
सांसद रोत ने महेंद्रजीत सिंह मालवीया का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस छोड़ भाजपा में गए और फिर ‘वॉशिंग मशीन’ में धुलकर साफ हो गए। अब वही कांग्रेस में लौट आए हैं। रोत ने सवाल उठाया कि क्या ऐसे नेताओं पर अब कोई कार्रवाई होगी? रोत का आरोप है कि बाबूलाल कटारा को आरपीएससी में सदस्य बनाना राजनीतिक और स्वार्थी निर्णय था। कांकरी डूंगरी प्रकरण को शांत कराने के लिए नेताओं ने कटारा की सिफारिश की थी और अब सारा दोष उसी पर फोड़ा जा रहा है। सांसद ने चेतावनी दी कि पेपर लीक के असली नेता अभी भी सुरक्षित हैं और इन पर कार्रवाई होनी चाहिए। रोत ने कहा कि कटारा ने ईडी को अपने बयान में जान का खतरा बताया है, और इस मामले की गहन जांच होना अनिवार्य है। उनके अनुसार, यह मामला केवल आदिवासी अधिकार या भर्ती प्रक्रिया का नहीं, बल्कि बड़े राजनीतिक और स्वार्थी खेल का हिस्सा है।
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