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January 9, 2026
उदयपुर में अवैध भ्रूण लिंग जांच के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की पीसीपीएनडीटी टीम ने उदयपुर के अमर आशीष हॉस्पिटल एंड टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर में डिकॉय ऑपरेशन कर डॉक्टर और महिला दलाल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि 35 हजार रुपए लेकर भ्रूण का लिंग बताया जा रहा था। सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में सामने आया कि सेंटर संचालिका डॉ. नीना सक्सेना और महिला दलाल पूजा सागर मिलकर गर्भवती महिलाओं को भ्रूण लिंग जांच की सुविधा उपलब्ध करा रही थीं। डिकॉय गर्भवती महिला को दलाल पूजा सागर के जरिए सेंटर तक पहुंचाया गया। जांच के दौरान डॉक्टर ने साफ शब्दों में कहा— “पहले पैसे दो, फिर बताऊंगी।” इसके बाद रुपए लेने पर डॉ. नीना ने गर्भ में ‘बेटा’ होने की जानकारी दी और भ्रूण को स्वस्थ बताया। जैसे ही गर्भवती महिला ने बाहर आकर टीम को तयशुदा इशारा किया, मौके पर मौजूद पीसीपीएनडीटी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए डॉक्टर और दलाल को हिरासत में ले लिया। एएसपी डॉ. हेमंत जाखड़ ने बताया कि सूचना मिली थी कि उदयपुर जिले में दलाल गर्भवती महिलाओं को अलग-अलग अल्ट्रासाउंड और IVF सेंटर्स में ले जाकर भ्रूण लिंग परीक्षण करवा रहे हैं। रेकी में सूचना सही पाई गई, जिसके बाद पूरी योजना बनाकर डिकॉय ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। कार्रवाई के दौरान सेंटर से आवश्यक दस्तावेज जब्त कर सील कर दिए गए हैं। पीबीआई थाना पुलिस अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एमडी डॉ. अमित यादव ने कहा कि भ्रूण लिंग चयन जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। इस कार्रवाई के बाद उदयपुर सहित आसपास के इलाकों में अवैध भ्रूण लिंग निर्धारण के धंधे से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि PCPNDT एक्ट का उल्लंघन करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
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