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August 4, 2024
हरियाली अमावस्या के मौके पर धार्मिक नगरी पुष्कर में हजारो श्रदालुओ ने पवित्र सरोवर में आस्था की डुबकी लगाकर पूजा अर्चना की । दिनभर सरोवर के तट पर पितृ कार्य और धार्मिक अनुष्ठान चलते रहे। किसी ने अपने पूर्वजो की आत्मशांति के लिए पिंडदान किये तो किसी ने पितरों को तर्पण देकर उनके निमित्त ब्राह्मणो को भोजन करवाकर यथाशक्ति दान -पूण्य किया ।
अमावस्या के अवसर पर पितृ कार्य का पुष्कर में मिलता है कोटि गुना फल
पुष्कर के तीर्थ पुरोहित दिलीप के अनुसार हरियाली अमावश्या के अवसर पर तीर्थराज पुष्कर में स्नान और दान पुण्य करने का विशेष महत्व है । अमवस्या के दिन जो भी श्रदालु पवित्र सरोवर में स्नान कर पितरो का तर्पण करता है उसको मानसिक और शारीरिक पीडाओ से मुक्ति मिलती है । इन्ही मान्यताओ के चलते सरोवर के घाटो पर दिन भर श्रदालुओ का मेला लगा रहा । वही मंदिरो और बाजारों में भी दिनभर रौनक बनी रही ।
कांवड़ियों ने सरोवर का जल लेकर किया मंदिरों की ओर प्रस्थान
भगवान महादेव के पावन सावन महीने में कावड़िया अलग-अलग स्थान से पुष्कर सरोवर का जल लेकर अपने शिव मंदिर में जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं । अजमेर के प्रसिद्ध मराठा कालीन मंदिर झरनेश्वर महादेव समिति की ओर से भी आज कावड़ यात्रा निकाली गई। समिति के पदाधिकारी ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सैकड़ो की संख्या में कावड़िया पुष्कर सरोवर पहुंचे और उन्होंने वाराह घाट से पवित्र जल लेकर कावड़ यात्रा शुरू की।