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December 12, 2022
भारतीय संस्कृति के प्रति विदेशी पर्यटकों का रुझान बढ़ता ही जा रहा है। सात समुंदर पार से आने वाली विदेशी पर्यटक महज मौज मस्ती और पर्यटन के लिहाज से ही पुष्कर नहीं आते अपितु पुष्कर का आध्यात्मिक माहौल कई बार पर्यटकों को पुष्कर की ओर आकर्षित कर लेता है । इसी का उदाहरण रविवार शाम तीर्थ नगरी पुष्कर में देखने को मिला। जहां मेक्सिको से आए 18 सदस्य पर्यटको ने पुष्कर सरोवर के वराह घाट के पास पूजा अर्चना हवन यज्ञ किया।
मेक्सिको से आए 18 सदस्य विदेशी पर्यटकों के दल को पुष्कर की यात्रा पर लेकर आए टूरिस्ट गाइड गोविंद पाराशर ने बताया कि इन विदेशी पर्यटको का भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म मान्यताओं के प्रति विशेष लगाव है। इसी के चलते इन पर्यटकों ने गोविंद पाराशर से सरोवर पर अपने पूर्वजों के निमित्य तर्पण और पूजा अर्चना का आग्रह किया। जिसके चलते सरोवर के वराह घाट पर इन पर्यटको ने पूजा अर्चना और तर्पण यज्ञ किया। पर्यटकों का मानना था कि पुष्कर पित्र कार्य के लिए सर्वोत्तम स्थान है। इन्हीं मान्यताओं के चलते मेक्सिको के पर्यटको ने अपने पूर्वजों को याद किया।
पुष्कर के स्थानीय तीर्थ पुरोहित दिलीप पाराशर ने बताया कि पुष्कर तीर्थ की महिमा पुराण और धार्मिक ग्रंथों में वर्णित है। इसी महत्व के चलते रवि पुष्य नक्षत्र के अवसर पर विदेशी पर्यटक ओने पुष्कर सरोवर के जल से अपने पितरों की आत्मा शांति के लिए तर्पण किया । तर्पण के बाद सभी 18 विदेशी पर्यटको ने आत्म कल्याण की भावना के साथ बड़े श्रद्धा भाव से यज्ञ में आहुति डाली। करीब 2 घंटे चले यज्ञ के दौरान सभी विदेशी पर्यटक आध्यात्मिक रंग में रंगे नजर आए।
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