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December 12, 2022
गरीब मजबूर महिलाओं को लोन देकर परेशान और प्रताड़ित करने का मामला
पीड़ित महिलाएं न्याय और सुरक्षा के लिए दर दर की ठोकरें खाने को हैं मजबूर
हम सभी महिलाओं ने श्री क्रेडिट स्कोर ऑपरेटिंग सोसाइटी से लोन लिया था। जिसके एवज में हमने अपनी फॉर्मेलिटी और सिक्योरिटी चेक जमा कराए थे। श्री सोसाइटी ने हमें एक कार्ड दिए थे जिसमें वह लोग लॉकडाउन से पहले हमारी किस्तों की एंट्री करते थे। लॉकडाउन बाद हम नियमित तिथि पर किस्त नहीं दे पाते थे थोड़े दिन आगे पीछे देते थे तो वह लोग हमारे कार्ड पर एंट्री नहीं करते थे। अगले महीने जब हम उनसे कहते थे तो हमें आश्वासन देते थे कि आप हम पर भरोसा रखो आप की किस्ते जमा हो रही हैं। बीएम विशाल माथुर से हमने संपर्क किया तो उन्होंने भी हमें आश्वासन दिया की आप की किस्त जमा हो रही हैं। जब हमने फॉर्म क्लोज करवाकर लोन पूरा किया तो घर से पेमेंट ले जाने के बावजूद हमारा लोन क्लोज नहीं किया और हमारा सिक्योरिटी चेक बैंक में लगा दिया और हमारे सिक्योरिटी चेक का दुरुपयोग किया। अब हम थाने पुलिस में जाते हैं तो पुलिस वाले हमसे सबूत मांगते हैं। क्या आपने किस्त जमा कराई उसका सबूत दो और सबूत हमें उन्होंने दिया नहीं और रिकॉर्ड में पुलिस बोलती है कि उनके रिकॉर्ड में जो चढ़ा है वही सही है। तो उनके रिकॉर्ड में तो उन्होंने जो चढ़ाएंगे वही आएगा। हमारे पास बहुत सारे गम है पर वह कोई मान नहीं रहा है हम यह चाहते हैं कि प्रशासन और मीडिया हमारा साथ दें और श्री सोसायटी जैसी धोखाधड़ी करने वाली सोसायटी फ्रॉड सोसायटी बंद होनी चाहिए ।
हम पूरी जनता को कहना चाहते हैं की ऐसी फ्रॉड सोसायटी से बचें।
महिला जिसका नाम रुबीना है व उसके देवर आसिफ का लोन था जिसकी किश्त यह महिला देकर जाती थी। जब वह आज अजमेर छोड़कर कहीं और रहने चला गया तो यह लोग उस रुबीना को परेशान करने लगे। वहीं रुबीना कहती के मेरा लोन थोड़ी है आसिफ का लोन है आप उसको बोलो तो इसके घर जाकर गाली-गलौज करते हैं। अंकुर शर्मा और किरण गाली-गलौज करते हैं,फिर एक दिन उसने बीएम विशाल माथुर से मदीना की बात कराई और रूबीना को इन्होंने आश्वासन में लेकर बैंक बुलाया की अभी आ जाओ एक फार्म पर साइन कर दो, तो हम आपके घर नहीं आएंगे। तो पता चला दूसरे महीने वह जो आसिफ का लोन था वह इसके नाम पर कर दिया और अब इससे किश्त वसूलने की धमकी दे रहा है कि तुम लोन भरो।
ऐसे में लाचार पीड़िता न्याय की आस में दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर है ।
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