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November 28, 2022
महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की 132 वी पुण्यतिथि आज 28 नवंबर सोमवार को तीर्थ नगरी पुष्कर के निर्माणाधीन ज्योतिबा माता सावित्रीबाई फुले सर्किल पर मनाई गई। महात्मा ज्योतिबा फुले माता सावित्रीबाई फुले विकास समिति के तत्वाधान में आयोजित हुए कार्यक्रम के दौरान उपस्थित समाज बंधुओं और गणमान्य अतिथियों ने महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई फुले के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया।
महात्मा ज्योतिबा फुले राष्ट्रीय जागृति मंच के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ताराचंद गहलोत ने श्रद्धाजंलि सभा एवं विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुये कहा कि महात्मा ज्योतिबा फूले समाज में शैक्षणिक क्रांति लाने के साथ ही महिला शिक्षा के प्रबल समर्थक थे। महात्मा फूले के प्रयासों से बालिका शिक्षा का विकास संभव हो सका है। उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाते हुए उनका अनुसरण करना चाहिए। समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय सैनी ने कहा कि महात्मा फुले के विचार आज भी प्रासंगिक है। युवा पीढ़ी से समाज में व्याप्त बुराईयों को जड़ से मिटाने का भी आव्हान किया।
महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फूले व भारत की पहली महिला शिक्षिका माता सावित्रीबाई फुले दोनों की साथ में प्रतिमा लगाने के लिए 20- अगस्त- 2020 को आवेदन किया था। इसमें गनाहेड़ा तिराहे पर जमीन चिन्हित की गई। जिसमें नगर पालिका बोर्ड ने प्रस्ताव प्रारित किया था। जिसको लेकर विभागों ने एनओसी दी । जिस पर संभागीय आयुक्त स्तर पर गठित समिति की बैठक 13 अप्रेल 2022 को आयोजित कर इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी जा चुकी है । बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुसार पूर्व निर्धारित नक्शे के अनुसार नगर पालिका अधिशाषी अधिकारी द्वारा गनाहेड़ा तिराहे पर उक्त जमीन उपलब्ध करवाई गई। जमीन का स्वामित्व सरकार का होगा। स्थापित मूर्ति व जमीन की देखरेख ओर सुरक्षा महात्मा ज्योतिबा फुले राष्ट्रीय जागृति मंच के जिम्मे रहेगी।मंच के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ताराचंद गहलोत ने बताया कि लगभग 3 लाख रुपये की लागत से अष्टधातु की मूर्ति का निर्माण करवाया गया है। जमीन पर सुरक्षा हेतु चार दिवारी ओर राहगीरों के लिये पेयजल व्यवस्था करवाई जाएगी । गहलोत ने बताया कि आगामी दिसम्बर माह में मूर्तियो का अनावरण किया जाएगा।
इस अवसर पर बांसेली सरपंच ओमप्रकाश पंवार,रूपचंद मारोठिया,जयनारायण दग्दी, मगनीराम अजमेरा, पुखराज दगदी, हनुमान प्रसाद सिंगोदिया, संजय दग्दी,राजेंद्र महावर, सूरज दगदी, नंद किशोर कुंवाल, सुरेंद्र सिंह भाटी, पूनमचंद सतरावला, दामोदर मुखिया, जगदीश कुर्डिया, रविंद्र नागोरा, बंटी गहलोत, टीकम चंद चौहान ,अरुण सतरावला,सीताराम सत रावला,सर्वेश्वर शास्त्री सहित अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
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