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November 2, 2022
रेतीले धोरों की नगरी पुष्कर में धार्मिक मेले के आगाज के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का हुआ आयोजन
पुष्कर मेला मैदान पर राजस्थानी लोक नृत्य और लोकगीतों की बिखरी छटा
पुष्कर में धार्मिक मेले के आगाज के साथ ही मंगलवार को मेला मैदान पर राजस्थानी लोक नृत्य व लोकगीतों की छटा बिखेरी गई। देसी विदेशी पर्यटकों ने इस शानदार प्रस्तुति का जमकर लुत्फ उठाया।
राजस्थानी लोकगीतों ने धोरों की धरती को लोक संस्कृति के रंग से सराबोर कर दिया। कलाकारों ने आ तो सुरगा ने सरमावे ई पर देव रमण नहीं आवे गीत की शानदार प्रस्तुति पर जोरदार नृत्य किया, वहीं चरी नृत्य भी आकर्षण का केंद्र रहा। कार्तिक मास में फाल्गुन का नजारा ब्रज की होली खूब सराहा गया। इसके अलावा मयूर नृत्य और कृष्ण राधा रास ने भी तीर्थ नगरी पुष्कर में मथुरा वृंदावन का एहसास करा दिया।
लोक गायिका सीमा मिश्रा ने चिरमी रा, टूटे बाजूबंद री लूम, मत बाओ म्हारा बालम जैसे गीतों की प्रस्तुति देकर देशी-विदेशी पर्यटकों को झूमने पर मजबूर कर दिया
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