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October 14, 2022
गुुुरुवार को तीर्थ नगरी पुष्कर में करवाचैथ का पर्व उमंग उल्लास और परंपरा के साथ मनाया गया। सुहागिनों सहित नवविवाहिताओं और युवतियों ने निर्जला व्रत कर पति, परिवार की दीर्घायु सहित सुख समृद्धि की कामना की। इस दिन महिलाएं सोलह सिंगार कर अपने रूप को निखारने के जतन करती हैं। धार्मिक नगरी पुष्कर में महिलाओं को साज सवार को देखकर सात समुंदर पार से आई विदेशी पर्यटका अपने आप को रोक नहीं सकी । उन्होंने भी भारतीय संस्कृति के अनुरूप करवा चौथ के महत्व को समझ कर अपने आप को सजाने संवारने के लिए ब्यूटी पार्लर का रुख किया। जर्मनी की रहने वाली आना बताती है कि उन्हें पुष्कर में करवा चौथ व्रत के संबंध में जानकारी मिली। तो उन्होंने अपने होने वाले पति ईडन के लिए करवा चौथ का व्रत रखने का निर्णय लिया। जिसके लिए सबसे पहले आना ब्यूटी पार्लर पहुंची। पालक संचालिका ज्योति कुमावत ने बताया कि आना ने हाल ही में ईडन के साथ सगाई की है। महिलाओं को सजते सवरते देख आना ने ज्योति से करवा चौथ के महत्व को जाना । और भारतीय परंपराओं के अनुरूप करवा चौथ का व्रत रखा। दरअसल जर्मन मूल की आना की 1 साल पहले जर्मनी के ईडन से सगाई कर चुकी है । और उसे भारतीय परंपराओ ओर संस्कृति से बड़ा लगाव रहा है । इसी के चलते आना पहली बार अपने पति ईडन के लिये करवाचौथ का व्रत रख रही है । गौरतलब है कि कस्बे भर में सुहागिन महिलाओ ने शिव और माँ गोरी की पूजा अर्चना कर पति की लंबी उम्र मांगते हुए महिलाओं ने पूरे दिन निराहर, निर्जला व्रत रखा और रात को चंद्र भगवान के दर्शन कर अपने उपवास को खोला। रात में जैसे ही चांद नजर आया। सुहागिनों ने छलनी में से चंद्र के दर्शन किये। पति ने अपनी अर्द्धग्नियों को जल पिलाकर उनका उपवास खुलवाया।
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