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August 28, 2022
श्री निर्मल धाम झूला मोहल्ला अजमेर में सदगुरु स्वामी माधवदास साहिब का 14वां वार्षिक महोत्सव 26 अगस्त शुक्रवार से 28 अगस्त रविवार तक बड़े ही हर्षोल्लास व धूमधाम से मनाया गया। गद्दीनशीन स्वामी आत्मदास उदासीन ने श्री सद्गुरुदेव माधवदास जी के 14वें वार्षिक उत्सव के उपलक्ष में अपने प्रवचनों में बताया कि, 84 लाख योनियों के बाद यह मनुष्य जीवन प्राप्त होता है उसको सफल बनाने के लिए मनुष्य को अपने रोजमर्रा के कार्यक्रम से परमात्मा के लिए कुछ समय निकाल कर नाम सिमरन एवं सत्संग सुनना चाहिए क्योंकि अन्त समय में जब बुलावा आता है तो यहीं इकठ्ठा किया हुआ खजाना काम आता है बाकी सब यहीं छोड़ कर जाना पडता है । मंदिर सेवाधारी नरेन्द्र बसरानी ने बताया कि रीवा शहर मध्यप्रदेश से पधारे स्वामी हंसदास उदासी एवं स्वामी सरुपदास उदासी मण्डली ने अपने प्रवचनों में एकादशी का प्रसंग लेते हुए बताया कि एकादशी का व्रत रखकर अपने को अहोभाग्य न समझ कर जब तक अपना वृत प्रभु में नहीं लगायेगें तब तक वृत आदि रखने का कोई औचित्य नहीं है साथ ही स्वामी माघवदास द्वारा रचित रुहानी रस भजन संग्रह के चुने हुए भजन गाकर उपस्थित साध संगत को झूमने नाचने पर मजबूर कर दिया। इस अवसर पर भारतीय सिंधु सभा के महेन्द्र तीर्थाणी, महेश टेकचंदानी, मुम्बई से पधारे ईश्वरदास लालवानी, लधाराम नागवानी तथा गोरधन मोटवानी, कौशल्या कुन्दनानी, रानी गिदवानी आदि महानुभाव उपस्थित रहे। उत्सव की समाप्ति रविवार को अखण्ड पाठ साहब के भोग साहिब के साथ हुई।इस मौके पर सभी को प्रसादी वितरित की गई।
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