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August 14, 2022
अखंड सुहाग व सौभाग्य की मंगल कामना के साथ भाद्रपद कृष्ण पक्ष की तृतीया को सातुड़ी तीज का पर्व विवाहिताओं द्वारा बड़े श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर महिलाओं ने निर्जला व्रत रखें, हाथों में मेहंदी रचाई और सोलह श्रृंगार कर तीज माता की कहानी सुनी और मंगल गीत गाए। विवाहिताओं ने बताया कि पूरे दिन निर्जला व्रत रखते हुए रात को चंद्र भगवान को अर्घ्य देने के पश्चात व्रत खोला जाता है। पीपलेश्वर महादेव मंदिर में सीमा शर्मा और पंडित राजू शर्मा के सानिध्य में ने सिंधी समाज की टीजरी पूजा में सुहागनो ने अपने पति ,भाईयो , बेटो के लम्बी उम्र व देश में खुशहाली की कामना की। सुबह तीज माता का हिंदोला पूजन किया और उसके बाद निर्जल व्रत रख कर तीज माता की पूजा की गई। संध्या काल में कथा सुनकर रात्रि को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत को समापन किया।
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