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July 10, 2022
केसर गंज स्थित गंगेश्वर महादेव मंदिर के ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण कुमार शर्मा ने बताया कि रविवार से 4 महीने के लिए समस्त मांगलिक कार्यों पर प्रतिबंध लग गया है। देव शयनी एकादशी यानी रविवार से चातुर्मास प्रारंभ हो गए। इसी के साथ चार महीनों तक के लिए हर तरह के मांगलिक कार्यों पर प्रतिबंध लग गया है।उन्होंने बताया कि हालांकि इस दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए जा सकेंगे। देव शयनी एकादशी से चातुर्मास प्रारंभ होते हैं और इनकी समाप्ति कार्तिक शुक्ल एकादशी यानी कि देव उठनी ग्यारस से हो जाती है। श्रावण मास, भाद्रपद, अश्विन और कार्तिक 4 महीने तक भक्ति तप और साधना की जाती है। इस दौरान साधु संत यात्राएं बंद कर आश्रम, मंदिर अथवा मुख्य स्थानों पर रहकर आराधना करते हैं। शुक्रवार 8 जुलाई को भडल्या नवमी होने से जिले भर में काफी शादियां हुई। देवशयनी एकादशी से पहले अंतिम सावा होने की वजह से सबसे अधिक शादी समारोह हुए। हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी से देव शहर प्रारंभ हो जाता है इस दौरान भगवान विष्णु भगवान शिव और मां दुर्गा सहित देवी देवताओं की आराधना का विशेष महत्व है। कार्तिक शुक्ल एकादशी यानि देवउठनी ग्यारस 4 नवंबर को हैं और उसी के साथ वैवाहिक व मांगलिक कार्य प्रारंभ होंगे।
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