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July 3, 2022
जीवन में लक्ष्य हमेशा ऊंचे रखने चाहिए एवं लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए ईमानदारी पूर्वक सतत प्रयास करने से ही सफलता अर्जित होती है। शिक्षा का क्षेत्र हो, खेल का क्षेत्र हो या अपनी भाषा एवं संस्कृति को संजोए रखने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया हो ,कोशिश हमेशा ईमानदारी पूर्वक प्रयास करने की होनी चाहिए। यह विचार सिंधी सेंट्रल समाज के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मण दास गुरनानी ने राजस्थान सिंधी अकादमी जयपुर व ब्यावर सिंधी सेंट्रल समाज द्वारा संचालित 1 जून से 30 जून तक आयोजित अचो त सिंधी सिखूं शिविर के समापन समारोह कार्यक्रम में व्यक्त किए। सिंधी सेंट्रल समाज के संरक्षक हरि किशन तिलोकानी ने बढ़ती हुई सांस्कृतिक प्रदूषणता पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने समाज में घटती हुई निज भाषा के उपयोग न करने पर भी चिंता प्रकट की। सिंधी शिक्षा विद्यार्थी मित्र संस्था की श्रीमती भावना खुबानी ने बताया कि इस अवसर पर सिंधी शिक्षा मित्र कमल सुंदर चचलानी ने युवा पीढ़ी में अपनी मातृभाषा में बढ़ती लोकप्रियता पर हर्ष व्यक्त किया उन्होंने कहा कि निसंदेह आजादी पश्चात हम रोजी रोटी एवं मकान की तलाश में रहे जिससे अपनी मातृभाषा से दूर हो गए लेकिन वर्तमान समय में सुनहरा मौका आन पड़ा है जब राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से अपनी अपनी मातृभाषा सीखने एवम सिखाने का दायित्व विभिन्न सामाजिक संगठनों को दिया जा रहा है। कार्यक्रम में खुशबू शिवानी, डिंपल तिलोकानी, दामिनी खटनानी, नंदिनी भोजवानी, दीपिका खूबचंदानी, भव्या, सिमरन छत्तानी, स्वाति लालवानी ,मिश्री फुलवानी, एकलव्य दुलानी ,नेहा दुलानी आदि अनेक विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर समापन कार्यक्रम में समा बांध दिया इस अवसर पर रितु टावरानी ,श्रीमती भावना खुबानी, श्रीमती रश्मि लालवानी व पूजा कांजनी के विशेष सहयोग पर उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया कार्यक्रम का संचालन सानिया खुबानी ने किया तथा धन्यवाद कमल सुंदर चचलानी ने ज्ञापित किया।
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