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February 24, 2021
उदयपुर। लोकानुरंजन मेले के दूसरे दिन मंगलवार को राजस्थान के लोक एवं आदिम नृत्यों के साथ देश के विभिन्न प्रदेशों से आए लोक नृत्यों की धूम रही। इधर, शिल्पकारों द्वारा सजाई गई दुकानों पर विशेष भीड़ रही। भारतीय लोक कला मण्डल के निदेशक डॉ. लईक हुसैन ने बताया कि शिल्प मेले में भारत के विभिन्न राज्यों से आए लगभग 60 शिल्पियों ने प्रदर्शनी लगाई है। मेले में राजसमंद जिले के मोलेला गांव से शिल्पी आए हैं। मेले में इस बार मिट्टी से बनी मूर्तियों के अलावा पानी के जग, मटके, हांडी, खिलौने, कप-प्लेट, साजसज्जा के आईटम आकर्षण का केन्द्र बने हुए है। छीपा जाति के लोगों द्वारा पारम्परिक रूप से कपड़े पर ब्लॉक प्रिंट का कार्य किया जाता रहा है। पारम्परिक रूप से यह लोग ग्रामीण महिलाओं की चूंदडी, लहंगा और पुरूषों की पगड़ी/फेटा बनाते है। मेले में ब्लॉक प्रिंट कि चद्दर, बेड शीट, सलवार कुर्ता आदि आमजन द्वारा पसंद किए जा रहे है।
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