For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 119715457
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: सरकारी मंच से सियासी प्रहार, विकास पर सन्नाटा – अजमेर दौरे पर पीएम मोदी को लेकर धर्मेंद्र राठौड़ का हमला |  Ajmer Breaking News: युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहित मल्होत्रा सहित युवा कांग्रेसियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अजमेर यात्रा का विरोध करने की सजा, |  Ajmer Breaking News: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अजमेर दौरा,हम सत्ता भाव से नहीं, संवेदनशीलता से करते हैं काम, डबल इंजन सरकार.राजस्थान विकास के नए पथ पर अग्रसर, वादों को तेजी के साथ पूरा कर रही राज्य सरकार-  नरेन्द्र मोदी |  Ajmer Breaking News: अजमेर मंडल पर 69वां एवं 70वां संयुक्त रेल सेवा पुरस्कार समारोह दिनांक 27.02.2026 को  रेलवे ऑफिसर्स क्लब, कचहरी रोड अजमेर में मनाया गया । |  Ajmer Breaking News: फाल्गुनी लक्खी मेले पर अजमेर में निकाली गई विशाल निशान यात्रा , श्याम भक्तों का उमडा जन सैलाब, ईत्र एवं गुलाब के फूलों से खेली होली |  Ajmer Breaking News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा से पहले अजमेर में सियासी हलचल तेज, मोदी के आगमन पर यूथ कांग्रेस द्वारा काले झंडे दिखाने की चेतावनी, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष मोहित मल्होत्रा को उनके घर से लिया गया हिरासत में |  Ajmer Breaking News: 28 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अजमेर में आयोजित होने वाली जनसभा के मध्य नजर अजमेर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा कड़ी, |  Ajmer Breaking News: भारत सरकार में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस केबिनेट मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम एपिस्टन फाइल में आने के बाद पूरे देश भर में विरोध जारी है। |  Ajmer Breaking News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अजमेर यात्रा से पहले अजमेर शहर जिला भाजपा व महिला मोर्चा में उत्साह का माहौल,  |  Ajmer Breaking News: भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा द्वारा चाय चौपाल का आयोजन, चाय चौपाल के दौरान युवाओं में जोश भरने का किया गया काम, भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में युवा हुए शामिल  | 

विशेष: भारत में संविधान दिवस

Post Views 11

November 26, 2020

अम्बेडकर को भारत के संविधान का जनक कहा जाता है।

भारत में संविधान दिवस
भारत में 26 नवम्बर को हर साल संविधान दिवस मनाया जाता है, क्योंकि वर्ष 1949 में 26 नवम्बर को संविधान सभा द्वारा भारत के संविधान को स्वीकृत किया गया था जो 26 जनवरी 1950 को प्रभाव में आया। डॉ. भीमराव अम्बेडकर को भारत के संविधान का जनक कहा जाता है।

भारत की आजादी के बाद काग्रेस सरकार ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर को भारत के प्रथम कानून मंत्री के रुप में सेवा करने का निमंत्रण दिया। उन्हें 29 अगस्त को संविधान की प्रारुप समिति का अध्यक्ष बनाया गया। वह भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार थे और उन्हें मजबूत और एकजुट भारत के लिए जाना जाता है।

भारतीय संविधान का पहला वर्णन ग्रानविले ऑस्टिन ने सामाजिक क्रांति को प्राप्त करने के लिये बताया था। भारतीय संविधान के प्रति बाबा साहेब अम्बेडकर का स्थायी योगदान भारत के सभी नागरिकों के लिए एक बहुत मददगार है। भारतीय संविधान देश को एक स्वतंत्र कम्युनिस्ट, धर्मनिरपेक्ष स्वायत्त और गणतंत्र भारतीय नागरिकों को सुरक्षित करने के लिए, न्याय, समानता, स्वतंत्रता और संघ के रूप में गठन करने के लिए अपनाया गया था।

जब भारत के संविधान को अपनाया गया था तब भारत के नागरिकों ने शांति, शिष्टता और प्रगति के साथ एक नए संवैधानिक, वैज्ञानिक, स्वराज्य और आधुनिक भारत में प्रवेश किया था। भारत का संविधान पूरी दुनिया में बहुत अनोखा है और संविधान सभा द्वारा पारित करने में लगभग 2 साल, 11 महीने और 17 दिन का समय ले लिया गया।


भारतीय संविधान की विशेषताओं में से कुछ निम्नलिखित हैं:

यह लिखित और विस्तृत है।

यह लोकतांत्रिक सरकार है - निर्वाचित सदस्य।

मौलिक अधिकार,

न्यायपालिका की स्वतंत्रता, यात्रा, रहने, भाषण, धर्म, शिक्षा आदि की स्वतंत्रता,

एकल राष्ट्रीयता,

भारतीय संविधान लचीला और गैर लचीला दोनों है।

राष्ट्रीय स्तर पर जाति व्यवस्था का उन्मूलन।

समान नागरिक संहिता और आधिकारिक भाषाएं,

केंद्र एक बौद्ध Ganrajya के समान है,

बुद्ध और बौद्ध अनुष्ठान का प्रभाव,

भारतीय संविधान अधिनियम में आने के बाद, भारत में महिलाओं को मतदान का अधिकार मिला है।

दुनिया भर में विभिन्न देशों ने भारतीय संविधान को अपनाया है।

पड़ोसी देशों में से एक भूटान ने भी भारतीय लोकतांत्रिक प्रणाली को स्वीकार कर लिया है।

हम संविधान दिवस को क्यों मनाते है
भारत में संविधान दिवस 26 नवंबर को हर साल सरकारी तौर पर मनाया जाने वाला कार्यक्रम है जो संविधान के जनक डॉ भीमराव रामजी अम्बेडकर को याद और सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। भारत के लोग अपना संविधान शुरू करने के बाद अपना इतिहास, स्वतंत्रता, स्वतंत्रता और शांति का जश्न मनाते है।

संविधान दिवस भारत के संविधान के महत्व को समझाने के लिए प्रत्येक वर्ष 26 नवंबर के दिन मनाया जाता है। जिसमें लोगो को यह समझाया जाता है कि आखिर कैसे हमारा संविधान हमारे देश के तरक्की के लिए महत्वपूर्ण है तथा डॉ अंबेडकर को हमारे देश के संविधान निर्माण में किन-किन कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।

आजादी के पहले तक भारत में रियासतों के अपने अलग-अलग नियम कानून थे, जिन्हें देश के राजनितिक नियम, कानून और प्रक्रिया के अंतर्गत लाने की आवश्यकता थी। इसके अलावा हमारे देश को एक ऐसे संविधान की आवश्कता थी। जिसमें देश में रहने वाले लोगों के मूल अधिकार, कर्तव्यों को निर्धारित किया गया हो ताकि हमारा देश तेजी से तरक्की कर सके और नयी उचाइयों को प्राप्त कर सके। भारत की संविधान सभा ने 26 जनवरी 1949 को भारत के संविधान को अपनाया और इसके प्रभावीकरण की शुरुआत 26 जनवरी 1950 से हुई।

संविधान दिवस पर हमें अपने अंदर ज्ञान का दिपक प्रज्जवलित करने की आवश्यकता है ताकि हमारी आने वाली पीढ़ीयों को हमारे देश के संविधान के महत्व को समझ सके, जिससे की वह इसका सम्मान तथा पालन करें। इसके साथ ही यह हमें वर्तमान से जोड़ने का कार्य करता है, जब लोग जनतंत्र का महत्व दिन-प्रतिदिन भूलते जा रहे है। यही वह तरीका जिसे अपनाकर हम अपने देश के संविधान निर्माताओं को सच्ची श्रद्धांजली प्रदान कर सकते है और लोगो में उनके विचारों का प्रचार-प्रसार कर सकते है।

यह काफी आवश्यक है कि हम अपनी आने वाली पीड़ीयो को अपने देश के स्वतंत्रता संघर्ष और इसमें योगदान देने वाले क्रांतिकारियों के विषय में बताए ताकि वह इस बात को समझ सकें की आखिर कितनी कठिनाइयों का बाद हमारे देश को स्वतंत्रता की प्राप्ति हुई है। संविधान दिवस वास्तव में वह दिन है जो हमें हमारे ज्ञान के इस दीपक को हमारे आने वाली पीढ़ीयों तक पहुंचाने में हमारी सहायता करता है।

भारत में संविधान दिवस कैसे मनाया जाता है
संविधान दिवस वह दिन है, जब हमें अपने संविधान के विषय में और भी ज्यादे जानने का अवसर प्राप्त होता है। इस दिन सरकारी तथा नीजी संस्थानों में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किये जाते है। संविधान दिवस के दिन जो सबसे महत्वपूर्ण कार्य किया जाता है वह है लोगो को “भारत के संविधान के प्रस्तावना” की जानकारी देना, जिसके विषय में देशभर के विद्यालयों, कालेजों और कार्यलयों में समूहों द्वारा लोगो काफी आसान भाषा में समझाया जाता है।

इसके साथ ही विद्यालयों में कई तरह के प्रश्नोत्तर प्रतियोगिताएं, भाषण और निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती है, जो भारत के संविधान और डॉ भीमराव अंबेडकर के उपर केंद्रित होती हैं। इसके साथ ही इस दिन कई सारे व्याख्यानों और सेमिनारों का भी आयोजन किया जाता है, जिनमें हमारे संविधान के महत्वपूर्ण विषयों के बारे में समझाया जाता है। इसी तरह कई सारे विद्यालयों में छात्रों के लिए वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाता है, जिसमें छात्रों द्वारा कई सारे विषयों पर चर्चा की जाती है।

प्रत्येक वर्ष 26 नवंबर के दिन संविधान सभा का विशेष सत्र बुलाया जाता है, जिसमें सभी राजनैतिक पार्टियों द्वारा डॉ बी. आर. अंबेडकर को देश के संविधान निर्माण में अपना अहम योगदान देने के लिए उन्हें श्रद्धांजलि प्रदान करते है। इसी तरह आज के दिन डॉ अंबेडकर के स्मारक पर भी विशेष साज-सजावट की जाती है। इसके साथ ही इस दिन खेल मंत्रालय द्वारा हमारे देश के संविधान निर्माता और सबके प्रिय डॉ भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि प्रदान करने के लिए मिनी मैराथनों का आयोजन किया जाता है।

संविधान दिवस को और भी प्रभावशाली तरीके से मनाने के लिए सुझाव
हमें संविधान दिवस को ऐसा दिन नही समझना चाहिए, जिसे सिर्फ सरकार और राजनैतिक पार्टियों द्वारा मनाना चाहिए। अपने देश का एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते, यह हमारा कर्तव्य है कि हम इस दिन को पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाये और यहीं हमारे देश के संविधान निर्माताओं को हमारे ओर से दी जा सकने वाली सच्ची श्रद्धांजलि होगी। यह मात्र हमारा कर्तव्य ही नही बल्कि की हमारा दायित्व भी है कि हम इस दिन को राष्ट्रीय पर्व के रुप में मनाये


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved