For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 127048859
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: पति पत्नी का अपहरण कर पति से मारपीट करने और दांतली से नाक काटने के साथ उसका वीडियो बनाकर वायरल करने के मामले में जिला न्यायालय ने आठ आरोपियों को सुनाई सजा, |  Ajmer Breaking News: 16 साल से फरार चल रहे हत्या के आरोपी को जिला पुलिस ने पकड़ने में हासिल की कामयाबी, पुलिस अधीक्षक ने किया मामले का खुलासा |  Ajmer Breaking News: पुष्कर घाटी बस हादसे में घायल लोगों से मिलने पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, |  Ajmer Breaking News: अजमेर पुलिस को मिली बड़ी सफलता, अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश, |  Ajmer Breaking News: पुष्कर घाटी,अजमेर में अनियंत्रित होकर बस खाई में गिरने की दुखद सूचना |  Ajmer Breaking News: विधानसभा अध्यक्ष देवनानी के आदेश बेअसर—अजमेर में खुलेआम मटन-चिकन बिक्री, सूचना केंद्र चौराहे पर जाम से लोग परेशान |  Ajmer Breaking News: अजमेर से पीसांगन मायरा भरने जा रही सवारियों से भरी बस पुष्कर घाटी से खाई में गिरी, एक महिला की मौत  |  Ajmer Breaking News: राजस्थान सर्व ब्राह्मण महासभा अजमेर के द्वारा भगवान परशुराम जन्मोत्सव के दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत आज रविवार को विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। |  Ajmer Breaking News: अजमेर में ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार |  Ajmer Breaking News: अक्षय तृतीया पर आस्था का सैलाब: 500 साल पुरानी परंपराओं से गूंजा पुष्कर,बद्रीनाथ से जुड़ा पुष्कर: अक्षय तृतीया पर दिखी अद्भुत श्रद्धा | 

विशेष: भैया दूज की कथा ,महत्व एवं पूजन विधि

Post Views 91

October 30, 2020

बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी आयु और सुख समृद्धि की कामना करती हैं

                                                       

  भाई दूज

भाई दूज कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाया जाने वाला पर्व है। बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी आयु और सुख समृद्धि की कामना करती हैं। भाई शगुन के रूप में बहन को उपहार भेंट करता है। भाई दूज के दिन मृत्यु के देवता यमराज का पूजन भी होता है। 


पूजन विधि

सुबह उठकर स्नान कर तैयार हो जाएं। सबसे पहले बहन-भाई दोनों मिलकर यम, चित्रगुप्त और यम के दूतों की पूजा करें तथा सबको अर्घ्य दें। इसके बाद बहन अपने भाई को घी और चावल का टीका लगाती हैं। फिर भाई की हथेली पर सिंदूर, पान, सुपारी और सूखा नारियल यानी गोला भी रखती हैं। फिर भाई के हाथ पर कलावा बांधा जाता है और उनका मुंह मीठा किया जाता है। इसके बाद बहन अपने भाई की लंबी उम्र की कामना करती है। भाई अपनी बहन को उपहार देते हैं।

भैया दूज कथा 

भगवान सूर्य नारायण की पत्नी का नाम छाया था। उनकी कोख से यमराज तथा यमुना का जन्म हुआ था। यमुना यमराज से बड़ा स्नेह करती थी। वह उससे बराबर निवेदन करती कि इष्ट मित्रों सहित उसके घर आकर भोजया।

यमराज ने सोचा कि मैं तो प्राणों को हरने वाला हूं। मुझे कोई भी अपने घर नहीं बुलाना चाहता। बहन जिस सद्भावना से मुझे बुला रही है, उसका पालन करना मेरा धर्म है। बहन के घर आते समय यमराज ने नरक निवास करने वाले जीवों को मुक्त कर दिया। यमराज को अपने घर आया देखकर यमुना की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने स्नान कर पूजन करके व्यंजन परोसकर भोजन कराया। यमुना द्वारा किए गए आतिथ्य से यमराज ने प्रसन्न होकर बहन को वर मांगने का आदेश दिया।

यमुना ने कहा कि भद्र! आप प्रति वर्ष इसी दिन मेरे घर आया करो। मेरी तरह जो बहन इस दिन अपने भाई को आदर सत्कार करके टीका करें, उसे तुम्हारा भय न रहे। यमराज ने तथास्तु कहकर यमुना को अमूल्य वस्त्राभूषण देकर यमलोक की राह की। इसी दिन से पर्व की परम्परा बनी। ऐसी मान्यता है कि जो आतिथ्य स्वीकार करते हैं, उन्हें यम का भय नहीं रहता। इसीलिए भैयादूज को यमराज तथा यमुना का पूजन किया जाता है।



© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved