For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 116694429
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: संभाग स्तरीय अमृता हाट आयोजन समिति की बैठक आयोजित |  Ajmer Breaking News: राज्य सरकार के ग्रीन बजट के तहत अजमेर में सोलर रूफ टॉप परियोजनाओं का विस्तार |  Ajmer Breaking News: गणतन्त्र दिवस-2026,आनासागर झील पर सशस्त्र बलों द्वारा बैण्ड प्रदर्शन |  Ajmer Breaking News: कला अंकुर की स्थापना के गौरवषाली तीन दषक ,कार्यक्रम उपलब्धि का आयोजन |  Ajmer Breaking News: अजमेर मे केसरगंज स्तिथ श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जेसवाल जैन मंदिर में 19 से 21 जनवरी तक आयोजित “कमलासन पर जिनेन्द्र भगवान विराजमान एवं शिखर ध्वजारोहण समारोह” |  Ajmer Breaking News: 21 जनवरी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभाव एवं कोटपा अधिनियम की पालना में पुलिस विभाग की कार्यशाला का आयोजन,   |  Ajmer Breaking News: अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान उच्च शिक्षा द्वारा बुधवार को सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय में कर्तव्य बोध दिवस मनाया गया। |  Ajmer Breaking News: 21 जनवरी अयोध्या में भगवान श्री राम के भव्य मंदिर के लोकार्पण दिवस की पूर्व संध्या पर मंगलवार शाम घाटी वाले बालाजी मंदिर पर 71 पाउंड का राम मंदिर की आकृति वाला केक काटा गया |  Ajmer Breaking News: रेलवे कर्मचारियों की समस्या के निवारण हेतु अजमेर मण्डल, कार्मिक विभाग द्वारा मेगा कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। |  Ajmer Breaking News: अजमेर जिला जन अभियोग एवं सतर्कता समिति की बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर लोकबंधु की अध्यक्षता में आयोजित की गई। | 

विशेष: भैया दूज की कथा ,महत्व एवं पूजन विधि

Post Views 91

October 30, 2020

बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी आयु और सुख समृद्धि की कामना करती हैं

                                                       

  भाई दूज

भाई दूज कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाया जाने वाला पर्व है। बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी आयु और सुख समृद्धि की कामना करती हैं। भाई शगुन के रूप में बहन को उपहार भेंट करता है। भाई दूज के दिन मृत्यु के देवता यमराज का पूजन भी होता है। 


पूजन विधि

सुबह उठकर स्नान कर तैयार हो जाएं। सबसे पहले बहन-भाई दोनों मिलकर यम, चित्रगुप्त और यम के दूतों की पूजा करें तथा सबको अर्घ्य दें। इसके बाद बहन अपने भाई को घी और चावल का टीका लगाती हैं। फिर भाई की हथेली पर सिंदूर, पान, सुपारी और सूखा नारियल यानी गोला भी रखती हैं। फिर भाई के हाथ पर कलावा बांधा जाता है और उनका मुंह मीठा किया जाता है। इसके बाद बहन अपने भाई की लंबी उम्र की कामना करती है। भाई अपनी बहन को उपहार देते हैं।

भैया दूज कथा 

भगवान सूर्य नारायण की पत्नी का नाम छाया था। उनकी कोख से यमराज तथा यमुना का जन्म हुआ था। यमुना यमराज से बड़ा स्नेह करती थी। वह उससे बराबर निवेदन करती कि इष्ट मित्रों सहित उसके घर आकर भोजया।

यमराज ने सोचा कि मैं तो प्राणों को हरने वाला हूं। मुझे कोई भी अपने घर नहीं बुलाना चाहता। बहन जिस सद्भावना से मुझे बुला रही है, उसका पालन करना मेरा धर्म है। बहन के घर आते समय यमराज ने नरक निवास करने वाले जीवों को मुक्त कर दिया। यमराज को अपने घर आया देखकर यमुना की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने स्नान कर पूजन करके व्यंजन परोसकर भोजन कराया। यमुना द्वारा किए गए आतिथ्य से यमराज ने प्रसन्न होकर बहन को वर मांगने का आदेश दिया।

यमुना ने कहा कि भद्र! आप प्रति वर्ष इसी दिन मेरे घर आया करो। मेरी तरह जो बहन इस दिन अपने भाई को आदर सत्कार करके टीका करें, उसे तुम्हारा भय न रहे। यमराज ने तथास्तु कहकर यमुना को अमूल्य वस्त्राभूषण देकर यमलोक की राह की। इसी दिन से पर्व की परम्परा बनी। ऐसी मान्यता है कि जो आतिथ्य स्वीकार करते हैं, उन्हें यम का भय नहीं रहता। इसीलिए भैयादूज को यमराज तथा यमुना का पूजन किया जाता है।



© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved