For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 137565293
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को लेकर अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा गया। |  Ajmer Breaking News: चन्द्रबरदाई नगर स्थित अजय हाउसिंग सोसायटी में मंगलवार को एक मकान के बाहर लगे बिजली मीटर में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। |  Ajmer Breaking News: लॉरेंस बिश्नोई की तरह मेरी फोटो खींचना— पेशी के दौरान सस्पेंड ASI का बयान चर्चा में |  Ajmer Breaking News: हाई सिक्योरिटी जेल के दो हार्डकोर अपराधियों की तबीयत बिगड़ी, जेएलएन अस्पताल में कराया उपचार |  Ajmer Breaking News: मोहर्रम 2026, 1448 हिजरी, के सालाना इंतजामात को लेकर मंगलवार को अजमेर जिला कलेक्टर कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। |  Ajmer Breaking News:  प्रदेश की भजनलाल सरकार की मंशा के अनुरूप अजमेर संभाग के सबसे बड़े जवाहर लाल नेहरू अस्पताल को हाईटेक करने की दिशा में जारी कार्य अब और तेज हो रहे हैं |  Ajmer Breaking News: बिना वॆध खाद्य अनुज्ञा पत्र के चल रही सोहन हलवा बनाने की फैक्ट्री, जांच हेतु लिए नमूने, निर्माण कार्य पर लगाई रोक |  Ajmer Breaking News: विभागीय समन्वय बैठकआयोजित, जिला कलक्टर ने जनकल्याणकारी योजनाओं एवं बजट घोषणाओं में प्रगति बढ़ाने के दिए निर्देश |  Ajmer Breaking News: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2026, जेएलएन मेडिकल कॉलेज में आयोजन संबंधी व्यवस्थाओं पर हुई विस्तृत चर्चा |  Ajmer Breaking News: किशनगढ़ में जाली नोट गिरोह का पर्दाफाश, एक गिरफ्तार, दो संदिग्धों से पूछताछ जारी | 

राष्ट्रीय न्यूज़: केरल में हथिनी की हत्या पर पूरे देश में गम और गुस्सा

Post Views 61

June 4, 2020

केरल में हथिनी की हत्या पर पूरे देश में गम और गुस्सा

केरल जैसे शिक्षित राज्य में एक गर्भवती हथिनी मल्लपुरम की सड़कों पर खाने की तलाश में निकलती है। उसे अनन्नास ऑफर किया जाता है। वह मनुष्य पर भरोसा करके खा लेती है। वह नहीं जानती थी कि उसे पटाख़ों से भरा अनन्नास खिलाया जा रहा है। पटाख़े उसके मुँह में फटते हैं। उसका मुँह और जीभ बुरी तरह चोटिल हो जाते हैं। 


मुँह में हुए ज़ख्मों की वजह से वह कुछ खा नहीं पा रही थी। गर्भ के दौरान भूख अधिक लगती है। उसे अपने बच्चे का भी ख़याल रखना था। लेकिन मुँह में ज़ख्म की वजह से वह कुछ खा नहीं पाती है। घायल हथिनी भूख और दर्द से तड़पती हुई सड़कों पर भटकती रही। इसके बाद भी वह किसी भी मनुष्य को नुक़सान नहीं पहुँचाती है, कोई घर नहीं तोड़ती। पानी खोजते हुए वह नदी तक जा पहुँचती है। मुँह में जो आग महसूस हो रही होगी उसे बुझाने का यही उपाय सूझा होगा। फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को जब इस घटना के बारे में पता चलता है तो वे उसे पानी से बाहर लाने की कोशिश करते हैं लेकिन हथिनी को शायद समझ आ गया था कि उसका अंत निकट है। और कुछ घंटों बाद नदी में खड़े-खड़े ही वह दम तोड़ देती है। फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के जिस ऑफिसर के सामने यह घटना घटी उन्होंने दुःख और बेचैनी में इसके बारे में फेसबुक पर लिखा। जिसके बाद यह बात मीडिया में आई। 


पढ़े-लिखे मनुष्यों की सारी मानवीयता क्या सिर्फ मनुष्य के लिए ही हैं? ख़ैर पूरी तरह तो मनुष्यों के लिए भी नहीं। हमारी प्रजाति में तो गर्भवती स्त्री को भी मार देना कोई नई बात नहीं। इन पढ़े-लिखे लोगों से बेहतर तो वे आदिवासी हैं जो जंगलों को बचाने के लिए अपनी जान लगा देते हैं। जंगलों से प्रेम करना जानते हैं। जानवरों से प्रेम करना जानते हैं। वह ख़बर ज़्यादा पुरानी नहीं हुई है जब अमेज़न के जंगल जले। इन जंगलों में जाने कितने जीव मरे होंगे। ऑस्ट्रेलिया में हज़ारों ऊँट मार दिए गए, यह कहकर कि वे ज़्यादा पानी पीते हैं। कितने ही जानवर मनुष्य के स्वार्थ की भेंट चढ़ते हैं। भारत में हाथियों की कुल संख्या 20000 से 25000 के बीच है। भारतीय हाथी को विलुप्तप्राय जाति के तौर पर वर्गीकृत किया गया है। एक ऐसा जानवर जो किसी ज़माने में राजाओं की शान होता था आज अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहा है। धरती का एक बुद्धिमान, समझदार याद्दाश्त में सबसे तेज़, शाकाहारी जीव क्या बिगाड़ रहा है हमारा जो हम उसके साथ ऐसा सलूक कर रहे हैं? 


कोरोना ने हम इंसानों का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया है। यह बता दिया है कि हमने प्रकृति के दोहन में हर सीमा लाँघ दी है। लेकिन अब भी हमें अकल नहीं आई। हमारी क्रूरता नहीं गई। मनुष्य इस धरती का सबसे क्रूर और स्वार्थी प्राणी है।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved