For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 150245778
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: 9 लाख लीटर पानी आधे घंटे में सड़कों पर बहा, टंकी का वॉल्व टूटने पर तेज गति से निकला पानी, अजमेर के मदार स्थित नेहरू नगर की घटना |  Ajmer Breaking News: आनासागर झील की दुर्दशा, झील में फैली  गंदगी और जलस्तर कम करने हुई हजारों मछलियों की मौत को लेकर अजमेर शहर जिला कांग्रेस पार्टी द्वारा गुरुवार 23 जुलाई को अजमेर बंद का आह्वान किया गया है। |  Ajmer Breaking News: जल संरक्षण जन सहभागिता अभियान फेज- 3 के तहत दिनांक 22 जुलाई से 24 जुलाई तक त्रिदिवसीय स्वच्छता अभियान आनासागर में श्रमदान,सकल राष्ट्रभक्त अजमेर द्वारा शुरू किया गया । |  Ajmer Breaking News: दक्षिण विधानसभा प्रत्याशी द्रोपदी कोली के नेतृत्व में कांग्रेस दक्षिण के सभी ब्लॉक अध्यक्ष मंडल अध्यक्ष, संगठन पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। |  Ajmer Breaking News: आना सागर को बचाने के अभियान को लेकर 23 जुलाई को 'अजमेर बंद', डॉ. राजकुमार जयपाल के नेतृत्व में निकला विशाल पैदल मार्च |  Ajmer Breaking News: रिमझिम बारिश के बीच संभाग के सबसे बड़े जवाहरलाल नेहरू अस्पताल की ओपीडी में कैश काउंटर के पास अचानक छत का प्लास्टर गिर गया। |  Ajmer Breaking News: भाजपा ने कांग्रेस के चुनावी पासे को पलटा,शहर कांग्रेस ने आनासागर की दुर्दशा के खिलाफ 23 जुलाई को ’अजमेर बंद’ का आह्वान किया, |  Ajmer Breaking News: कथा वाचक किरीट भाई सोमैया द्वारा जवाहर रंगमंच पर गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष में आयोजित कथा के बीच खाटूश्याम बाबा पर की गई तथ्यहीन टिप्पणी का वीडियो वायरल होने के बाद श्याम भक्त आक्रोशित |  Ajmer Breaking News: अजमेर में डीएसटी  एवं दरगाह थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, जुआ-सट्टा खेलते 27 सटोरिए दबोचे,₹60000 की नगदी और ताश पत्ती सहित जुआ सट्टा खेलने का सामान जप्त |  Ajmer Breaking News: एनएसयूआई छात्र संगठन के द्वारा आना सागर की दुर्दशा के खिलाफ चौपाटी पर अनोखा प्रदर्शन, | 

राष्ट्रीय न्यूज़: केरल में हथिनी की हत्या पर पूरे देश में गम और गुस्सा

Post Views 101

June 4, 2020

केरल में हथिनी की हत्या पर पूरे देश में गम और गुस्सा

केरल जैसे शिक्षित राज्य में एक गर्भवती हथिनी मल्लपुरम की सड़कों पर खाने की तलाश में निकलती है। उसे अनन्नास ऑफर किया जाता है। वह मनुष्य पर भरोसा करके खा लेती है। वह नहीं जानती थी कि उसे पटाख़ों से भरा अनन्नास खिलाया जा रहा है। पटाख़े उसके मुँह में फटते हैं। उसका मुँह और जीभ बुरी तरह चोटिल हो जाते हैं। 


मुँह में हुए ज़ख्मों की वजह से वह कुछ खा नहीं पा रही थी। गर्भ के दौरान भूख अधिक लगती है। उसे अपने बच्चे का भी ख़याल रखना था। लेकिन मुँह में ज़ख्म की वजह से वह कुछ खा नहीं पाती है। घायल हथिनी भूख और दर्द से तड़पती हुई सड़कों पर भटकती रही। इसके बाद भी वह किसी भी मनुष्य को नुक़सान नहीं पहुँचाती है, कोई घर नहीं तोड़ती। पानी खोजते हुए वह नदी तक जा पहुँचती है। मुँह में जो आग महसूस हो रही होगी उसे बुझाने का यही उपाय सूझा होगा। फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को जब इस घटना के बारे में पता चलता है तो वे उसे पानी से बाहर लाने की कोशिश करते हैं लेकिन हथिनी को शायद समझ आ गया था कि उसका अंत निकट है। और कुछ घंटों बाद नदी में खड़े-खड़े ही वह दम तोड़ देती है। फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के जिस ऑफिसर के सामने यह घटना घटी उन्होंने दुःख और बेचैनी में इसके बारे में फेसबुक पर लिखा। जिसके बाद यह बात मीडिया में आई। 


पढ़े-लिखे मनुष्यों की सारी मानवीयता क्या सिर्फ मनुष्य के लिए ही हैं? ख़ैर पूरी तरह तो मनुष्यों के लिए भी नहीं। हमारी प्रजाति में तो गर्भवती स्त्री को भी मार देना कोई नई बात नहीं। इन पढ़े-लिखे लोगों से बेहतर तो वे आदिवासी हैं जो जंगलों को बचाने के लिए अपनी जान लगा देते हैं। जंगलों से प्रेम करना जानते हैं। जानवरों से प्रेम करना जानते हैं। वह ख़बर ज़्यादा पुरानी नहीं हुई है जब अमेज़न के जंगल जले। इन जंगलों में जाने कितने जीव मरे होंगे। ऑस्ट्रेलिया में हज़ारों ऊँट मार दिए गए, यह कहकर कि वे ज़्यादा पानी पीते हैं। कितने ही जानवर मनुष्य के स्वार्थ की भेंट चढ़ते हैं। भारत में हाथियों की कुल संख्या 20000 से 25000 के बीच है। भारतीय हाथी को विलुप्तप्राय जाति के तौर पर वर्गीकृत किया गया है। एक ऐसा जानवर जो किसी ज़माने में राजाओं की शान होता था आज अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहा है। धरती का एक बुद्धिमान, समझदार याद्दाश्त में सबसे तेज़, शाकाहारी जीव क्या बिगाड़ रहा है हमारा जो हम उसके साथ ऐसा सलूक कर रहे हैं? 


कोरोना ने हम इंसानों का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया है। यह बता दिया है कि हमने प्रकृति के दोहन में हर सीमा लाँघ दी है। लेकिन अब भी हमें अकल नहीं आई। हमारी क्रूरता नहीं गई। मनुष्य इस धरती का सबसे क्रूर और स्वार्थी प्राणी है।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved