For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 164995919
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: कीर्ति नगर नाला एवं पुलिया निर्माण कार्य अंतिम चरण में, नागरिकों के लिए यातायात एडवाइजरी।   |  Ajmer Breaking News: अलवर गेट थाना अंतर्गत मदारपुरा चोरीकांड का पुलिस ने किया खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार |  Ajmer Breaking News: किशनगढ़ डंपिंग यार्ड के पीछे सुनसान जंगल में महिला से गैंगरेप का मामला, 18 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा |  Ajmer Breaking News: मार्बल सिटी किशनगढ़ के डंपिंग यार्ड में विदेशी महिला से अभद्रता का वीडियो वायरल, पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार |  Ajmer Breaking News: संवैधानिक संस्थाओं पर हमलों को लेकर बीजेपी का कांग्रेस पर करारा प्रहार,चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने पर कांग्रेस को घेरा।   |  Ajmer Breaking News: वार्ड नंबर 8 में सफाई अभियान, भाजपा पार्षद कुंदन वैष्णव ने संभाली कमान |  Ajmer Breaking News: जेएलएन मेडिकल कॉलेज अजमेर में चेस्ट मास्टरी CME एवं स्टेट लेवल पीजी क्विज 2026 का आयोजन |  Ajmer Breaking News: हर वार्ड का बनेगा सफाई प्लान, कचरा संग्रहण व्यवस्था होगी मजबूत,विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने ली नगर निगम की बैठक |  Ajmer Breaking News:  राजस्थान शिक्षक संघ (राधाकृष्णन) ने राज्य कर्मचारियों के लंबित भुगतान को लेकर मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा |  Ajmer Breaking News: अजमेर जिला कंज्यूमर कोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में खाने के पैकेट और खाद्य सामग्री बिखरी मिलने से हड़कंप मच गया। | 

राष्ट्रीय न्यूज़: केरल में हथिनी की हत्या पर पूरे देश में गम और गुस्सा

Post Views 101

June 4, 2020

केरल में हथिनी की हत्या पर पूरे देश में गम और गुस्सा

केरल जैसे शिक्षित राज्य में एक गर्भवती हथिनी मल्लपुरम की सड़कों पर खाने की तलाश में निकलती है। उसे अनन्नास ऑफर किया जाता है। वह मनुष्य पर भरोसा करके खा लेती है। वह नहीं जानती थी कि उसे पटाख़ों से भरा अनन्नास खिलाया जा रहा है। पटाख़े उसके मुँह में फटते हैं। उसका मुँह और जीभ बुरी तरह चोटिल हो जाते हैं। 


मुँह में हुए ज़ख्मों की वजह से वह कुछ खा नहीं पा रही थी। गर्भ के दौरान भूख अधिक लगती है। उसे अपने बच्चे का भी ख़याल रखना था। लेकिन मुँह में ज़ख्म की वजह से वह कुछ खा नहीं पाती है। घायल हथिनी भूख और दर्द से तड़पती हुई सड़कों पर भटकती रही। इसके बाद भी वह किसी भी मनुष्य को नुक़सान नहीं पहुँचाती है, कोई घर नहीं तोड़ती। पानी खोजते हुए वह नदी तक जा पहुँचती है। मुँह में जो आग महसूस हो रही होगी उसे बुझाने का यही उपाय सूझा होगा। फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को जब इस घटना के बारे में पता चलता है तो वे उसे पानी से बाहर लाने की कोशिश करते हैं लेकिन हथिनी को शायद समझ आ गया था कि उसका अंत निकट है। और कुछ घंटों बाद नदी में खड़े-खड़े ही वह दम तोड़ देती है। फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के जिस ऑफिसर के सामने यह घटना घटी उन्होंने दुःख और बेचैनी में इसके बारे में फेसबुक पर लिखा। जिसके बाद यह बात मीडिया में आई। 


पढ़े-लिखे मनुष्यों की सारी मानवीयता क्या सिर्फ मनुष्य के लिए ही हैं? ख़ैर पूरी तरह तो मनुष्यों के लिए भी नहीं। हमारी प्रजाति में तो गर्भवती स्त्री को भी मार देना कोई नई बात नहीं। इन पढ़े-लिखे लोगों से बेहतर तो वे आदिवासी हैं जो जंगलों को बचाने के लिए अपनी जान लगा देते हैं। जंगलों से प्रेम करना जानते हैं। जानवरों से प्रेम करना जानते हैं। वह ख़बर ज़्यादा पुरानी नहीं हुई है जब अमेज़न के जंगल जले। इन जंगलों में जाने कितने जीव मरे होंगे। ऑस्ट्रेलिया में हज़ारों ऊँट मार दिए गए, यह कहकर कि वे ज़्यादा पानी पीते हैं। कितने ही जानवर मनुष्य के स्वार्थ की भेंट चढ़ते हैं। भारत में हाथियों की कुल संख्या 20000 से 25000 के बीच है। भारतीय हाथी को विलुप्तप्राय जाति के तौर पर वर्गीकृत किया गया है। एक ऐसा जानवर जो किसी ज़माने में राजाओं की शान होता था आज अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहा है। धरती का एक बुद्धिमान, समझदार याद्दाश्त में सबसे तेज़, शाकाहारी जीव क्या बिगाड़ रहा है हमारा जो हम उसके साथ ऐसा सलूक कर रहे हैं? 


कोरोना ने हम इंसानों का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया है। यह बता दिया है कि हमने प्रकृति के दोहन में हर सीमा लाँघ दी है। लेकिन अब भी हमें अकल नहीं आई। हमारी क्रूरता नहीं गई। मनुष्य इस धरती का सबसे क्रूर और स्वार्थी प्राणी है।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved