For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 118096267
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: अजमेर देहात जिला महिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष श्रीमती गीता चौधरी की अध्यक्षता में जिला महिला कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई। |  Ajmer Breaking News: मनरेगा बचाओ संग्राम: मंडल स्तर पर कांग्रेस का जोरदार विरोध प्रदर्शन |  Ajmer Breaking News: अजमेर दरगाह बाजार मधुशाह गली में विद्युत विभाग की अंडरग्राउंड लाइन में स्पार्किंग के साथ अचानक आग लग गई। |  Ajmer Breaking News: अजमेर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर जीआरपी और आफ की संयुक्त चेकिंग के दौरान 186 ग्राम अफीम और 12.376 किलोग्राम डोडा-चूरा के साथ एक युवक गिरफ्तार, |  Ajmer Breaking News: रविवार को आम आदमी पार्टी अजमेर की माइनॉरिटी विंग द्वारा प्रदेश व जिले के पदाधिकारियों के साथ मीडिया के साथ संवाद |  Ajmer Breaking News: अजमेर शहर सहित आसपास के क्षेत्र में दिन का तापमान बढ़ने के साथ वन्य जीवों ने अपना स्थान छोड़ना शुरू कर दिया है। इसी के चलते आज अजमेर के अलग-अलग क्षेत्र से दो सांपों का रेस्क्यू किया गया। |  Ajmer Breaking News: एक पहल सेवा की ओर संस्था द्वारा विश्व विख्यात परम पूजनीय जया किशोरी जी का शाल औऱ मोतियों की माला पहनाकर एवं खाटू श्याम बाबा की तस्वीर भेंट कर स्वागत और अभिनंदन किया गया |  Ajmer Breaking News: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर.एस.एस.) संगठन की स्थापना के सौ वर्ष सम्पन्न होने उपलक्ष्य में सम्पूर्ण भारत वर्ष में अठारह हजार से अधिक बस्तियों में सर्वे हिन्दू सम्मेलनो का आयोजन किया जा रहा है। |  Ajmer Breaking News: केंद्रीय बजट 2026 27 पर संभाग स्तरीय प्रेस वार्ता, केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी बघेल ने बजट पर रखी अपनी बात |  Ajmer Breaking News: अजमेर वार्ड 41 में सीवरेज कार्य की कछुआ चल बनी जनता की परेशानी, पाइपलाइन फूटने से लोग गंदा पानी पीने को मजबूर | 

अंदाजे बयां: भय बिनु हुई न प्रीत

Post Views 11

August 16, 2019

2160 *#मधुकर कहिन* 


 भय बिनु हुई न प्रीत


नरेश राघानी


 कल आजादी का पर्व मनाया गया और साथ ही रक्षाबंधन का भी। अजमेर में बाकी सब कार्यक्रमों के चलते कल के दिन के कुछ और भी *मायने* थे । बताएं कैसे ? वह मायने यह  कि *रात खबर आई की, प्रकृति ने रक्षाबंधन के पर्व का धर्म निभाते हुए ,अजमेर की प्यासी जनता का की रक्षा का अपना धर्म निभा दिया है ।और बहुत जल्द अजमेर को जल समस्या से आजादी मिलने की संभावना उत्पन्न हुई है।* बताएं कैसे ?  वह ऐसे कि *कल रात को 12:00 बजे की रिपोर्ट के अनुसार बीसलपुर बांध का पानी ,यदि एक और ढंग की बारिश हुई तो !!! बांध के ऊपर से छलक सकता है। या सरल भाषा में इसको कहिए कि बीसलपुर बांध पानी से लबालब भर चुका है।* 

 चुनाव के दौरान *अजमेर की प्यास बुझाने का वादे और बड़ी-बड़ी बातें करने वाले राजनेता , जो काम नहीं कर पाए वह काम ईश्वर की असीम अनुकंपा से प्रकृति ने कर दिया है ।* परंतु इसके बीच एक *रोड़ा* अभी भी बाकी है। और यह रोड़ा भी इन *निर्लज नेताओं की उदासीनता का ही नतीजा है।* क्योंकि बिसलपुर बांध का पानी जयपुर भेजने की योजना पर काम किया जा चुका है। यहां *यह कहिए कि जयपुर भेजा जा चुका है। इन परिस्थितियों में प्रकृति की असीम अनुकंपा का लाभ अजमेर वासियों को मिलना मुश्किल दिखाई दे रहा है।* मतलब अजमेर के नेता और जनप्रतिनिधि तो ऐसे *भस्मासुर* हैं जो जहां बैठेंगे *जिसको छू लेंगे उसको राख में तब्दील कर देंगे।* काश !!! बीसलपुर का बांध छलकने से पहले इन नेताओं को अकल आ जाए । और वह *थोड़ा पानी अजमेर की तरफ मोड़ दें।* 

 *लाशों और मुर्दों के शहर में वैसे तो ऐसी उम्मीद करना किसी नेता से करना पागलपन ही है। परंतु फिर भी साहब उम्मीद पर दुनिया कायम है।* जनता उम्मीद कर सकती है कि किसी न किसी जनप्रतिनिधि को अक्ल आएगी और अजमेर की प्यास बुझाई जाएगी। *वैसे तो इन नेताओं की खाल में कोई भी सुआ तो क्या ...  भाला तक नहीं घुस सकता ।* लेकिन फिर भी अगर *अजमेर की जनता थोड़ी सड़कों पर उतर कर यदि इन तथाकथित तारणहारों के गिरेबाँ पर हाथ डालेगी , और मालाओं की जगह इन्हें जूतों से सुशोभित करेगी तो शायद यह संभव हो ।* क्योंकि यह साफ दिखाई दे रहा है की *ऊपर वाले को तो अजमेर पर रहम आ गया   परंतु सत्ता के नशे में मदमस्त इन नेताओं की आंखों में अभी भी अजमेर की प्यासी जनता के लिए रहम नहीं आया है।*

 रामायण में जब भगवान राम सागर से प्रार्थना करने बैठे और कहा कि - *कृपया रास्ता छोड़ दे हमारी सेना को लंका जाना है। तो समुद्र भी इन्हीं नेताओं की तरह मदमस्त आंखें बंद करके सोया हुआ था । 3 दिन बाद भी जब समुद्र ने भगवान राम की नहीं मानी, तो विवश होकर भगवान राम ने अपनी कमान की प्रत्यंचा पर ब्रह्मास्त्र का संधान कर लिया और उसका रुख समुद्र की तरफ किया। जिसे देखकर समुद्र त्राहिमाम त्राहिमाम करता हुआ भगवान श्री राम के चरणों में आ पड़ा। तब जाकर समुद्र ने रास्ता दिया।* 

 बिल्कुल इसी तर्ज पर अजमेर की *जनता को अब अपनी हिम्मत की कमान पर गुस्से का ब्रह्मास्त्र संधान कर लेना चाहिए। अन्यथा इस बेशर्म राजनीतिक जमात की आंखें नहीं खुलेगी ।* फिर गोस्वामी तुलसीदास जी ने इस प्रसंग के लिए रामायण में ठीक ही तो कहा है -


 *बिनय न मानत जलधि गए तीनि दिन बीति।* 

 *बोले राम सकोप तब भय बिनु होइ न प्रीति॥* 



जय श्री कृष्ण


नरेश राघानी

प्रधान संपादक

Horizon Hind | हिन्दी न्यूज़

www.horizonhind.com

9829070307


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved