For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 157027517
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: श्री श्याम सेवक कल्याण संघ की विशाल भजन संध्या,बेंगलुरु से लायें फूलों से सजा बाबा श्याम का दरबार |  Ajmer Breaking News: जिला स्पेशल टीम अजमेर व पुलिस थाना अलवर गेट की सयुक्त बडी कार्यवाही वाटर सप्लायर्स की आड में चल रहे जुआ-सट्टे का पर्दाफाश। |  Ajmer Breaking News: अजमेर शरीफ दरगाह में हज़रत ख्वाजा कुतबुद्दीन बख्तियार काकी रहमतुल्लाह अलैही और हज़रत सैय्यद अलाउद्दीन साबिर पिया कलियरी रहमतुल्लाह अलैही के उर्स की तक़रीब अदा की गई। |  Ajmer Breaking News: अजमेर नगर निगम चुनाव में इस बार निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है! |  Ajmer Breaking News: अजमेर में नगर निगम चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा करने वाले ज्ञान सारस्वत ने नगर निकाय चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर दी है। |  Ajmer Breaking News: अजमेर नगर निकाय चुनाव के काउंटडाउन के बीच उम्मीदवारों ने अपने नामांकन दाखिल किए जिला निर्वाचन कार्यालय पर आवेदन लेने और आवेदन फॉर्म भरकर जमा करने वालों की भीड़ लगी रही |  Ajmer Breaking News: अजमेर नगर निगम चुनाव: दो दिनों में अब तक 26 नामांकन दाखिल, आज 491 उम्मीदवारों ने लिए आवेदन |  Ajmer Breaking News: रेलवे अधिकारी रवि मीणा के अपहरण का मामला, पुलिस ने बांदीकुई से अपहरणकर्ता से सकुशल छुड़ाया,  सीओ नॉर्थ शिवम जोशी ने किया खुलासा |  Ajmer Breaking News: कांग्रेस ने भाजपा सरकार से मांगा 21 सवालों का जवाब, देवनानी को घेरा, प्रेस वार्ता कर मीडिया के सामने कांग्रेस की एकजुटता को दिखाने का भी किया प्रयास। |  Ajmer Breaking News: आई बैंक सोसायटी आफ राजस्थान अजमेर चैप्टर के द्वारा 25 अगस्त से 8 सितंबर तक नेत्रदान पखवाड़े का किया जाएगा आयोजन, | 

अंदाजे बयां: भय बिनु हुई न प्रीत

Post Views 81

August 16, 2019

2160 *#मधुकर कहिन* 


 भय बिनु हुई न प्रीत


नरेश राघानी


 कल आजादी का पर्व मनाया गया और साथ ही रक्षाबंधन का भी। अजमेर में बाकी सब कार्यक्रमों के चलते कल के दिन के कुछ और भी *मायने* थे । बताएं कैसे ? वह मायने यह  कि *रात खबर आई की, प्रकृति ने रक्षाबंधन के पर्व का धर्म निभाते हुए ,अजमेर की प्यासी जनता का की रक्षा का अपना धर्म निभा दिया है ।और बहुत जल्द अजमेर को जल समस्या से आजादी मिलने की संभावना उत्पन्न हुई है।* बताएं कैसे ?  वह ऐसे कि *कल रात को 12:00 बजे की रिपोर्ट के अनुसार बीसलपुर बांध का पानी ,यदि एक और ढंग की बारिश हुई तो !!! बांध के ऊपर से छलक सकता है। या सरल भाषा में इसको कहिए कि बीसलपुर बांध पानी से लबालब भर चुका है।* 

 चुनाव के दौरान *अजमेर की प्यास बुझाने का वादे और बड़ी-बड़ी बातें करने वाले राजनेता , जो काम नहीं कर पाए वह काम ईश्वर की असीम अनुकंपा से प्रकृति ने कर दिया है ।* परंतु इसके बीच एक *रोड़ा* अभी भी बाकी है। और यह रोड़ा भी इन *निर्लज नेताओं की उदासीनता का ही नतीजा है।* क्योंकि बिसलपुर बांध का पानी जयपुर भेजने की योजना पर काम किया जा चुका है। यहां *यह कहिए कि जयपुर भेजा जा चुका है। इन परिस्थितियों में प्रकृति की असीम अनुकंपा का लाभ अजमेर वासियों को मिलना मुश्किल दिखाई दे रहा है।* मतलब अजमेर के नेता और जनप्रतिनिधि तो ऐसे *भस्मासुर* हैं जो जहां बैठेंगे *जिसको छू लेंगे उसको राख में तब्दील कर देंगे।* काश !!! बीसलपुर का बांध छलकने से पहले इन नेताओं को अकल आ जाए । और वह *थोड़ा पानी अजमेर की तरफ मोड़ दें।* 

 *लाशों और मुर्दों के शहर में वैसे तो ऐसी उम्मीद करना किसी नेता से करना पागलपन ही है। परंतु फिर भी साहब उम्मीद पर दुनिया कायम है।* जनता उम्मीद कर सकती है कि किसी न किसी जनप्रतिनिधि को अक्ल आएगी और अजमेर की प्यास बुझाई जाएगी। *वैसे तो इन नेताओं की खाल में कोई भी सुआ तो क्या ...  भाला तक नहीं घुस सकता ।* लेकिन फिर भी अगर *अजमेर की जनता थोड़ी सड़कों पर उतर कर यदि इन तथाकथित तारणहारों के गिरेबाँ पर हाथ डालेगी , और मालाओं की जगह इन्हें जूतों से सुशोभित करेगी तो शायद यह संभव हो ।* क्योंकि यह साफ दिखाई दे रहा है की *ऊपर वाले को तो अजमेर पर रहम आ गया   परंतु सत्ता के नशे में मदमस्त इन नेताओं की आंखों में अभी भी अजमेर की प्यासी जनता के लिए रहम नहीं आया है।*

 रामायण में जब भगवान राम सागर से प्रार्थना करने बैठे और कहा कि - *कृपया रास्ता छोड़ दे हमारी सेना को लंका जाना है। तो समुद्र भी इन्हीं नेताओं की तरह मदमस्त आंखें बंद करके सोया हुआ था । 3 दिन बाद भी जब समुद्र ने भगवान राम की नहीं मानी, तो विवश होकर भगवान राम ने अपनी कमान की प्रत्यंचा पर ब्रह्मास्त्र का संधान कर लिया और उसका रुख समुद्र की तरफ किया। जिसे देखकर समुद्र त्राहिमाम त्राहिमाम करता हुआ भगवान श्री राम के चरणों में आ पड़ा। तब जाकर समुद्र ने रास्ता दिया।* 

 बिल्कुल इसी तर्ज पर अजमेर की *जनता को अब अपनी हिम्मत की कमान पर गुस्से का ब्रह्मास्त्र संधान कर लेना चाहिए। अन्यथा इस बेशर्म राजनीतिक जमात की आंखें नहीं खुलेगी ।* फिर गोस्वामी तुलसीदास जी ने इस प्रसंग के लिए रामायण में ठीक ही तो कहा है -


 *बिनय न मानत जलधि गए तीनि दिन बीति।* 

 *बोले राम सकोप तब भय बिनु होइ न प्रीति॥* 



जय श्री कृष्ण


नरेश राघानी

प्रधान संपादक

Horizon Hind | हिन्दी न्यूज़

www.horizonhind.com

9829070307


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved