For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 148968569
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: ₹228.90 लाख के लगभग विकास कार्यों की सौगात: जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने काठोदा एवं पालड़ी में उप स्वास्थ्य केंद्रों तथा संपर्क सड़क का किया लोकार्पण |  Ajmer Breaking News: अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के बैनर तले आंगनबाड़ी कर्मियों का जिला कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन, |  Ajmer Breaking News: पुष्कर में पर्यटक सुरक्षा, नशे की रोकथाम और होटल पोर्टल व्यवस्था पर मंथन, एएसपी ग्रामीण डॉ. लालचंद कयाल ने ली विशेष बैठक |  Ajmer Breaking News: शोरूम से निकली कार में 1 घंटे के दरमियान में लगी आग, गनीमत रही नहीं हुई कोई जनहानी, |  Ajmer Breaking News: भगवान श्री जगन्नाथ जी की पावन पालकी यात्रा गुरुवार को सीताराम बाबा की बगीची, पहाड़गंज से श्रद्धा और भक्ति के माहौल में निकाली गई। |  Ajmer Breaking News: रामगंज थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, काकड़ सोमलपुर के पास युवक को अवैध सिंगल बैरल टोपीदार बंदूक के साथ पकड़ा, |  Ajmer Breaking News: खाटूश्यामजी मंदिर में 19 जुलाई से रात 10:00 बजे से बंद रहेंगे दर्शन: 20 जुलाई को होगा बाबा श्याम का विशेष तिलक-श्रृंगार |  Ajmer Breaking News: अजमेर पुलिस की कालिका यूनिट की सराहनीय पहल: घर छोड़कर पहुंचीं दो युवतियों को परिजनों से मिलाया |  Ajmer Breaking News: अजमेर पुलिस की अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: दो चैन स्नैचर्स गिरफ्तार,लूटा गया मंगलसूत्र व चेन का आधा हिस्सा बरामद  |  Ajmer Breaking News: नसीराबाद सदर थाना अंतर्गत तेजाजी धाम से ढाई किलो वजनी चांदी का छत्र छड़ी सहित अन्य सामान चोरी करने वाला आरोपी महज़ 8 घंटे में गिरफ्तार, पुलिस अधीक्षक ने किया मामले का खुलासा | 

अंदाजे बयां: भय बिनु हुई न प्रीत

Post Views 81

August 16, 2019

2160 *#मधुकर कहिन* 


 भय बिनु हुई न प्रीत


नरेश राघानी


 कल आजादी का पर्व मनाया गया और साथ ही रक्षाबंधन का भी। अजमेर में बाकी सब कार्यक्रमों के चलते कल के दिन के कुछ और भी *मायने* थे । बताएं कैसे ? वह मायने यह  कि *रात खबर आई की, प्रकृति ने रक्षाबंधन के पर्व का धर्म निभाते हुए ,अजमेर की प्यासी जनता का की रक्षा का अपना धर्म निभा दिया है ।और बहुत जल्द अजमेर को जल समस्या से आजादी मिलने की संभावना उत्पन्न हुई है।* बताएं कैसे ?  वह ऐसे कि *कल रात को 12:00 बजे की रिपोर्ट के अनुसार बीसलपुर बांध का पानी ,यदि एक और ढंग की बारिश हुई तो !!! बांध के ऊपर से छलक सकता है। या सरल भाषा में इसको कहिए कि बीसलपुर बांध पानी से लबालब भर चुका है।* 

 चुनाव के दौरान *अजमेर की प्यास बुझाने का वादे और बड़ी-बड़ी बातें करने वाले राजनेता , जो काम नहीं कर पाए वह काम ईश्वर की असीम अनुकंपा से प्रकृति ने कर दिया है ।* परंतु इसके बीच एक *रोड़ा* अभी भी बाकी है। और यह रोड़ा भी इन *निर्लज नेताओं की उदासीनता का ही नतीजा है।* क्योंकि बिसलपुर बांध का पानी जयपुर भेजने की योजना पर काम किया जा चुका है। यहां *यह कहिए कि जयपुर भेजा जा चुका है। इन परिस्थितियों में प्रकृति की असीम अनुकंपा का लाभ अजमेर वासियों को मिलना मुश्किल दिखाई दे रहा है।* मतलब अजमेर के नेता और जनप्रतिनिधि तो ऐसे *भस्मासुर* हैं जो जहां बैठेंगे *जिसको छू लेंगे उसको राख में तब्दील कर देंगे।* काश !!! बीसलपुर का बांध छलकने से पहले इन नेताओं को अकल आ जाए । और वह *थोड़ा पानी अजमेर की तरफ मोड़ दें।* 

 *लाशों और मुर्दों के शहर में वैसे तो ऐसी उम्मीद करना किसी नेता से करना पागलपन ही है। परंतु फिर भी साहब उम्मीद पर दुनिया कायम है।* जनता उम्मीद कर सकती है कि किसी न किसी जनप्रतिनिधि को अक्ल आएगी और अजमेर की प्यास बुझाई जाएगी। *वैसे तो इन नेताओं की खाल में कोई भी सुआ तो क्या ...  भाला तक नहीं घुस सकता ।* लेकिन फिर भी अगर *अजमेर की जनता थोड़ी सड़कों पर उतर कर यदि इन तथाकथित तारणहारों के गिरेबाँ पर हाथ डालेगी , और मालाओं की जगह इन्हें जूतों से सुशोभित करेगी तो शायद यह संभव हो ।* क्योंकि यह साफ दिखाई दे रहा है की *ऊपर वाले को तो अजमेर पर रहम आ गया   परंतु सत्ता के नशे में मदमस्त इन नेताओं की आंखों में अभी भी अजमेर की प्यासी जनता के लिए रहम नहीं आया है।*

 रामायण में जब भगवान राम सागर से प्रार्थना करने बैठे और कहा कि - *कृपया रास्ता छोड़ दे हमारी सेना को लंका जाना है। तो समुद्र भी इन्हीं नेताओं की तरह मदमस्त आंखें बंद करके सोया हुआ था । 3 दिन बाद भी जब समुद्र ने भगवान राम की नहीं मानी, तो विवश होकर भगवान राम ने अपनी कमान की प्रत्यंचा पर ब्रह्मास्त्र का संधान कर लिया और उसका रुख समुद्र की तरफ किया। जिसे देखकर समुद्र त्राहिमाम त्राहिमाम करता हुआ भगवान श्री राम के चरणों में आ पड़ा। तब जाकर समुद्र ने रास्ता दिया।* 

 बिल्कुल इसी तर्ज पर अजमेर की *जनता को अब अपनी हिम्मत की कमान पर गुस्से का ब्रह्मास्त्र संधान कर लेना चाहिए। अन्यथा इस बेशर्म राजनीतिक जमात की आंखें नहीं खुलेगी ।* फिर गोस्वामी तुलसीदास जी ने इस प्रसंग के लिए रामायण में ठीक ही तो कहा है -


 *बिनय न मानत जलधि गए तीनि दिन बीति।* 

 *बोले राम सकोप तब भय बिनु होइ न प्रीति॥* 



जय श्री कृष्ण


नरेश राघानी

प्रधान संपादक

Horizon Hind | हिन्दी न्यूज़

www.horizonhind.com

9829070307


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved