Post Views 11
August 26, 2017
किशनगढ़ के रूपनगढ़ थाना क्षेत्र स्थित गांव अमरपुरा के रहने वाले छोटू की हत्या के 37 साल पुराने मामले में उसके परिवारजन को 3 लाख 20 हजार रुपए बतौर प्रतिकर प्रदान किए गए हैं। न्यायिक प्रक्रिया में मुकदमे की सुनवाई के बाद अपील के निपटारे में भले ही देरी हो गई हो लेकिन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से मिले आदेश के 15 दिन के भीतर मुआवजे की कार्रवाई पूरी कर ली। मृतक छोटू के पूरे परिवार की जानकारी लेने के साथ ही परिवार की आर्थिक व सामाजिक रिपोर्ट प्राप्त कर सभी औपचारिकताएं पूरी करते हुए पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत मुआवजा राशि निर्धारित का भुगतान कर दिया गया। 23 अक्टूबर 1987 को रूपनगढ़ थाना में मेहराम पुत्र उगमाराम जाट ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि दीवाली की राम-राम का दिन था और सभी लोग आपस में मिलजुल रहे थे। छोटू जाट भी अपने खेत जाते हुए लोगों से मिल रहा था। इसी दौरान व हैंडपंप पर पानी पीने लिए रुका। वहां मोहन व उसके भाई किशनाराम व भोलू ने बकरियां चराने के पुराने विवाद को लेकर छोटू से झगड़ा शुरू किया। किशना व भोलू ने छोटू को पकड़ लिया व मोहन ने पत्थर उठाकर छोटू के कनपटी पर दे मारा। छोटू की मौका स्थल पर ही मौत हो गई थी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को 4 अगस्त को राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से पत्र मिला था। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा 19 जुलाई 2017 को रूपनगढ़ निवासी मोहन की फौजदारी अपील में पारित निर्णय की प्रति भेजकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट ने रूपनगढ़ निवासी मोहन व किशना राम की अपील का निपटारा करते आदेश दिए थे कि मृतक छोटू के परिवारजन को पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत मुआवजा राशि का भुगतान किया जाए। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से फैसले व मुआवजे की जानकारी मिलते ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राकेश गोरा ने तत्काल संबंधित थाना क्षेत्र के उपखंड अधिकारी से लेकर तहसीलदार और थाना प्रभारी से छाेटू के परिवारजन के संबंध में जानकारी एकत्रित करने की कवायद शुरू कर दी। छोटू के परिवार का पता चलते ही उनकी आर्थिक व सामाजिक स्थिति बाबत रिपोर्ट भी तलब की गई और पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत मुआवजा राशि जारी करने के लिए सभी जरूरी औपचारिकताओं को महज 15 की समयावधि में पूरा कर प्रकरण कमेटी के समक्ष पेश कर दिया। जिला एवं सेशन न्यायाधीश विष्णुदत्त शर्मा की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने प्रकरण का त्वरित निपटारा करते हुए छाेटू के परिवार को 3 लाख 20 हजार रुपए मुआवजा देने के आदेश जारी कर दिए। मृतक छोटू के परिवार में उसकी पत्नी के अलावा तीन पुत्र व चार पुत्रियां है। छोटू की दीवाली के दिन 23 अक्टूबर 1987 को हत्या हो गई थी तब सातों बच्चे नाबालिग थे। अब मृतक की पत्नी धन्नी देवी की आयु 63 साल है। मुआवजा राशि में से 50 हजार रुपए धन्नी देवी को दिए गए वहीं पुत्र-पुत्रियों को दस-दस हजार रुपए देने के साथ ही दो लाख रुपए की एफडी करवाई गई है।
Satyam Diagnostic Centre
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved