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June 11, 2017
रिपोर्ट- जीएसटी की प्रस्तावित दरों को लेकर कारोबारियों में भारी नाराजगी है। कारोबारी चाहते हैं कि यह व्यवस्था जुलाई से जल्दबाजी में लागू न की जाए। इसे सितंबर से लागू किया जाए। यह प्रस्ताव ट्रेड विंग ने केंद्र सरकार को भेजा है।आप ट्रेड विंग के कन्वीनर बृजेश गोयल और हेमंत गुप्ता ने बताया कि जीएसटी की दरों को लेकर पिछले कुछ दिनों से कारोबारियों के साथ बैठक की जा रही है। इसी में यह नाराजगी सामने आई है।
विंग के पास जीएसटी की दरों को लेकर लगभग 50 कमोडिटी ट्रेडर्स के सुझाव आए हैं। उन्होंने बताया कि विंग की ओर से ब्रांडेड आटा, ब्रांडेड अनाज, दालें एवं चावल, झाड़ू, गोटा जरी, प्लास्टिक वेस्ट, कपड़ा आदि वस्तुओं को टैक्स फ्री रखने का सुझाव दिया है।विंग के महासचिव राकेश यादव और रमेश आहूजा ने बताया कि ऑटो स्पेयर पार्ट्स को 18%, ट्रैक्टर पार्ट्स को 12 %, मार्बल को 5% , इलेक्ट्रिकल आइटम को 12%, हार्डवेयर को 18%, सीमेंट को 12% , टिंबर को 5%, सभी तरह के फुटवियर को 5%, स्टेनलेस स्टील एवं कटलेरी को 5%, नमकीन को 5%, ब्रांडेड बिस्किट को 12%, अचार एवं मुरब्बा को 5%, बैग्स को 5% टैक्स स्लैब में रखने की सलाह दी है। रविवार 11 जून को जीएसटी काउंसिल की बड़ी बैठक होने जा रही है। इसमें केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली समेत सभी राज्यों के वित्त मंत्री भी हिस्सा लेंगे। यह पक्ष दिल्ली सरकार की ओर से रखा जाएगा।
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