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October 31, 2026
जयपुर। विला खरीद मामले में एपीओ किए गए आईएएस शिखर अग्रवाल और उनकी पत्नी आईपीएस प्रशाखा माथुर इन दिनों छुट्टी पर अमेरिका में बताए जा रहे हैं। दोनों का अवकाश 12 नवंबर को खत्म हो रहा है, यानी आज से 12 दिन बाद। इधर राज्य सरकार अग्रवाल के खिलाफ एक के बाद एक कार्रवाई कर रही है और उनके कार्यकाल के पुराने मामले भी सामने आ रहे हैं।
एपीओ के बाद एसीबी जांच की मंजूरी
सरकार ने अग्रवाल को 28 अक्टूबर की देर रात एपीओ किया था। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को उनके खिलाफ विस्तृत जांच की मंजूरी दी गई। एसीबी के मुताबिक "अनंता" रिसॉर्ट चलाने वाली गोयल फैशंस से परिवार के नाम 36 विला खरीदे गए, जिनमें उदयपुर के बुझड़ा में प्रशाखा माथुर के नाम 10 विला और अलवर के अजबगढ़ में पति-पत्नी के नाम 8 विला शामिल हैं। शनिवार को रणथंभौर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में फार्म हाउस के लिए भू-रूपांतरण से जुड़ा उनके वन विभाग के कार्यकाल का एक और मामला सामने आया। प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा भी है कि अग्रवाल इस्तीफा दे सकते हैं, लेकिन इस पर उनकी ओर से कुछ नहीं कहा गया है। दोनों अधिकारी भारत कब लौटेंगे, यह भी अभी साफ नहीं है।
सीएमओ में रहते तत्कालीन मुख्य सचिव पंत से हुआ था टकराव
भाजपा सरकार बनने के बाद अग्रवाल मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव रहे। इसी दौरान तत्कालीन मुख्य सचिव सुधांश पंत और मुख्यमंत्री कार्यालय के बीच टकराव की खबरें आईं। केंद्र ने पंत को कार्यकाल पूरा होने से पहले ही दिल्ली बुला लिया और इसके बाद अग्रवाल को मुख्यमंत्री कार्यालय से हटाकर उद्योग विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव बना दिया गया। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने 29 अक्टूबर को इसी का जिक्र करते हुए कहा था, "पहले सुधांश पंत को हटाया गया, फिर शिखर अग्रवाल को यहां से हटाया गया, फिर डीजीपी बनने की कहानी शुरू हुई। एक-दूसरे से शह-मात का खेल चल रहा है।"
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