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October 13, 2026
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दोनों समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पहुंचे थे और नारेबाजी कर रहे थे। पुलिस ने मौके से सभी को हिरासत में लिया। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब जंतर-मंतर अब दिल्ली के निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची में नहीं रह गया है। यह व्यवस्था इसी हफ्ते बदली है।
एक नजर में
क्या हुआ — जंतर-मंतर पहुंचे सीजेपी प्रवक्ताओं और समर्थकों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया
कौन — सौरव दास और आशुतोष रांका
पृष्ठभूमि — जंतर-मंतर अब निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची में नहीं है
आदेश किसका — दिल्ली पुलिस आयुक्त का, गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिश के आधार पर
नए स्थल — रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड, सीबीडी ग्राउंड
मांग — मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और एसआईआर का विरोध
जंतर-मंतर अब प्रदर्शन स्थल नहीं
जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने का आदेश दिल्ली पुलिस आयुक्त की ओर से 11 अक्टूबर को जारी हुआ और 12 अक्टूबर को सामने आया। पुलिस के अनुसार यह फैसला गृह मंत्रालय की ओर से बनाई गई उस समिति की सिफारिशों पर लिया गया, जिसे प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक स्थल सुझाने का काम दिया गया था।आदेश में प्रदर्शन और धरने के लिए तीन जगहें तय की गई हैं — रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और सीबीडी ग्राउंड। यह आदेश 28 अप्रैल 2022 के पुराने आदेश को आंशिक रूप से संशोधित करता है। इन तीनों स्थलों पर प्रदर्शन की विस्तृत प्रक्रिया अलग से जारी की जाएगी।
यहां एक बात साफ रहनी चाहिए — यह आदेश दिल्ली पुलिस का है, जो गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिश पर आधारित बताया गया है।जंतर-मंतर पर तिरंगा लिए प्रदर्शनकारी और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी।
तीन दिन में दूसरी बार हिरासत
सौरव दास और आशुतोष रांका को इससे पहले भी हिरासत में लिया जा चुका है। 23 घंटे की उस हिरासत के बाद उन्हें छोड़ा गया था। उन्हें और अभिजीत दीपके को शनिवार को हवाई अड्डे पर उस समय रोका गया था, जब वे मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के लिए दिल्ली पहुंचे थे। वह हिरासत एहतियाती थी। दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिले के विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने तीनों को रिहा करने का आदेश दिया था। इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को विशेष बैठक कर सुनवाई की थी।
मांग क्या है
कॉकरोच जनता पार्टी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का विरोध कर रही है। संगठन ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बुलाया था।
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