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राजस्थान न्यूज़: राजस्थान के 273 निकायों में 21 सितंबर को सत्ता का फैसला: सुबह 10 बजे से वोटिंग, दोपहर बाद आएंगे मेयर-सभापति-अध्यक्ष के नतीजे

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September 21, 2026

32 निकाय प्रमुख पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके, आज पांच नगर निगम समेत 273 निकायों में मतदान, 201 जगह सीधा मुकाबला—जयपुर, जोधपुर, कोटा और सुकेत में 25 सितंबर को चुनाव

32 निकाय प्रमुख पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके, आज पांच नगर निगम समेत 273 निकायों में मतदान, 201 जगह सीधा मुकाबला—जयपुर, जोधपुर, कोटा और सुकेत में 25 सितंबर को चुनाव

जयपुर। प्रदेश के 273 नगरीय निकायों में सोमवार, 21 सितंबर को  महापौर, सभापति और नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए मतदान होगा। वोटिंग सुबह 10 बजे शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक चलेगी। मतदान समाप्त होते ही मतगणना शुरू होगी और संबंधित निकायों के परिणाम उसी दिन घोषित किए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार सोमवार के चुनाव में 592 उम्मीदवार मैदान में हैं। प्रदेश के कुल 309 नगरीय निकायों में पार्षदों के चुनाव 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में कराए गए थे। जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम तथा सुकेत नगरपालिका में पुनर्मतदान के कारण प्रमुख पदों का चुनाव 25 सितंबर तक स्थगित कर दिया गया। इसलिए 21 सितंबर की प्रक्रिया 305 निकायों के लिए तय हुई थी। इनमें से 32 जगह प्रमुख पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।

273 निकायों में  21 सितंबर को मतदान

उपलब्ध आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम के आधार पर आज मतदान वाले निकायों की संख्या 273 है। गणित भी यही है—305 निकायों में 32 प्रमुख निर्विरोध चुने जा चुके हैं, यानी शेष 273 में मतदान होगा। इसलिए 227 का आंकड़ा सही नहीं है। इसी तरह सीधे भाजपा-कांग्रेस या दो उम्मीदवारों के मुकाबले वाले निकायों का राज्य निर्वाचन विभाग आधारित प्रकाशित आंकड़ा 201 है, 231 नहीं। इनमें 172 नगरपालिकाएं, 24 नगर परिषद और पांच नगर निगम शामिल हैं। बाकी निकायों में तीन या उससे अधिक उम्मीदवार होने से मुकाबला बहुकोणीय है।

पांच नगर निगमों में आज मेयर का फैसला

सोमवार को पांच नगर निगमों में महापौर पद के लिए मतदान होगा। इनमें उदयपुर, बीकानेर, अलवर, पाली और अजमेर नगर निगम शामिल हैं। इन सभी जगह भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी सीधे आमने-सामने हैं। उदयपुर में भाजपा के पारस सिंघवी और कांग्रेस की डॉ. पूनम कंवर, बीकानेर में भाजपा के सुरेंद्र सिंह और कांग्रेस के अनिल कल्ला, अलवर में भाजपा की सुमनलता अग्रवाल और कांग्रेस की कमलेश शर्मा के बीच मुकाबला है। पाली में भाजपा की नमिता बुबकिया और कांग्रेस की सुमित्रा जैन, जबकि अजमेर में भाजपा की अनामिका शर्मा और कांग्रेस की किरण गढ़वाल मैदान में हैं।

32 निकायों में मतदान से पहले ही फैसला

राज्य में 32 निकाय प्रमुख निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। इनमें भाजपा के 28, कांग्रेस के दो और दो निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं। भरतपुर और भीलवाड़ा नगर निगम में भी महापौर का चुनाव मतदान तक नहीं पहुंचा और उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। इसके अलावा छह नगर परिषद और 24 नगरपालिकाओं में भी अध्यक्ष पद का फैसला निर्विरोध हो चुका है। इस कारण सोमवार को इन निकायों में प्रमुख पद के लिए मतदान नहीं होगा।

कई निकायों में निर्दलीय तय करेंगे बोर्ड का समीकरण

वार्ड चुनाव के परिणामों में बड़ी संख्या में निर्दलीय पार्षद जीतकर आए हैं। कई नगर परिषदों और नगरपालिकाओं में भाजपा या कांग्रेस में से किसी भी दल के पास अकेले स्पष्ट बहुमत नहीं है। ऐसे निकायों में निर्दलीय पार्षदों के वोट महापौर, सभापति या अध्यक्ष के चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। राजस्थान के हालिया वार्ड नतीजों में भाजपा सबसे बड़ा दल रही, लेकिन अनेक निकायों में निर्दलीयों ने बोर्ड गठन का गणित बदल दिया। इसी कारण मतदान से पहले भाजपा और कांग्रेस ने प्रदेश के कई हिस्सों में अपने पार्षदों को होटल, रिसॉर्ट या अन्य स्थानों पर एक साथ रखा है। कई जगह पार्षदों पर दबाव, बाड़ेबंदी और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आए हैं।

सुरक्षा बढ़ाई, RAC-STF की अतिरिक्त तैनाती

निकाय प्रमुखों के चुनाव से पहले राज्य में कई संवेदनशील स्थानों पर पुलिस सुरक्षा बढ़ाई गई है। अतिरिक्त पुलिस बल के साथ RAC और STF की कंपनियों की तैनाती की गई है। अधिकारियों को मतदान केंद्रों और निकाय कार्यालयों के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा निर्वाचित पार्षदों को निर्बाध मतदान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। पिछले कुछ दिनों में कई जिलों से पार्षदों के परिवारों की शिकायतें, राजनीतिक बाड़ेबंदी और दबाव के आरोप सामने आने के बाद प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। इन आरोपों की स्थिति अलग-अलग मामलों में अलग है और संबंधित प्रशासनिक या पुलिस जांच के आधार पर ही उनकी पुष्टि हो सकती है।

जयपुर-जोधपुर-कोटा का फैसला 25 सितंबर को

जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम तथा कोटा जिले की सुकेत नगरपालिका में आज प्रमुख पद का चुनाव नहीं होगा। इन चार निकायों में कुछ वार्डों में पुनर्मतदान के कारण निर्वाचन कार्यक्रम आगे बढ़ाना पड़ा था। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 25 सितंबर को मेयर या अध्यक्ष और 26 सितंबर को उपमहापौर या उपाध्यक्ष का चुनाव होगा। जयपुर में भाजपा के सुनील कोठारी और कांग्रेस की सुनीता मावर, जोधपुर में भाजपा के प्रसन्न चंद मेहता और कांग्रेस के राजेंद्र सोलंकी तथा कोटा में भाजपा की अनुसुईया गोस्वामी और कांग्रेस की सुनीता सुमन मैदान में हैं।

दोपहर 2 बजे के बाद खुलना शुरू होगा परिणामों का पिटारा

मतदान सुबह 10 बजे शुरू होगा और दोपहर 2 बजे समाप्त होगा। इसके बाद मतों की गिनती होगी। अधिकांश निकायों में परिणाम उसी दिन कुछ समय के भीतर सामने आ जाएंगे। इस चुनाव में आम मतदाता सीधे वोट नहीं डालते। संबंधित नगर निगम, नगर परिषद या नगरपालिका के निर्वाचित पार्षद अपने निकाय प्रमुख का चुनाव करते हैं। इसलिए वार्ड चुनाव के बाद बने संख्या समीकरण, निर्दलीयों का समर्थन और वास्तविक मतदान ही तय करेंगे कि किस निकाय की कमान किस उम्मीदवार को मिलेगी।



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