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September 21, 2026
कांग्रेस प्रत्याशी अनिल मित्तल पर भाजपा पार्षद राजेंद्र कुमार चौधरी को अपने पक्ष में वोट देने के लिए धन का प्रलोभन देने का आरोप, शिकायत निर्वाचन अधिकारी तक पहुंची, ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं
केकड़ी। नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव से ठीक पहले केकड़ी की राजनीति में कथित तौर पर 51 लाख रुपए में वोट हासिल करने के प्रयास का मामला सामने आया है। वार्ड संख्या 34 से निर्वाचित भाजपा पार्षद राजेंद्र कुमार चौधरी ने कांग्रेस के अध्यक्ष प्रत्याशी अनिल मित्तल पर अपने पक्ष में मतदान करने के लिए धन का प्रस्ताव देने का आरोप लगाया है। चौधरी ने इस संबंध में कथित कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य सामग्री के साथ जिला निर्वाचन अधिकारी से शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय रिपोर्टों ने शिकायत और कथित ऑडियो के सामने आने की पुष्टि की है, लेकिन रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता तथा उसमें सुनाई देने वाली आवाजों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।मामला ऐसे समय सामने आया है जब केकड़ी नगर पालिका के 40 सदस्यीय बोर्ड में किसी दल के पास अपने दम पर बहुमत नहीं है। कांग्रेस ने 20, भाजपा ने 18 और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने दो वार्ड जीते हैं। अध्यक्ष बनने के लिए 21 वोट चाहिए। कांग्रेस की ओर से वार्ड 25 से निर्वाचित अनिल मित्तल और भाजपा की ओर से वार्ड 37 से निर्वाचित विनीत अध्यक्ष पद के चुनाव में आमने-सामने हैं।
कथित बातचीत में पहले 31 लाख, फिर 51 लाख की बात
भाजपा पक्ष के अनुसार रविवार रात करीब 8 बजे अनिल मित्तल की ओर से राजेंद्र कुमार चौधरी को फोन किया गया। शिकायत में आरोप है कि बातचीत के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी ने उन्हें अपने पक्ष में मतदान करने के बदले आर्थिक प्रस्ताव दिया।सामने आई कथित रिकॉर्डिंग के बारे में भाजपा का दावा है कि बातचीत पहले करीब 31 लाख रुपए के प्रस्ताव से शुरू हुई। इसके जवाब में चौधरी की ओर से अधिक रकम की बात कही गई और बाद में कथित तौर पर 51 लाख रुपए तक देने की पेशकश सामने आई। वायरल सामग्री में भाजपा के अन्य पार्षदों और एक आरएलपी पार्षद के समर्थन को लेकर भी दावा किया गया बताया जा रहा है। इन दावों की निर्वाचन प्रशासन या किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी ने अभी पुष्टि नहीं की है, इसलिए इन्हें रिकॉर्डिंग में किए गए कथित दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
-34 से भाजपा के ही पार्षद हैं राजेंद्र चौधरी
इस पूरे घटनाक्रम में नाम को लेकर भ्रम की संभावना भी है, क्योंकि केकड़ी में राजेंद्र कुमार चौधरी नाम के एक से अधिक निर्वाचित पार्षद हैं। निर्वाचन परिणाम के अनुसार वार्ड संख्या 34 से राजेंद्र कुमार चौधरी भाजपा प्रत्याशी के रूप में जीते हैं, जबकि वार्ड संख्या 16 से इसी नाम के एक अन्य राजेंद्र कुमार चौधरी आरएलपी के पार्षद हैं। कथित धन प्रस्ताव की शिकायत करने वाले पार्षद को स्थानीय रिपोर्टों ने भाजपा पार्षद बताया है।इसलिए आरएलपी पार्षद राजेंद्र चौधरी की कांग्रेस प्रत्याशी के साथ पहले सामने आई तस्वीरों और मौजूदा शिकायत करने वाले भाजपा पार्षद को एक ही व्यक्ति मानना सही नहीं होगा। वार्ड परिणाम दोनों अलग निर्वाचित प्रतिनिधियों की पुष्टि करते हैं।
विधायक शत्रुघ्न गौतम भाजपा पार्षदों के साथ पहुंचे
कथित ऑडियो सामने आने के बाद केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम भाजपा के निर्वाचित पार्षदों के साथ जिला निर्वाचन अधिकारी के पास पहुंचे। भाजपा की ओर से दिए गए ज्ञापन में रिकॉर्डिंग और उपलब्ध अन्य सामग्री की निष्पक्ष जांच कराने तथा यदि आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाएं तो चुनाव कानूनों के तहत कार्रवाई करने की मांग की गई है। शिकायत में चुनाव स्थगित करने अथवा संबंधित प्रत्याशी की पात्रता पर कार्रवाई की मांग भी रखी गई।स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार शिकायत देते समय भाजपा के 18 निर्वाचित पार्षद विधायक के साथ मौजूद थे। पार्टी का कहना है कि किसी निर्वाचित पार्षद को धन का प्रलोभन देकर उसके मत को प्रभावित करने का प्रयास स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के विपरीत होगा।
गौतम बोले- ‘लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित करने का प्रयास’
शत्रुघ्न गौतम ने कांग्रेस प्रत्याशी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि किसी निर्वाचित पार्षद को धन देकर उसके वोट को प्रभावित करने की कोशिश हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने भाजपा के सभी 18 पार्षदों के एकजुट होने का दावा किया और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।गौतम ने अपने बयान में अनिल मित्तल पर तीखा राजनीतिक हमला भी किया और कथित खरीद-फरोख्त को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध बताया। ये भाजपा विधायक के आरोप और राजनीतिक टिप्पणियां हैं; कथित ऑडियो तथा आरोपों पर अंतिम तथ्य जांच के बाद ही स्थापित होंगे।
अनिल मित्तल पहले भाजपा में, चुनाव से पहले कांग्रेस में हुए शामिल
इस चुनाव की राजनीतिक पृष्ठभूमि भी दिलचस्प है। अनिल मित्तल पूर्व में भाजपा से जुड़े रहे हैं और केकड़ी नगर पालिका के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 2026 के निकाय चुनाव से ठीक पहले उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा और वार्ड 25 से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीता। इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया।भाजपा ने वार्ड संख्या 37 से निर्वाचित विनीत को अपना अध्यक्ष प्रत्याशी बनाया है। अलग-अलग स्थानीय रिपोर्टों में उनके नाम के साथ ‘जैन’ और ‘चोरड़िया’ दोनों उपनाम प्रकाशित हुए हैं, जबकि निर्वाचन रिकॉर्ड उन्हें केवल विनितके रूप में दर्ज करता है।
40 सदस्यीय बोर्ड में एक-एक वोट बेहद अहम
केकड़ी नगर पालिका में कांग्रेस 20 सीटों के साथ सबसे बड़ा दल है। भाजपा के 18 और आरएलपी के दो पार्षद हैं। बहुमत के लिए 21 मत जरूरी होने के कारण कांग्रेस को केवल एक अतिरिक्त मत चाहिए, जबकि भाजपा को तीन अतिरिक्त पार्षदों का समर्थन जुटाना होगा।आरएलपी ने चुनाव से पहले अपने दोनों पार्षदों के मतदान को लेकर कोई औपचारिक सार्वजनिक घोषणा नहीं की थी। हालांकि वार्ड 16 के आरएलपी पार्षद राजेंद्र चौधरी की कांग्रेस प्रत्याशी अनिल मित्तल के साथ तस्वीरें और नामांकन के दौरान मौजूदगी सामने आई थीं। इससे राजनीतिक अटकलें जरूर बढ़ीं, लेकिन वास्तविक मतदान किस पक्ष में हुआ या होगा, यह औपचारिक मतगणना से ही तय होता है।
‘चार भाजपा और एक RLP पार्षद’ वाले कथित दावे की पुष्टि नहीं
वायरल रिकॉर्डिंग को लेकर भाजपा की ओर से यह भी दावा किया गया है कि बातचीत में अनिल मित्तल की आवाज बताए जा रहे व्यक्ति ने चार भाजपा पार्षदों और एक आरएलपी पार्षद के अपने पक्ष में आने की बात कही। फिलहाल इस कथित दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी पार्षद के वोट, समर्थन या कथित आर्थिक लेन-देन के बारे में बिना जांच के निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।खास तौर पर मतदान गुप्त होने के कारण किसी पार्टी के दावे या किसी कथित बातचीत से यह निश्चित नहीं किया जा सकता कि संबंधित पार्षद वास्तव में किस उम्मीदवार को वोट देंगे या उन्होंने किसी प्रकार का लाभ स्वीकार किया है।
शिकायत में ऑडियो की फोरेंसिक जांच अहम
अब मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू कथित ऑडियो की प्रामाणिकता है। निर्वाचन अधिकारी या जांच एजेंसी को यह देखना होगा कि रिकॉर्डिंग वास्तविक है या नहीं, कॉल किस नंबर से हुई, आवाज किसकी है, ऑडियो में कोई एडिटिंग हुई या नहीं और पूरा संवाद किस संदर्भ में हुआ।भाजपा पार्षद ने शिकायत के साथ ऑडियो रिकॉर्डिंग देने का दावा किया है। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार निर्वाचन अधिकारी से रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेजों की जांच की मांग की गई है। आरोप सही हैं या नहीं, यह किसी सक्षम जांच के बाद ही तय होगा।
कांग्रेस प्रत्याशी का पक्ष सामने आना बाकी
उपलब्ध प्रकाशित रिपोर्टों में इस आरोप पर अनिल मित्तल की विस्तृत प्रतिक्रिया या रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता को लेकर उनका स्पष्ट पक्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में खबर में भाजपा की शिकायत को सिद्ध तथ्य के बजाय आरोप के रूप में ही प्रस्तुत करना जरूरी है।यदि मित्तल या कांग्रेस की ओर से रिकॉर्डिंग को लेकर कोई आधिकारिक जवाब, खंडन अथवा स्पष्टीकरण जारी किया जाता है तो वही इस विवाद का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष होगा।
आज अध्यक्ष पद के लिए मतदान
केकड़ी नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस के अनिल मित्तल और भाजपा के विनीत के बीच सीधा मुकाबला है। 40 पार्षदों वाले बोर्ड में बहुमत का आंकड़ा 21 है। कांग्रेस के पास 20 और भाजपा के पास 18 निर्वाचित पार्षद हैं, जबकि दो आरएलपी पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण है।मतदान से ठीक पहले सामने आए इस आरोप ने पहले से ही बेहद करीबी संख्या वाले केकड़ी अध्यक्ष चुनाव में नया विवाद जोड़ दिया है। फिलहाल राजनीतिक आरोपों से अलग अंतिम निर्णय निर्वाचित पार्षदों के मतदान और कथित ऑडियो के संबंध में होने वाली आधिकारिक जांच से ही सामने आएगा।
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