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September 21, 2026
कंचन खड़ोलिया को मिले 24 वोट, पूर्व सभापति जीवण खां की पत्नी हैं खतीजा, जीत के बाद रिटर्निंग अधिकारी ने सौंपा निर्वाचन प्रमाण पत्र
सीकर। सीकर नगर परिषद में सभापति पद पर कांग्रेस की खतीजा बानो ने जीत दर्ज की है। सोमवार को हुए मतदान में खतीजा बानो को कुल 41 वोट मिले, जबकि भाजपा की सभापति प्रत्याशी कंचन खड़ोलिया को 24 मत हासिल हुए। इस तरह खतीजा बानो ने कंचन खड़ोलिया को 17 वोटों के अंतर से हराकर सीकर नगर परिषद के सभापति की कुर्सी हासिल कर ली। सीकर नगर परिषद के 65 वार्डों के चुनाव में कांग्रेस पहले ही 38 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर चुकी थी। भाजपा के 22 पार्षद जीते थे, जबकि चार निर्दलीय और एक आरएलपी पार्षद निर्वाचित हुआ था। ऐसे में सभापति चुनाव के परिणाम में खतीजा बानो को कांग्रेस के मूल संख्या-बल से तीन वोट अधिक मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी कंचन खड़ोलिया को भी भाजपा के 22 निर्वाचित पार्षदों की तुलना में दो वोट अधिक मिले। मतदान गुप्त होने के कारण यह तय नहीं किया जा सकता कि अतिरिक्त मत किन पार्षदों की ओर से आए।
रिटर्निंग अधिकारी ने दिया निर्वाचन प्रमाण पत्र
मतगणना के बाद रिटर्निंग अधिकारी सुभाष चंद्र ने खतीजा बानो को सभापति पद पर निर्वाचित घोषित किया और उन्हें निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपा। जीत के बाद कांग्रेस खेमे में उत्साह देखने को मिला। खतीजा बानो ने विधायक राजेंद्र पारीक, कांग्रेस पार्षदों और अपने परिवार के सदस्यों के साथ विक्ट्री साइन बनाकर ग्रुप फोटो भी खिंचवाया। खतीजा बानो पूर्व सभापति जीवण खां की पत्नी हैं। वह इस बार वार्ड नंबर 16 से कांग्रेस के टिकट पर पार्षद चुनी गई थीं। जीवण खां भी नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस से पार्षद निर्वाचित हुए हैं। चुनाव से पहले ही कांग्रेस ने सभापति पद के लिए खतीजा बानो को उम्मीदवार घोषित किया था, जबकि भाजपा ने कंचन खड़ोलिया को मैदान में उतारा था। दोनों के बीच सीधा मुकाबला था।
सुबह सबसे पहले वोट डालने पहुंचीं थीं भाजपा प्रत्याशी कंचन
इससे पहले सोमवार सुबह 10 बजे सभापति पद के लिए मतदान शुरू हुआ था। मतदान शुरू होने के बाद सबसे पहले भाजपा की सभापति प्रत्याशी कंचन खड़ोलिया और पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी के पोते यश जलधारी वोट डालने पहुंचे थे। भाजपा के पार्षदों को एक बस में एक साथ नगर परिषद के मतदान स्थल पर लाया गया था। यश जलधारी वार्ड नंबर 11 से भाजपा पार्षद हैं। बाद कांग्रेस के पार्षद भी बस में एक साथ मतदान के लिए पहुंचे। दोनों दलों ने मतदान से पहले अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए बाड़ेबंदी की थी। कांग्रेस के पास स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद चुनाव से पहले क्रॉस वोटिंग को लेकर राजनीतिक चर्चा बनी हुई थी। कांग्रेस के 38 पार्षद होने के कारण सामान्य संख्या-गणित में उसकी स्थिति मजबूत थी, जबकि भाजपा के पास 22 पार्षद थे।
सभी 65 वोट पड़े, खतीजा को 41 और कंचन को 24
मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद मतगणना की गई। कुल 65 वोटों में खतीजा बानो के खाते में 41 और कंचन खड़ोलिया के खाते में 24 वोट आए। दोनों प्रत्याशियों को मिले मतों का योग भी 65 है। आखिरकार कांग्रेस की खतीजा बानो ने 17 मतों के अंतर से सभापति पद जीत लिया।
वार्ड चुनाव में कांग्रेस 38 सीटों के साथ बहुमत के 33 के आंकड़े से पांच सीट आगे थी। सभापति चुनाव में खतीजा को 41 वोट मिलने से कांग्रेस समर्थित खेमे ने अपने चुनावी संख्या-बल से आगे समर्थन प्राप्त किया। वहीं कंचन को भी भाजपा की 22 सीटों से दो ज्यादा, यानी 24 वोट मिले।
चौथी बार पार्षद बनी हैं खतीजा बानो
खतीजा बानो सीकर की स्थानीय राजनीति में जाना-पहचाना नाम हैं और चौथी बार पार्षद बनी हैं। वह निवर्तमान सभापति जीवण खां की पत्नी हैं। वार्ड चुनाव के बाद से ही सभापति पद के लिए उनका नाम कांग्रेस के प्रमुख दावेदारों में था। कांग्रेस ने 38 सीटों के साथ लगातार नगर परिषद में मजबूत स्थिति बनाई थी। खतीजा बानो की जीत के साथ सीकर नगर परिषद में कांग्रेस ने सभापति पद भी अपने पास बनाए रखा है। अब नगर परिषद की अगली राजनीतिक परीक्षा उपसभापति पद के चुनाव में होगी।
अब 22 सितंबर को उपसभापति का चुनाव
सभापति का फैसला होने के बाद अब मंगलवार, 22 सितंबर को सीकर नगर परिषद में उपसभापति पद के लिए चुनाव होगा। राज्य निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार सुबह 10 बजे बैठक शुरू होगी और सुबह 11 बजे तक नामांकन पत्र प्रस्तुत किए जा सकेंगे। सुबह 11:30 बजे से नामांकन पत्रों की जांच होगी। उम्मीदवार दोपहर 2 बजे तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। यदि नाम वापसी के बाद एक से अधिक प्रत्याशी मैदान में रहते हैं तो दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान कराया जाएगा। मतदान समाप्त होते ही मतगणना होगी और उसी दिन उपसभापति का परिणाम घोषित कर दिया जाएगा।
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