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September 21, 2026
वार्ड-10 की कांग्रेस पार्षद लक्ष्मी देवी अब तक नहीं पहुंचीं मतदान करने; ससुर ने कांग्रेस पर लगाए आरोप, भाजपा प्रत्याशी प्रेम देवी की रिश्तेदार बताई जा रहीं लक्ष्मी
खाटूश्यामजी (सीकर)। खाटूश्यामजी नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव को लेकर सोमवार को सियासी माहौल और गरमा गया। वार्ड नंबर 10 से कांग्रेस पार्षद लक्ष्मी देवी के मतदान के लिए नहीं पहुंचने के बाद अब भाजपा नेता और कार्यकर्ता उनके पक्ष में धरने पर बैठ गए हैं। भाजपा के गजानंद कुमावत, पवन पुजारी सहित कई कार्यकर्ताओं ने मौके पर धरना शुरू किया है। दूसरी ओर लक्ष्मी देवी के ससुर सागर मल झिंझवाडिया ने पूरे मामले को लेकर कांग्रेस पर आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच कर रही है। वहीं, जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कपिल उपाध्याय की ओर से मतदान का समय शाम 5 बजे तक बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई है। सामान्य चुनाव कार्यक्रम के अनुसार खाटूश्यामजी नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए मतदान सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक होना था।
कांग्रेस पार्षद के समर्थन में भाजपा का धरना
इस घटनाक्रम में सबसे दिलचस्प स्थिति यह बनी है कि लक्ष्मी देवी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर पार्षद बनी हैं, लेकिन उनके मतदान के लिए नहीं पहुंचने के बाद भाजपा नेता और कार्यकर्ता उनके पक्ष में धरने पर बैठे हैं। भाजपा से जुड़े गजानंद कुमावत, पवन पुजारी सहित कार्यकर्ताओं ने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग उठाई है। इससे पहले लक्ष्मी देवी के परिजनों की ओर से उनके कथित अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस को शिकायत देने की बात सामने आई थी। अब परिवार की ओर से कांग्रेस पर भी आरोप लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही परिस्थितियां स्पष्ट होंगी।
भाजपा प्रत्याशी प्रेम देवी की रिश्तेदार बताई जा रहीं लक्ष्मी देवी
सियासी घटनाक्रम के बीच यह भी बताया जा रहा है कि कांग्रेस पार्षद लक्ष्मी देवी नगर पालिका अध्यक्ष पद की भाजपा प्रत्याशी प्रेम देवी की रिश्तेदार हैं। इस रिश्तेदारी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है, क्योंकि नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस के बीच संख्या-बल बराबर है और प्रत्येक पार्षद का मत महत्वपूर्ण है। खाटूश्यामजी नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस ने विनीता पूनिया और भाजपा ने प्रेम देवी को प्रत्याशी बनाया है। नगर पालिका में कुल 20 पार्षद हैं और अध्यक्ष बनने के लिए 11 मतों की आवश्यकता है।
भाजपा-कांग्रेस के 8-8 पार्षद, इसलिए हर वोट महत्वपूर्ण
खाटूश्यामजी नगर पालिका के वार्ड चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने 8-8 सीटें जीती हैं। इसके अलावा तीन निर्दलीय और एक आरएलपी पार्षद निर्वाचित हुआ है। किसी भी दल को अपने दम पर बहुमत नहीं मिला है। ऐसे में अध्यक्ष पद के चुनाव में एक भी पार्षद की अनुपस्थिति चुनावी गणित को प्रभावित कर सकती है। कांग्रेस पार्षद लक्ष्मी देवी के मतदान के लिए नहीं पहुंचने के कारण मामला और संवेदनशील हो गया है। लक्ष्मी देवी वार्ड नंबर 10 से कांग्रेस के टिकट पर निर्वाचित हुई थीं। उन्होंने भाजपा की ममता देवी को 37 वोटों के अंतर से हराया था और उन्हें कुल 172 मत मिले थे।
लक्ष्मी देवी के ससुर ने कांग्रेस पर लगाए आरोप
इस बीच लक्ष्मी देवी के ससुर सागर मल झिंझवाडिया भी सामने आए हैं और उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाए हैं। परिवार की ओर से पहले पार्षद के कथित अपहरण की आशंका जताई गई थी। अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। इसलिए पार्षद की अनुपस्थिति, उनके वर्तमान ठिकाने अथवा किसी राजनीतिक दल की भूमिका को लेकर जांच पूरी होने से पहले किसी आरोप को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
चुनाव अधिकारी ने बढ़ाया मतदान का समय
घटनाक्रम के बीच मतदान प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है। उपलब्ध ताजा जानकारी के अनुसार जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कपिल उपाध्याय ने मतदान के लिए समय बढ़ाकर शाम 5 बजे तक कर दिया है। राज्य निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार सामान्य रूप से निकाय अध्यक्ष पद के लिए मतदान सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित था और मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद मतगणना होनी थी। ऐसे में खाटूश्यामजी में मतदान का समय बढ़ाया जाना मौजूदा विवाद के बीच महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि लक्ष्मी देवी शाम 5 बजे तक मतदान स्थल पहुंचती हैं या नहीं और अध्यक्ष पद के लिए अंतिम संख्या-गणित क्या रहता है।
मौके पर पुलिस, नतीजे पर टिकी नजर
मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस समर्थकों की मौजूदगी के कारण राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। पुलिस मौके पर स्थिति पर नजर रख रही है और पार्षद से जुड़े मामले की जांच कर रही है। 20 सदस्यीय नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस दोनों के पास 8-8 पार्षद हैं, इसलिए अध्यक्ष चुनाव का परिणाम निर्दलीय, आरएलपी और किसी भी अनुपस्थित पार्षद की स्थिति से सीधे प्रभावित हो सकता है। अब मतदान समाप्त होने और मतगणना के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि खाटूश्यामजी नगर पालिका में किसका बोर्ड बनता है।
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