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July 16, 2026
शहर कांग्रेस अध्यक्ष राजकुमार जयपाल ने सिविल लाइंस थाने में जिला कलेक्टर के खिलाफ दर्ज कराया परिवाद,
आनासागर की बदहाली और हजारों मछलियों की मौत का बताया जिम्मेदार, दुर्गंध और गंदगी के बीच आनासागर चौपाटी पर दिया धरना
अजमेर शहर की ऐतिहासिक आना सागर झील में पानी का स्तर अचानक घटने के बाद हजारों मछलियों की मौत का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ने लगा है। गुरुवार को अजमेर शहर कांग्रेस कमेटी ने आनासागर चौपाटी पर धरना देकर विरोध-प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इसके बाद शहर अध्यक्ष डॉ राजकुमार जयपाल ने अधिवक्ताओं के साथ सिविल लाइन थाने पहुंच कर जिला कलेक्टर लोकबंधु के खिलाफ एक शिकायत देकर कार्यवाही की मांग की।
झील किनारे फैली बदबू के बीच कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मुंह पर मास्क लगाकर प्रदर्शन किया और इसे प्रशासन की लापरवाही का परिणाम बताया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मानसून की संभावनाओं को देखते हुए प्रशासन ने झील से भारी मात्रा में पानी निकाल दिया,जिससे जलस्तर तेजी से गिर गया और हजारों मछलियां तड़प-तड़प कर मर गईं। मरी हुई मछलियों के सड़ने से पूरे आना सागर और चौपाटी क्षेत्र में असहनीय दुर्गंध फैल गई है। इसका असर पर्यटन पर भी दिखाई देने लगा है। चौपाटी पर आने वाले पर्यटकों की संख्या अचानक कम हो गई और आसपास के छोटे व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
अजमेर शहर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने सीधे तौर पर जिला कलेक्टर लोक बंधु को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा आनन-फानन में झील का पानी खाली करने की वजह से बड़ी संख्या में मछलियां मर गईं, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी दुर्गंध और गंदगी फैल गई है। पानी कम होने और गंदगी के कारण झील में बैक्टीरिया व वायरल कंसंट्रेशन (संक्रमण) का खतरा 100% बढ़ गया है, जिससे शहर में महामारी फैलने की पूरी आशंका है। कांग्रेस ने सिविल लाइंस थाने में जिला कलेक्टर व अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दी है और पुलिस से इस मामले में शीघ्र एवं सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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