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June 26, 2026
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने इंटेलिजेंस ब्यूरो यानी आईबी के स्पेशल डायरेक्टर महेश दीक्षित को देश की आंतरिक खुफिया एजेंसी का नया प्रमुख नियुक्त किया है। वे मौजूदा आईबी डायरेक्टर तपन कुमार डेका का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल 30 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। केंद्र सरकार ने महेश दीक्षित को दो वर्ष के लिए आईबी डायरेक्टर नियुक्त किया है।
महेश दीक्षित 1993 बैच के आंध्र प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। वे फिलहाल इंटेलिजेंस ब्यूरो में स्पेशल डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे और एजेंसी के दूसरे सबसे वरिष्ठ अधिकारी माने जाते थे। खुफिया तंत्र, आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
जम्मू-कश्मीर में भी संभाल चुके हैं अहम जिम्मेदारी
महेश दीक्षित इससे पहले जम्मू-कश्मीर में सब्सिडियरी इंटेलिजेंस ब्यूरो यानी एसआईबी के प्रमुख रह चुके हैं। जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में काम करने के दौरान उन्होंने सुरक्षा, खुफिया समन्वय और आतंकवाद विरोधी अभियानों से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उन्हें आंतरिक सुरक्षा और खुफिया ऑपरेशन का अनुभवी अधिकारी माना जाता है।
आईबी प्रमुख के रूप में महेश दीक्षित के सामने देश की आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद, साइबर चुनौतियों, कट्टरपंथी गतिविधियों, सीमा पार नेटवर्क और संगठित अपराध से जुड़े खुफिया तंत्र को और मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी। बदलते सुरक्षा परिदृश्य में आईबी की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती
तपन कुमार डेका का कार्यकाल 30 जून को होगा समाप्त
मौजूदा आईबी डायरेक्टर तपन कुमार डेका का कार्यकाल 30 जून 2026 को पूरा हो रहा है। डेका 1988 बैच के हिमाचल प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। वे जुलाई 2022 से इंटेलिजेंस ब्यूरो के प्रमुख पद पर कार्यरत थे। केंद्र सरकार ने उनके कार्यकाल को दो बार विस्तार दिया था।
तपन कुमार डेका को भी आतंकवाद विरोधी मामलों और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विषयों का अनुभवी अधिकारी माना जाता है। उनके कार्यकाल के दौरान आईबी ने कई संवेदनशील सुरक्षा मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब उनके स्थान पर महेश दीक्षित देश की आंतरिक खुफिया एजेंसी की कमान संभालेंगे।
आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से अहम नियुक्ति
इंटेलिजेंस ब्यूरो देश की प्रमुख आंतरिक खुफिया एजेंसी है। इसकी जिम्मेदारी देश के भीतर सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखना, आतंकवाद और आंतरिक खतरे से संबंधित इनपुट जुटाना तथा केंद्र और राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय करना है।
महेश दीक्षित की नियुक्ति को आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में निरंतरता और अनुभव के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आईबी में लंबे समय तक कार्य करने और संवेदनशील क्षेत्रों में जिम्मेदारी संभालने के कारण वे एजेंसी की कार्यप्रणाली और सुरक्षा चुनौतियों से भली-भांति परिचित हैं।
आने वाले समय में महेश दीक्षित के नेतृत्व में इंटेलिजेंस ब्यूरो की प्राथमिकता आतंरिक सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने, आधुनिक तकनीकी निगरानी क्षमता बढ़ाने और राज्यों के साथ खुफिया समन्वय को अधिक प्रभावी बनाने पर रह सकती है।
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