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May 30, 2026
जेएलएन में डॉ बुनकर ने रचा इतिहास, जेएलएन में बना वर्ल्ड रिकॉर्ड,
डॉ. शिवकुमार बुनकर ने एक दिन में की 15 लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी (दूरबीन से पित्त की थैली के ऑपरेशन)
अजमेर। जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) अस्पताल, अजमेर ने सर्जरी के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए विश्व स्तर की उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में एक ही दिन में 15 लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी (दूरबीन द्वारा पित्त की थैली निकालने के ऑपरेशन) सफलतापूर्वक सम्पन्न किए गए, जिसे एक वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में देखा जा रहा है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे प्राचार्य डॉ. अनिल सामरिया एवं अस्पताल अधीक्षक (एमएस) डॉ. अरविंद खरे का विशेष मार्गदर्शन और प्रशासनिक सहयोग रहा। वहीं वरिष्ठ सर्जन डॉ. श्याम भूतड़ा के मार्गदर्शन में डॉ. शिवकुमार बुनकर, डॉ नरेश एवं उनकी टीम ने यह असाधारण उपलब्धि हासिल की।
इस रिकॉर्ड बनाने वाली सर्जिकल टीम में डॉ. हितेश, डॉ. मेरुल, डॉ. आशुतोष, डॉ. पारस तथा डॉ. कौशल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी ऑपरेशन आधुनिक दूरबीन तकनीक से सुरक्षित एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न किए गए।
एनेस्थीसिया टीम में डॉ. अरविंद खड़े, डॉ. पूजा माथुर, डॉ. रतन एवं डॉ. प्रदीप, डॉ. शशिबाला ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं ओटी स्टाफ टीम में गीता सिस्टर एवं प्रदीप सिस्टर सहित समस्त नर्सिंग एवं तकनीकी स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा, जिनके समर्पण और टीमवर्क से यह उपलब्धि संभव हो सकी।
डॉ अनिल सांवरिया के अनुसार एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसके लिए उच्च तकनीकी दक्षता, उत्कृष्ट समन्वय और अनुभवी टीम की आवश्यकता होती है।
अधीक्षक डॉक्टर अरविंद खरे ने बताया कि सभी ऑपरेशन मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना के तहत अत्य आधुनिक उपकरणों द्वारा निशुल्क किए गए।
एक्सपर्ट व्यू
डॉ. शिवकुमार बुनकर ने बताया कि यह उपलब्धि पूरी टीम की सामूहिक मेहनत, समर्पण एवं मरीजों के विश्वास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि दूरबीन (लैप्रोस्कोपिक) सर्जरी के क्षेत्र में उनकी टीम लगातार नए आयाम स्थापित कर रही है। डॉ. बुनकर ने बताया कि वे पूर्व में भी हेपेटिक रिसेक्शन (लीवर की जटिल सर्जरी) सहित अनेक कठिन एवं चुनौतीपूर्ण दूरबीन सर्जरियां सफलतापूर्वक कर चुके हैं। वर्तमान उपलब्धि को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया बुक रिकॉर्ड्स, लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में शामिल कराने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें एवं उनकी टीम को मिनिमल एक्सेस और लैप्रोस्कोपिक सर्जरी में विशेष दक्षता एवं अनुभव प्राप्त है, जिसके कारण जटिल से जटिल ऑपरेशन भी सुरक्षित एवं सफलतापूर्वक किए जा रहे हैं। डॉ. बुनकर ने यह भी बताया कि वे पहले एक दिन में सर्वाधिक लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी तथा सबसे तेज लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी जैसी उल्लेखनीय उपलब्धियां भी हासिल कर चुके हैं। उनका मानना है कि आधुनिक दूरबीन तकनीक से मरीजों को कम दर्द, कम रक्तस्राव, शीघ्र स्वास्थ्य लाभ एवं कम अस्पताल प्रवास का लाभ मिलता है।
उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय पूरी सर्जिकल, एनेस्थीसिया एवं ओटी टीम को देते हुए कहा कि भविष्य में भी जेएलएन अस्पताल में विश्वस्तरीय एवं अत्याधुनिक सर्जिकल सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास
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