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May 8, 2026
अजमेर दरगाह में संकट मोचन भगवान शिव के मंदिर वाली याचिका पर कोर्ट में हुई सुनवाई, 1/10 की तीन एप्लीकेशन मंजूर बाकी की आठ एप्लीकेशन खारिज,
सभी खारिज एप्लीकेशन पर लगाया 30-30 हजार का जुर्माना, कोर्ट ने टिप्पणी में कहा प्रसिद्धि पाने के लिए कोर्ट का टाइम खराब करना बर्दाश्त नहीं
अजमेर दरगाह में संकट मोचन भगवान शिव का मंदिर होने के दावे वाली याचिका पर शुक्रवार को सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई हुई। याचिका में वादी और प्रतिवादी बनने के लिए 1/10 की 12 एप्लीकेशन लगाई गई थी। जिन पर सुनवाई हुई। कोर्ट में दोनों पक्षों के बीच बहस हुई। कोर्ट ने 1/10 की एप्लीकेशन पर सुनवाई करते हुए 4 एप्लीकेशन स्वीकार की ओर 8 एप्लिकेशन खारिज करते हुए 1 महीने के अंदर 30-30 हजार रुपए जमा कराने के आदेश दिए हैं। कोर्ट में अगली सुनवाई 22 जुलाई 2026 को होगी।
याचिकाकर्ता विष्णु गुप्ता के एडवोकेट विजय शर्मा ने बताया- कोर्ट में अजमेर दरगाह के अंदर शिव मंदिर होने की याचिका लगाई गई थी। इसमें वादी और प्रतिवादी बनने के लिए 1/10 की करीब 12 एप्लीकेशन लगाई गई थी। इसमें 12 लोगों ने कोर्ट में 1/10 के तहत एप्लीकेशन लगाई थी। इसमें एक ने वादी बनने के लिए, बाकी 11 ने प्रतिवादी पक्षकार बनने के लिए याचिका लगाई थी। इस पर न्यायालय में सुनवाई चल रही थी। कोर्ट में प्रार्थना पत्र पर 2 मई को सुनवाई की गई थी। बाकी बचे प्रार्थना पत्र पर शुक्रवार को सुनवाई हुई।
अधिवक्ता विजय शर्मा ने बताया कि कोर्ट में दोनों पक्षों के बीच बहस हुई। इसके बाद कोर्ट ने मामले में 1/10 के प्रार्थना पत्र पर राजवर्धन सिंह परमार को वादी पक्षकार बनने और मोईनिया फखरिया चिश्ती खुद्दामें ख्वाजा सैयदजादगान दरगाह शरीफ, दीवान सैयद जैनुल आबेदीन सहित अंजुमन यादगार चिश्तियां शेखजादगान खुद्दामें ख्वाजा साहिब को प्रतिवादी पक्षकार बनने की एप्लीकेशन स्वीकार कर ली ।
विजय शर्मा ने बताया कि प्रकरण में कोर्ट ने 8 एप्लीकेशन को खारिज किया है। इस पर कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि तुच्छ प्रसिद्धि पाने के लिए लगाई गई अर्जी से कोर्ट का समय बर्बाद हुआ। वहीं आगे से ऐसा ना हो, इसके लिए सभी खारिज अर्जी पर 30-30 हजार का जुर्माना लगाया जाता है। सभी को यह जुर्माना 1 महीने के अंदर जमा करवाने के आदेश दिए गए हैं।
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