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April 1, 2026
उदयपुर | महावीर जयंती जैसे पवित्र दिन पर, जब पूरे जिले में ड्राई डे लागू था, उसी दौरान एक सरकारी शिक्षक अवैध शराब बेचते हुए पकड़ा गया। मामला सामने आने के बाद सिर्फ कानून ही नहीं, बल्कि समाज और शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं—अगर शिक्षक ही कानून तोड़े, तो बच्चों को क्या सीख मिलेगी? उदयपुर में मांडवा थाना क्षेत्र के बिकरणी कस्बे में आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपी अजित कुमार को रंगे हाथों पकड़ा। वह राजकीय प्राथमिक विद्यालय छापर में पदस्थ सरकारी टीचर है।
सूचना के मुताबिक, आरोपी ने ड्राई डे का फायदा उठाने के लिए पहले से ही शराब और बीयर का बड़ा स्टॉक जमा कर रखा था, ताकि बंद दुकानों के बीच वह इसे महंगे दामों पर बेच सके। मुखबिर की सूचना पर टीम ने सुलाव-कागवास रोड स्थित बिकरणी तिराहे पर छापा मारा, जहां आरोपी भारी मात्रा में शराब के साथ मिला। मौके से बड़ी खेप जब्त कर ली गई। अब आबकारी विभाग आरोपी से पूछताछ कर रहा है कि वह यह शराब कहां से लाया और क्या इस नेटवर्क में और लोग भी शामिल हैं। यह घटना शिक्षा जगत में चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि जिस शिक्षक पर बच्चों को सही रास्ता दिखाने की जिम्मेदारी होती है, वही अगर गैरकानूनी काम में लिप्त मिले, तो समाज में गलत संदेश जाता है।
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