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March 7, 2026
श्री रमा वैकुंठ दिव्य देश नया रंगजी मंदिर का सालाना 11 दिवसीय वार्षिक ब्रह्मोत्सव शुक्रवार को धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ शुरू हो गया। पहले दिन शाम को विधिवत पूजा-अर्चना के बाद भगवान विष्णु के द्वारपाल विष्वक्सेन जी की सवारी स्वर्ण मंगलगिरी पर नगर में निकाली गई। मंदिर प्रबंधक सत्यनारायण रामावत ने बताया कि शुक्रवार शाम विस्वक्सेन जी की सवारी मंदिर के पीछे स्थित बगीचे में पहुंची, जहां परंपरा के अनुसार मृदाहरण (मिट्टी ग्रहण) की रस्म निभाई गई। इसके बाद वीथी शोधन के लिए सवारी नगर भ्रमण पर निकाली गई। सवारी के मंदिर लौटने के बाद रात में अंकुरार्पण प्रतिष्ठा और अधिवास शयन की धार्मिक विधियां संपन्न कराई गईं। ब्रह्मोत्सव के दौरान प्रतिदिन सुबह और शाम मंदिर से वराह घाट चौक तक भगवान के विभिन्न स्वरूपों में सुसज्जित सवारियां गाजे-बाजे के साथ निकाली जाएंगी। इसके साथ ही मंदिर के उत्सव मंडप में धार्मिक कार्यक्रम और पूजा-अर्चना आयोजित होंगे। ब्रह्मोत्सव के शनिवार सुबह मंदिर के गरुड़ स्तंभ पर ध्वजारोहण किया । इसके बाद चतुस्तंभी की सवारी निकलेगी। वहीं शाम को भगवान वैकुंठनाथ सिंह वाहन पर सवार होकर नगर भ्रमण करेंगे। इस अवसर पर भेरावादन और देवताओं का आह्वान भी किया जाएगा। रात्रि में रक्षा बंधन, अधिवास शयन और महाकुंभ स्थापना जैसे धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। उधर श्री रंगनाथ वेणुगोपाल पुराना रंगजी मंदिर में वार्षिक ब्रह्मोत्सव का आयोजन 14 मार्च से शुरू होगा, जिसकी तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही हैं।
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