For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 120227875
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: विधानसभा अध्यक्ष ने दी सौगात,दशकों बाद मिली सड़क,गांव वाले खुश,अब बुजुर्ग भी मंदिर तक जा सकेंगे |  Ajmer Breaking News: डिजिटल तकनीक से पारदर्शी और सटीक होगी ’जनगणना-2027’, अधिकारी दायित्वों को पूरी गंभीरता से निभाएं- अतिरिक्त जिला कलक्टर |  Ajmer Breaking News: राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान,विश्व महिला दिवस की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम आयोजित |  Ajmer Breaking News: राजस्थान सरकार देवस्थान विभाग की ओर से संचालित वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2025 के अन्तर्गत मदार से तिरुपति की विशेष वातानुकूलित ट्रेन को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने दिखाई हरी झंडी,  |  Ajmer Breaking News: अजमेर के कृष्णगंज थाना अंतर्गत लोहागल रोड पर निर्माणधीन मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल परिसर से 10 लाख रुपए का माल चोरी होने का मामला आया सामने, |  Ajmer Breaking News: श्री रमा वैकुंठ दिव्य देश नया रंगजी मंदिर का सालाना 11 दिवसीय वार्षिक ब्रह्मोत्सव शुक्रवार को धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ शुरू हो गया। |  Ajmer Breaking News: विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने रेडक्रॉस सोसायटी के नवनिर्मित विश्राम गृह का किया लोकार्पण |  Ajmer Breaking News: बीजीय मसालों के अनुसंधान और तकनीक से किसानों की बढ़ेगी आय - भागीरथ चौधरी |  Ajmer Breaking News: अजमेर में 7 से 10 मार्च तक तृतीय अजमेर थिएटर फेस्टिवल,एनएसडी रंगमंडल के चार चर्चित नाटकों का होगा मंचन, सभी प्रस्तुतियां दर्शकों के लिए रहेगी निःशुल्क |  Ajmer Breaking News: आदर्श नगर थाने के सामने स्लीपर बस अनियंत्रित होकर पलटी, चालक की मौके पर हुई मौत, 2 दर्जन से ज्यादा सवारी हुई घायल , | 

अजमेर न्यूज़: बीजीय मसालों के अनुसंधान और तकनीक से किसानों की बढ़ेगी आय - भागीरथ चौधरी

Post Views 01

March 7, 2026

राष्ट्रीय मसाला बीजीय अनुसंधान संस्थान, तबीजी में आयोजित इंडस्ट्री मीट एवं किसान मेला-2026 में सम्मिलित हुए केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी

बीजीय मसालों के अनुसंधान और तकनीक से किसानों की बढ़ेगी आय - भागीरथ चौधरी

राष्ट्रीय मसाला बीजीय अनुसंधान संस्थान, तबीजी में आयोजित इंडस्ट्री मीट एवं किसान मेला-2026 में सम्मिलित हुए केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी

अजमेर, 7 मार्च। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने शनिवार को केंद्रीय कृषि अनुसंधान परिषद के अजमेर स्थित राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान संस्थान, तबीजी में आयोजित मसाला औद्योगिक संगोष्ठी एवं किसान मेला-2026 में किसानों के साथ संवाद किया। इसका आयोजन केंद्रीय कृषि अनुसंधान परिषद के बौद्धिक संपदा एवं तकनीकी प्रबंध इकाई, इंडियन सोसाइटी ऑफ सीड स्पाइसेज (आईएसएसएस) एवं डायरेक्टर ऑफ अरेकानट एंड स्पाइसेज डेवलपमेंट (डीएएसडी) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। कार्यक्रम में आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. मांगीलाल जाट सहित देशभर से आए वैज्ञानिक, कृषि विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि बीजीय मसालों के क्षेत्र में अनुसंधान, आधुनिक तकनीक और उद्योग के सहयोग से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों, उद्योग जगत और किसानों के बीच समन्वय को मजबूत बनाना समय की आवश्यकता है, ताकि नई तकनीकें तेजी से खेतों तक पहुँच सके।

भागीरथ चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को आर्थिक सुरक्षा, आधुनिक तकनीक और बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. मांगीलाल जाट ने कहा कि किसान कृषि के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए आवश्यक विषयों की जानकारी सरकार को प्रदान करें। इससे आवश्यकता आधारित अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। अनुसंधान के क्षेत्र को बढ़ाने के लिए नागौरी पान मेथी को भी स्थानीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र की सूची में शामिल किया जाएगा। इसी प्रकार राजस्थानी सूखी लाल मिर्च पर भी शोध होंगे। जीरे में प्रसंस्करण की सुविधा विकसित की जानी चाहिए। धनिया के बीज के लिए कोटा को हब बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे धनिया के बीज को आयात करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। प्राकृतिक जैविक खेती से मसाला उत्पादन का उत्कृष्ट केंद्र अजमेर में बनने की संभावना है। वर्तमान में भूमि सामान्य से क्षारीय अथवा अम्लीय प्रकृति की हो रही है। इससे बचने के लिए नई क्षारीय, गर्मी एवं अम्लीय प्रतिरोधी किस्मों को विकसित करने की आवश्यकता है। 

स्वामी केशवानंद कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर के कुलगुरु प्रो. पी. एस. चौहान ने कहा कि अनुसंधान में निवेश बढ़ाया जाना चाहिए। उद्योगों को किसानों से सीधा जोड़कर अपनी आवश्यकता के अनुसार नई फसलें पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। धानुका एग्रीटेक के डॉ. आर.जी. अग्रवाल ने कहा कि लघु एवं सीमांत कृषकों तक भी नवीन शोध पहुंचने चाहिए। वर्तमान में फसल विविधता को अपनाने की आवश्यकता है। अटारी जोधपुर के निदेशक डॉ. जे.पी. मिश्रा ने कहा कि जोधपुर में जीरा उत्पादन के लिए क्लस्टर बनाकर नई प्रजाति का प्रदर्शन किया जाएगा।

इस अवसर पर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने बीज प्रसंस्करण सुविधा का उद्घाटन किया। तकनीकी पुस्तिकाओं का विमोचन और बीज पैकेटों का वितरण भी किया। कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों और वैज्ञानिकों का सम्मान भी किया गया। अतिथियों का स्वागत राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. विनय भारद्वाज ने किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. एस.एस. मीणा के द्वारा प्रदान किया गया।इस अवसर पर देशभर से आए वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों, उद्यमियों और बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved