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April 5, 2025
अजमेर नगरी आज एक अद्वितीय आध्यात्मिक आयोजन की साक्षी बनी, जब दिगम्बर जैन समाज के प्रख्यात आचार्य श्री वसुंनंदी जी महा मुनिराज का अजमेर में भव्य मंगल प्रवेश संपन्न हुआ। उनके साथ लगभग 11 साधु-साध्वियों का तपस्वी संघ भी शामिल रहा। यह ऐतिहासिक क्षण रोडवेज बस स्टैंड के समीप गुरु-शिष्य मिलन के साथ प्रारंभ हुआ, जहां श्रद्धालुओं में भावविभोर करने वाला उत्साह देखा गया।
आचार्य संघ का स्वागत केंद्रीय बस स्टैंड से एक विशाल जुलूस के रूप में हुआ। यह मंगल प्रवेश यात्रा बस स्टैंड से शुरू होकर कचहरी रोड, गांधी भवन, नया बाजार चौपड़ होते हुए सोनी जी की नासिया पहुँची। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पाग-पछाल कर गुरु संघ का भव्य स्वागत किया गया। पूरे शहर में आध्यात्मिक वातावरण छा गया और जयकारों की गूंज सुनाई दी।
सोनी जी की नासिया में एक विशेष धर्मसभा का आयोजन किया गया, जिसमें हज़ारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया। धर्मसभा में आचार्य श्री ने शांत, सरल और प्रभावी वाणी में मंगल प्रवचन दिए, जिसमें उन्होंने संयम, अहिंसा और आत्मकल्याण का महत्व बताया। इस मौके पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ी, जिसने कार्यक्रम को अत्यंत सफल और ऐतिहासिक बना दिया।
आचार्य श्री वसुंनंदी जी ससंघ का यह आगमन आगामी 20 अप्रैल से 25 अप्रैल तक नाका मदार स्थित श्री जिनशासन तीर्थ क्षेत्र में आयोजित होने वाले पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत हुआ है। यह तीर्थ क्षेत्र उत्तर भारत में दिगम्बर जैन समाज का सबसे बड़ा और प्रमुख तीर्थ माना जाएगा।जहां हर वर्ष देशभर से श्रद्धालु पहुंचेंगे।
आयोजन समिति के अनुसार, आगामी दो से तीन दिनों में आचार्य संघ के अन्य साधु-साध्वियाँ भी अजमेर पहुंचेंगे। विशेष रूप से 11 अप्रैल को 41 से अधिक साधु-साध्वियों का श्री जिनशासन तीर्थ क्षेत्र पर मंगल प्रवेश होने जा रहा है, जो एक और भव्य आध्यात्मिक क्षण होगा। पंचकल्याणक महोत्सव को लेकर समाज में विशेष उल्लास और तैयारियों का माहौल है।
दिगम्बर जैन समाज और श्री जिनशासन तीर्थ क्षेत्र समिति द्वारा यह आयोजन समाज में संयम, श्रद्धा और अध्यात्म का संदेश प्रसारित करने के लिए एक प्रेरणादायक अवसर सिद्ध हो रहा है।
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