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April 1, 2025
ब्यावर में टैंकर से नाइट्रोजन एसिड रिसाव मामले में अजमेर रेफर किए गए 5 में से दो की हुई मौत,
फैक्ट्री मालिक सुनील की कल देर रात हुई थी मौत, एक अन्य नरेन्द्र की उपचार के दौरान आज हुई मौत, बाकी तीन का चल रहा है उपचार
ब्यावर में तेजाब फैक्ट्री के गोदाम में खड़े टैंकर से नाइट्रोजन गैस लीक मामले में फैक्ट्री मालिक सहित अन्य घायलों को अजमेर के जेएलएन हॉस्पिटल में रेफर किया गया जहां इलाज के दौरान फैक्ट्री मालिक सहित 3 लोगों की मौत हो गई। महिला सहित एक अन्य व्यक्ति आईसीयू में एडमिट है, जिनका इलाज किया जारी है।
अजमेर जिला कलेक्टर लोकबंधु घायलों की हालत जानने के लिए अस्पताल के आईसीयू पहुंचे और प्रिंसिपल डॉ. अनिल सामरिया के साथ ही अधीक्षक डॉ अरविंद खरे से मामले की जानकारी ली गई। कलेक्टर लोग बंधु ने कहा कि ब्यावर से पांच मरीज रेफर होकर जेएलएन अस्पताल में पहुंचे थे। तीन की अब तक मौत हो चुकी है। बाकी दो मरीज आईसीयू में एडमिट है। लगातार डॉक्टर की टीम मॉनिटरिंग कर रही है। जो भी व्यवस्था है वह यहां पर की जा रही है। अन्य पेशेंट आने की भी संभावना है। इसे लेकर पांच बेड रिजर्व किए गए हैं। जो भी सूचना मिलेगी उसके हिसाब से पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी।
वहीं दूसरी ओर मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों ने मोर्चरी के बाहर घटना का विरोध जताते हुए प्रशासन से घायलों और मृतकों के परिवार को मुआवजा सहित सरकारी नौकरी देने की मांग की है। लिखित आश्वासन नहीं देने तक शव लेने से मना किया है।
ब्यावर गैस कांड मामले में ग्रामीण सहित मृतकों के परिजनों ने मोर्चरी के बाहर धरना दे रखा है। सरपंच प्रतिनिधि गोरधन सिंह ने कहा कि इस पूरे हादसे में प्रशासन की लापरवाही है। रिहाईसी इलाके में फैक्ट्री संचालित हो रही थी। प्रशासन ने अब फैक्ट्री को सीज कर लीपापोती की है। अब प्रशासन से यही मांग है कि घायलों के परिवार को मुआवजा और मृतकों के परिवार को भी मुआवजा सहित सरकारी नौकरी दी जाए। जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलता तब तक बॉडी नहीं ली जाएगी।
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