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March 29, 2025
उदयपुर। राजस्थान साहित्य अकादमी के सेक्टर-3 स्थित परिसर में शुक्रवार को राजस्थान आर्ट ट्रेडिशन टूरिज्म इनिशिएटिव (रत्ती) का आयोजन हुआ। प्रदेश की सांस्कृतिक, साहित्यिक और पर्यटन धरोहर को बढ़ावा देने के लिए हुए इस कार्यक्रम में लोक संस्कृति, साहित्य, नृत्य, संगीत, जनजातीय जीवनशैली और पर्यटन की झलक देखने को मिली... यह आयोजन अमी संस्थान, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के साझे में हुआ। इसमें युवाओं को राजस्थानी साहित्य, इतिहास और परंपराओं से जोड़ने पर जोर दिया गया। साहित्यिक सत्र में लेखिका डॉ. प्रियंका भट्ट ने राजस्थान की साहित्यिक परंपरा और समकालीन लेखन पर चर्चा की। साहित्यकार डॉ. आशीष सिसोदिया ने लोक साहित्य और आधुनिक लेखन प्रवृत्तियों पर विचार रखे। राजस्थान के मोटे अनाजों पर रोहित जैन ने मिलेट्स ऑफ राजस्थान विषय पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बाजरा, ज्वार और रागी जैसे अनाजों के स्वास्थ्य लाभ बताए। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में कथक के विद्यार्थियों ने पारंपरिक और शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति दी। सुविवि के विद्यार्थियों ने राजस्थान की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक झलक दिखाई। अपराजिता ने नृत्य के माध्यम से राजस्थान के शौर्य और परंपरा का संगम प्रस्तुत किया। आयोजन सचिव डॉ. शिवदान सिंह जोलावास ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक कलाओं को पुनर्जीवित करना, राजस्थानी भाषा और साहित्य का संरक्षण करना, पर्यटन को बढ़ावा देना, जनजातीय जीवनशैली को उजागर करना और स्थानीय कारीगरों को मंच देना है। मुख्य अतिथि जनजातीय क्षेत्रीय विकास विभाग के शक्ति सिंह राठौड़ ने कहा कि जनजातीय संस्कृति और लोक परंपराएं हमारी पहचान हैं। अध्यक्षता कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा की। उन्होंने कहा कि साहित्य, कला और संस्कृति का यह संगम युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। अकादमी के सचिव बसंत सिंह सोलंकी ने कहा कि यह पहल सांस्कृतिक वैभव को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। अमीं संस्थान की सचिव राजेश्वरी राणावत ने कहा कि यह पहल राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में प्रयासरत है।
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