Post Views 51
March 18, 2025
नई दिल्ली बजट सत्र के दूसरे चरण के पांचवें दिन मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में महाकुंभ को लेकर अपना संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है।
पीएम मोदी ने कहा कि "महाकुंभ में अनेक अमृत निकले हैं और एकता का अमृत इसका पवित्र प्रसाद है।
"प्रधानमंत्री मोदी का महाकुंभ पर संबोधनप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महाकुंभ पर सवाल उठाने वालों को जवाब मिला है। देशभर में आध्यात्मिक चेतना जागी है, जिससे राष्ट्रीय चेतना को बल मिला। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी भी पूरे उत्साह और आस्था से महाकुंभ से जुड़ी।महाकुंभ के दौरान भारत की सामूहिक चेतना का दर्शन हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपनी मॉरीशस यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि वहां के गंगा तालाब में त्रिवेणी का पवित्र जल डाला गया। उन्होंने कहा कि "अनेकता में एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है, और इसे निरंतर समृद्ध करना हमारा दायित्व है।"
© Copyright Horizonhind 2025. All rights reserved