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August 8, 2023
चंद्रयान- 3 : 6048 किमी प्रति घंटे की तेजी से आगे बढ़ेगा विक्रम, चांद से 150 मीटर ऊंचाई पर शून्य रफ्तार,बहुत रोमांचक होंगे चांद पर लैंडिंग के आखिरी 15 मिनट
बेंगलूरु. चंद्रयान-3 के लैंडर विक्रम को चांद की सतह पर उतारने के आखिरी 15 मिनट का रोमांच किसी टी-20 क्रिकेट मैच मुकाबले के आखिरी ओवर के रोमांच से कम नहीं होगा। लैंडर लगभग 6048 किमी प्रति घंटे (1.68 किमी प्रति सेकंड) की रफ्तार से चांद पर उतरने की यात्रा शुरू करेगा और 15-16 मिनट में लगभग 800 किमी दूर जाकर लैंड करेगा। वहीं, लैंडिंग के समय उसकी अधिकतम गति 1 से 2 मीटर प्रति सेकंड रह जाएगी। इसरो अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने बताया कि चंद्रयान- 3 को पहले चांद की 100 किमी गुणा 30 किमी वाली कक्षा में लाया जाएगा।
30 किमी ऊंचाई से शुरू होगी यात्रा, रफ्तार 1.68 किमी प्रति सेकंड, दूसरा पड़ाव 6.8 किमी रफ्तार 336 मीटर प्रति सेकंड (अल्टीट्यूड होल्डिंग, 7.4 किमी से 6.8 किमी),तीसरा पड़ाव, 800 मीटर रफ्तार 100 मीटर प्रति सेकंड (फाइन ब्रेकिंग, 6.8 किमी से 800 मीटर), लैंडिंग स्थल का खुद चुनाव करेगा लैंडर:, ऐसे पहुंचेगे चांद पर
पहला पड़ाव
7.4 किमी, रफ्तार 358 मीटर प्रति सेकंड (रफ ब्रेकिंग, 30 किमी से 7.4 किमी)
तीसरे चरण में लैंडर 6.8 किमी की ऊंचाई से लगभग 800 मीटर नीचे तक आएगा। इसमें लगभग 175 सेकंड का वक्त लगेगा। यहां उसका वेग शून्य हो जाएगा लैंडर कुछ देर तक मंडराएगा। लैंडिंग के लिए महत्त्वपूर्ण चरण में सेंसर चांद की सतह पर लेजर किरणें भेजकर जगह का मुआयना करेंगे।
चौथा पड़ाव
150 मीटर लैंडर फैसला करेगा लैडिंग करनी है या नहीं (टर्मिनल डिसेंट फेज, 800 मीटर से चांद की सतह तक)
पांचवा पड़ाव
60 मीटर छठा पड़ाव 10 मीटर
... आखिरी
पड़ाव
चंद्रमा की सतह रफ्तार 1 से 2 मीटर प्रति सेकेंड
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