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January 8, 2023
सवाई सिंह की हत्या के 3 आरोपियों में से एक को किया गिरफ्तार,आरोपी सूर्य प्रताप और धर्म प्रताप पर है पूर्व में कई आपराधिक मुकदमे, 3 मामलों में काट चुके हैं सजा,
बाप की हत्या का बदला लेना था आरोपियों का उद्देश्य
"बाप की मौत का बदला लेने के लिए बेटो ने 30 साल इंतकाम की आग में खुद को तपाए रखा, और मौका मिलते ही गोलियों से पिता की हत्या आरोप से बरी हुए पूर्व पार्षद के सीने और सिर को गोलियों से छलनी कर दिया" यह कहानी नहीं हकीकत है। जो शनिवार 7 जनवरी को पुष्कर के निकटवर्ती ग्राम बासेली में हुए सवाई सिंह हत्याकांड के बाद पुलिस जांच में सामने आई है। सीओ ग्रामीण इस्लाम खान ने बताया कि पुष्कर थाना पुलिस ने पूर्व पार्षद सवाई सिंह की गोली मारकर हत्या के मामले आरोपी सूर्य प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है । आरोपी के पास एक देसी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं । मामले में सह आरोपी धर्म प्रताप सिंह और एक अन्य व्यक्ति की तलाश की जा रही है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी सूर्य प्रताप सिंह को कोर्ट में पेश किया जाएगा।सवाई सिंह हत्याकांड के दौरान घायल हुए सवाई सिंह के साथी दिनेश तिवाडी की रिपोर्ट पर पुष्कर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है
हत्या के आरोपियों का जब पुलिस रिकॉर्ड खंगाला गया। तो सामने आया कि आरोपी सूर्य प्रताप सिंह और धर्म प्रताप सिंह पर पूर्व में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। जिनमें हत्या के प्रयास,लूट,जबरन वसूली,मारपीट,अवैध शराब बिक्री के 1 दर्जन से अधिक मुकदमा दर्ज किए जा चुके हैं। जिनमें से 3 मामलों में आरोपियों को कोर्ट ने जेल भी भेजा था ।
पुष्कर के निकटवर्ती ग्राम बासेली के युवराज फोर्ट में हुए सवाई सिंह हत्याकांड में जब पुष्कर पुलिस ने सरगर्मी से तहकीकात की तो जो कहानी सामने आई वह चौंकाने वाली थी। सीओ ग्रामीण इस्लाम खान बताते हैं कि सन 1992 में अजमेर के एक अखबार चलाने वाले मदन सिंह को श्रीनगर रोड पर गोली मारी गई थी। जिसके बाद मदन सिंह को अजमेर के जेएलन अस्पताल ले जाया गया। वहां पर भी मदन सिंह को जिंदा देख। आरोपी ने फिर एक बार उसे गोलियों से भून दिया। जिसमें मदन सिंह की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शी मदन सिंह की मां के बयानों के आधार पर अजमेर के पूर्व विधायक रहे डॉक्टर राजकुमार जयपाल, सवाई सिंह,नरेंद्र सिंह, को आरोपी बनाया गया था । जिन्हें कोर्ट में सुनवाई के बाद आरोप से बरी कर दिया गया। जिसके बाद सन 2012 में आरोपों से बरी हुए सवाई सिंह पर जानलेवा हमला भी हुआ। करीब 30 साल बाद मौका देख कर मदन सिंह के दोनों पुत्रों सहित एक अन्य आरोपी ने गोली मारकर सवाई सिंह की हत्या कर दी।
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