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December 31, 2022
कोरोना काल के बीते 2 साल के बाद बिना किसी पाबंदियों के नए साल की शुरुआत हो रही है। इससे पहले देश और विदेश के हजारों श्रद्धालु और पर्यटक पुष्कर पहुंच रहे हैं। जिससे कस्बे के बाजार, मंदिर, घाट, होटल, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट्स पर्यटक को से आबाद है। नव वर्ष की शुरुआत के पहले से ही देश विदेश से हजारों श्रद्धालु और पर्यटक तीर्थ नगरी पुष्कर में आना शुरू हो गए हैं जिससे कस्बे के बाजार पर्यटक को से आबाद नजर आ रहे हैं । पुरे देश में लोग नए वर्ष का जश्न मनाने में जूटे हुए है । इसी कड़ी में तीर्थ नगरी पुष्कर में भी लोग अपने -अपने तरीको से नए साल का स्वागत करने को तैयार है । वर्ष 2023 की बेहतरीन शुरुआत के लिये इस बार पर्यटको के आकर्षण का केंद्र बने हुए है यहाँ के रेतीले धोरे एक और जहाँ लोग इन धोरो में केमल सफारी और सैंड आर्ट,एडवेंचर स्पोर्ट के बीच अपनी यादो को सजाने में लगे है तो वही सरोवर ओर ब्रह्मा मंदिर पर श्रद्धालु नववर्ष की मंगलकामनाओ के साथ दर्शन लाभ ले रहे । इसी बीच पुष्कर में विदेशी पर्यटक भी नए साल के आगमन को लेकर खासा उत्साहित नजर आ रहे है । कस्बे में बने होटल रेसोर्ट में पार्टियों की तैयारियां भी जोर शोर से चल रही है ।
पर्यटकों की आवक से गुलजार हैं होटल रेस्टोरेंट
कोरोना काल के बीते 2 साल में पर्यटन व्यवसाय को कई मुश्किलों से गुजरना पड़ा। पाबंदियों के बीच आयोजित हुए पुष्कर के अंतरराष्ट्रीय मेले और होली महोत्सव के बाद पहली बार बिना किसी पाबंदी के नव वर्ष उत्सव 2023 का आयोजन तीर्थ नगरी पुष्कर में हो रहा है। जिसके चलते देश और दुनिया से हजारों पर्यटक पुष्कर पहुंचे हैं। होटल एसोसिएशन के नरेंद्र सिंह बताते हैं कि पुष्कर क्षेत्र में करीब 250 से 300 छोटी और बड़ी होटल संचालित की जा रही है। जिनमें शीतकालीन अवकाश और नए वर्ष के चलते देश और दुनिया के हजारों लोग आकर ठहर रहे हैं। जिससे दिसंबर के आखिरी सप्ताह में कस्बे की होटलों में 1 करोड़ रुपए से अधिक का व्यापार होने की उम्मीद लगाई जा रही है। वहीं दूसरी ओर होटल ओनर एसोसिएशन के रघु पारीक बताते हैं कि बीते 2 सालों में पुष्कर कस्बे की परिधि में बने छोटे गेस्ट हाउस को इन आयोजनों से उतना आर्थिक लाभ नहीं मिल पाएगा । जितनी उम्मीद लगाई जा रही है । हाल के दिनों में यह देखा जा रहा है कि देसी पर्यटक पुष्कर के बाहरी क्षेत्र में बने होटल और रिसॉर्ट में ठहरना पसंद कर रहे हैं।
सरोवर और ब्रह्मा मंदिर पर लग रहा है श्रद्धालुओं का ताता
भले ही हिंदू नव वर्ष चैत्र महीने में शुरू होता है। बावजूद इसके देश भर से आए कई पर्यटक अपने नए साल की शुरुआत को धार्मिक रंग दे रहे हैं। जिसके चलते जगतपिता ब्रह्मा मंदिर और पुष्कर सरोवर पर श्रद्धालुओं की भारी आवक देखी जा रही है। तीर्थ पुरोहित दिलीप शास्त्री ने बताया कि आंगल नए वर्ष के पूर्व ही श्रद्धालु सरोवर पर पहुंचकर पूजा अर्चना और स्नान दान कर रहे हैं। वही जगतपिता ब्रह्मा मंदिर के के व्यवस्थापक अरुण पाराशर ने बताया कि नव वर्ष पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। जिसके चलते 31 दिसंबर और 1 जनवरी को लगभग 20 हजार से अधिक श्रद्धालु मंदिर पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि नए साल में मंदिर में दर्शन का समय नवंबर से फरवरी तक सुबह 6:00 बजे से शाम 8:30 बजे तक रहेगा। इस दौरान मंदिर दिन में 1:30 से 3:00 तक बंद रहेगा । तो वही मार्च से अक्टूबर में सुबह 5:30 बजे से शाम 8:00 बजे तक मंदिर खुला रहेगा। इस दौरान दिन में 1:30 से 3:30 तक मंदिर बंद रहेगा। आंगल नव वर्ष के अवसर पर मंदिर में प्रतिमा का विशेष श्रृंगार और पूजा अर्चना की जाएगी।
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