Post Views 121
November 10, 2022
बच्चों को समझ में आ गया तो परिवार समझ जाता है-सुशील कुमार
पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जरूरी है वेस्ट मैनेजमेंट
नगर निगम आयुक्त एवं अजमेर स्मार्ट सिटी के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सुशील कुमार ने कहा कि पर्यावरण सुरक्षा के लिए वेस्ट मैनेजमेंट जरूरी है। बच्चे यदि वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को समझ जाते हैं तो परिवार के अन्य सदस्य भी उसका पालन करने लगते हैं। गुरुवार को जवाहर रंगमंच पर आयोजित “ गार्बेज टू गोल्ड” विषय पर चार दिवसीय सेमीनार के तीसरे दिन हिस्सा लेने आए विभिन्न शिक्षण संस्थान के छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सेमीनार में जिस प्रकार से प्रशिक्षण दिया जा रहा है उससे अजमेर के शहरवासी लाभांवित होंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से आव्हान किया कि वे अपने मनोबल को कम ना होने दें। छोटे-छोटे प्रयासों से ही व्यवस्था में बदलाव संभव है।
अजमेर स्मार्ट सिटी लिमिटेड और नगर निगम के संयुक्त तत्वावधान में गार्बेज टू गोल्ड विषय पर चार दिवसीय सेमीनार के मुख्य वक्ता श्री सी श्रीनिवासन ( संसाधन व्यक्ति, एलएलआरएम परियोजनाएं, शहरी विकास मंत्रालय भारत सरकार ) ने स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थियों को प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी। निगम आयुक्त श्री सुशील कुमार ने कहा कि शहर से प्रतिदिन 100 से 150 टन कचरा निकलता है। जिसे नगर निगम के सफाई कर्मचारी रात दिन मेहनत कर शहर को साफ-सुधरा बनाने में लगते रहते हैं। निगम के कर्मचारियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी भी जिम्मेवारी है कि घर से एवं शिक्षण संस्थान से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग कर दें। ताकि व्यवस्था को बनाने में सुविधा हो। निगम आयुक्त ने कहा कि यदि छात्र-छात्राएं यहां पर सिखाई एवं बताई गई प्रक्रिया का पालन करने लगते हैं तो परिवार के सदस्य भी उनका अनुसरण करने लगेंगे। धीरे-धीरे एक परिवार से दो परिवार और आने वाले समय में भी अपनी जिम्मेदारी निभाने लगेंगे। सभी शहरवासी अपने दैनिक जीवन में बदलाव लाते हैं तो हम अपने आस-पास एवं क्षेत्र को प्रदूषण मुक्त एवं स्वस्थ्य परिर्यावरण युक्त बना सकेंगे।
सेमीनार में उत्साहित नजर आए विद्यार्थी
एसएलआरएम विषय पर आधारित सेमीनार में सोफिया कॉलेज, राजकीय कन्या महाविद्यालय, एनसीसी कैडेट्स, स्काउट एंड गाइड, राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल, टर्निंग पाइंट, इस्ट पाइंट स्कूल सहित अन्य शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। करीब तीन घंटे तक चली सेमीनार में विद्यार्थी अंत तक बने रहे। सेमीनार के मुख्य वक्ता श्री सी श्रीनिवासन ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि किस प्रकार छोटे-छोटे प्रयासों से एसएलआरएम सिस्टम को सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसकी शुरूआत घर से ही की जा सकती है।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved