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November 7, 2022
अजमेर नगर निगम द्वारा भेजे गए नोटिसों के बाद गौरव पथ मुख्य रोड के सभी खातेदारों ने बनाई गौरव पथ संघर्ष समिति
संघर्ष समिति ने प्रेस वार्ता कर एडवोकेट दिलीप शर्मा के नेतृत्व में नगर निगम से कानून संवत कार्यवाही की की मांग, गौरव पथ के खातेदारों के विरुद्ध की जा रही सभी कार्यवाही को बताया अनुचित
नगर निगम द्वारा नो कंस्ट्रक्शन जोन का हवाला देकर गौरव पथ मुख्य रोड के सभी खातेदारों को नोटिस जारी किए गए जिसके खिलाफ सभी खातेदारों ने एकजुट होकर गौरव पथ संघर्ष समिति का गठन किया। जिसमें सर्वसम्मति से हरीश छतवानी को समिति का अध्यक्ष, अंशुल जयसिंघानी को सचिव, विजेंद्र चौधरी को कोषाध्यक्ष और दिलीप शर्मा को एडवोकेट मनोनीत किया गया। गौरव पथ संघर्ष समिति ने सोमवार शाम पर्ल पैराडाइज में एक प्रेस वार्ता आयोजित की।जिसमें खातेदारों के विरुद्ध नगर निगम द्वारा की जा रही कार्रवाई को गलत और वास्तविक तथ्यों के विपरीत करार दिया।
एडवोकेट दिलीप शर्मा ने बताया कि स्वायत्त शासन विभाग राजस्थान सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन 30.10. 2017 द्वारा आनासागर झील क्षेत्र की जो सीमा तय की गई है उसमें समिति के सदस्य खातेदारों के खसरे आते ही नहीं और जिनके खसरे का जितना भी भाग आता है वह आज भी निर्माण रहित है। उन्होंने बताया कि खातेदारों की भूमि वेटलैंड योजना के लिए अजमेर विकास प्राधिकरण द्वारा अवाप्त किया जाना प्रस्तावित था। जिस पर हाई कोर्ट द्वारा स्थगन आदेश पारित कर दिया गया जो कि अभी तक प्रभावी है। नगर निगम का तो यह क्षेत्र अधिकार ही नहीं है ।
उन्होंने यह भी बताया कि राजस्थान झील संरक्षण अधिनियम 2015 की धारा 6 के प्रावधानों की पालना किए बगैर संरक्षित क्षेत्र में स्थित निजी संपत्तियों पर किए जा रहे क्रियाकलापों पर पाबंदी नहीं लगाई जा सकती। संघर्ष समिति ने नगर निगम की कार्यवाही के खिलाफ हाई कोर्ट जाने का मानस बनाया है।
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