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July 26, 2022
अजमेर में पिछले दो-तीन दिन से चल रही मानसून की बारिश से जहां अजमेर का मौसम खुशनुमा हो गया है तो वही मानसूनी बारिश कई इलाकों में राहत के साथ आफत भी साबित हो रही है। शहर की निचली बस्तियां जलमग्न हो गई है तो वही अजमेर के प्रमुख मार्गों में शामिल जेएलएन अस्पताल, अग्रसेन स्कूल सावित्री चौराहा तोपदड़ा पुलिया, सहित निचली बस्तियों में जलभराव के चलते लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है दौराई निवासी सरपंच प्रतिनिधि चंद्रभान सिंह गुर्जर ने बताया कि बारिश के दिनों में दौराई का संपर्क पूरे शहर से कट जाता है। अंडर पास सुविधा के लिए बनाया गया था लेकिन ग्राम वासियों के लिए दुविधा साबित हो रहा है। रेलवे द्वारा वर्ष 2019 में दौराई प्रवेश द्वार के LC 3 पर बनाये गए घटिया अंडरपास की जलभराव की समस्या का सालों साल बाद भी रेल मंत्री, रेल अधिकारी, आयुक्त, कलेक्टर, 181 सीएम पोर्टल पर शिकायत करने के बावजूद अभी तक कोई हल नहीं हो पा रहा। साल दर साल क्षेत्रवासी प्रशासन ओर नेताओं के सामने गिड़गिड़ाते रहते हैं लेकिन किसी के कानों पर कोई जूं नहीं रेंगती। बारिश के दिनों में कोई अधिकारी या नेता दौराई गांव में प्रवेश करके देखे तो उसे परेशानी का पता चले। 2019 से ही अंडरपास की एक भुजा दलदल से भरी रहती है जिसमे कभी भी कोई भी हादसा हो सकता है। अंडरपास के पास पटरी के सहारे डेयरी फाटक तक 20 फुट की सर्विस रोड दे दी जाए तो भी कुछ हद तक राहत मिल सकती है। चंद्रभान ने बताया कि ग्रामपंचायत दौराई की आवासीय कॉलोनी हस्ती विहार, यादव कॉलोनी, तेजाजी नगर, रेलवे स्टेशन के सामने वाली कॉलोनी, श्री राम कॉलोनी में बाहरी क्षेत्रों की कॉलोनी जैसे सोमलपुर, चंद्रवरदाई नगर, नाड़ी आदि का पानी बहकर आ जाता है और पानी का अत्याधिक जलभराव हो जाता है इस पानी का आगे कोई निकास नहीं होने के कारण क्षेत्रवासियों को आने-जाने में भारी तकलीफों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सरकारी स्कूल जाने वाले बच्चे स्कूल नहीं जा पाते तो काम पर जाने वाले लोगों को कई कई फीट पानी में होकर गुजरना पड़ता है। मेयो लिंक रोड पावर हाउस के पास रहने वाले अंकित जैन ने सवाल खड़े कर दिए कि स्मार्ट सिटी के नाम पर केंद्र सरकार के करोड़ों रुपए मिट्टी और पानी में बहा दिए गए, लेकिन शहर में बारिश के पानी के निकास के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। सीवरेज लाइन के नाम पर सड़के खोद दी गई, द्वारा बनाई गई सड़कें गुणवत्ता विहीन है जो बारिश में जगह-जगह से धंस गई है पूरे शहर पूरा शहर खड्डों में तब्दील हो गया है लेकिन यहां के जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी नाकारा साबित हो रहे हैं। ऐसे में कोई भी काम स्मार्ट सिटी के नाम पर ठीक-ठाक नहीं हुआ है जिसके लिए अजमेर को स्मार्ट कहा जा सके। मेयो लिंक रोड पावर हाउस नया घर गुलाब बाड़ी जो कि वार्ड 51 के अंतर्गत आता है जहां से मेयर बृजलता हाडा नगर निगम का प्रतिनिधित्व करती हैं बावजूद इसके उसी क्षेत्र में अत्याधिक जलभराव की समस्या क्षेत्रवासियों के लिए हर बार परेशानी का सबब बन जाती है बारिश के दौरान शहर के हालात इस कदर बदतर हुए कि उदय नगर साईंबाबा कॉलोनी में सीवरेज लाइन ही चौक हो गई और लोगों के शौचालयों में पानी रिटर्न मारने लगा। परेशान क्षेत्रवासियों ने पार्षद प्रतिनिधि मोहन लालवानी को सूचना दी, इसी दरमियान सीवरेज लाइन डालने के नाम पर खोदी गई सड़कों पर दोबारा बनाई गई सड़क कितनी पोली है कि उसमें एक मिनी ट्रक ही जा धँसा। पार्षद प्रतिनिधि मोहन लालवानी ने आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी के नाम पर गुणवत्ता विहीन कामों ने अजमेर के विकास की पोल खोल कर रख दी है। 2 दिन की बारिश में ही पूरे शहर के हाल बद से बदतर हो गए हैं। लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी ने इन इलाकों की सुध लेना मुनासिब नहीं समझा। वार्ड 29 में रहने वाले राकेश पंजाबी और विजय कुमार ने भी जिला प्रशासन और नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। बोराज गांव में महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल परिसर में भी बारिश का पानी जमा होने से यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ी। 1950 में निर्मित स्कूल भवन की जर्जर हालत के चलते एक कक्षा कक्ष की पट्टियां भी टूट गई, गनीमत रही कि वहां छात्र-छात्रा अध्यनरत नहीं थे। स्कूल की प्रिंसिपल आशु सुमन चौहान ने बताया कि विद्यालय प्रशासन और शिक्षा विभाग को पत्र लिखा गया है महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल के संचालित होने पर अब यहां 8 नए कमरों के निर्माण का प्रस्ताव आया है जो जल्दी कार्य शुरू होगा लेकिन फिलहाल 8 कमरों में पढ़ाई की जा रही है तो वहीं तीन कमरों में कार्यालय संचालित किया जा रहा है। कुल मिलाकर स्कूल की हालत जर्जर है, वही स्थानीय सरपंच के सहयोग से विद्यालय की चारदीवारी का निर्माण कराया जा रहा है , हर बारिश में इसी तरह की समस्या होती है।
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