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July 25, 2022
श्रावण मास कृष्ण पक्ष की द्वादशी पर सावन महीने के दूसरे वन सोमवार को अजमेर सहित पुष्कर के सभी शिवालय हर-हर महादेव ओर बम बम भोले के जयकारों से गुंजायमान होते रहे। दिन भर पूजा-पाठ सहस्त्रधारा और रुद्राभिषेक के दौर चलते रहे। भक्तों ने बाबा भोलेनाथ से अच्छी बारिश की कामना ओर प्रार्थना की। शिव भक्तों ने भगवान भोलेनाथ के मंदिरों, शिवालयों में शिवलिंग की बिल्वपत्र, पुष्प, भांग, धतूरा, पंचामृत आदि से अभिषेक कर पूजा आराधना की तो वहीं कई मंदिरों में सहस्त्रधारा के आयोजन भी हुए। इस मौके पर पंडित पुरोहितों के आचार्यत्व में रूद्र पाठ व रूद्राभिषेक किया गया। भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया गया और भक्तों ने ओम नमः शिवाय का जाप कर देश सहित अजमेर में अच्छी बारिश की कामना की। शिवालयों में शिवलिंग का आकर्षक रंग-बिरंगे फूलों से श्रंगार किया गया। मेवा मिष्ठान के भोग लगाए गए। महिलाओं व युवतियों ने मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना की। अजगंधेश्वर महादेव अजयपाल बाबा के द्वितीय कावड यात्रा पहुंची, जिसका जगह जगह पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया, आशुतोष शर्मा ने बताया कि महादेव का पुष्कर राज के जल से अभिषेक किया गया रूद्राष्टाध्यायी का पाठ व भव्य श्रृंगार व महाआरती की गई,समाज व देश में खुशहाली की कामना की गई, इस अवसर पं किशन शर्मा,गौविंद शर्मा,अवतार किशन मोयल,मुकेश वैष्णव, भीमदत शुक्ला, कार्तिक वैष्णव,रविन्द्र योगी सहित अनेक शिव भक्त मौजूद थे।इसी प्रकार अजमेर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में स्थित ईश्वर महादेव मंदिर में सावन के दूसरे सोमवार को सहस्त्रधारा का आयोजन किया गया जिला बार अध्यक्ष मोहन सिंह राठौड़ ने बताया कि जलाभिषेक में बार और बेंच के साथ न्याय का अधिकारी अधिवक्ता व स्टाफ ने न्याय श्वर महादेव का जलाभिषेक किया है शाम को महादेव का आकर्षक श्रंगार कर महाआरती की गई तत्पश्चात भोजन प्रसादी का आयोजन हुआ साथ ही बार और बेंच के बीच समन्वय में सुख शांति बनी रहे ऐसी भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना की। किशनगंज स्थित गंगेश्वर महादेव मंदिर में महालक्ष्मी गजक वालों की ओर से सहस्त्रधारा का आयोजन किया गया जा पंडित तरुण कुमार शर्मा ज्योतिषाचार्य के चरित्र में 1111 ब्राह्मणों ने भगवान भोले के समक्ष रूद्र पाठ और रुद्राभिषेक कर सहस्त्रधारा कराई शाम को भगवान शिव का नाम राम श्रंगार कर महाआरती की गई और परिवार की ओर से प्रसादी का आयोजन किया गया। श्रावण मास में भगवान भोले को रिझाने के लिए प्रत्येक शिवालय में भक्त अलग-अलग तरह से भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं। मार्टिंडल ब्रिज स्थित शिव शक्ति महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र, फल फूल, पंचामृत से दुग्ध अभिषेक किया। इस मौके पर भक्तों ने बताया कि भगवान शिव को चढ़ाए जाने वाले बेलपत्र को कचरे में ना फेंके, यह औषधि युक्त बेलपत्र होता है, जिसे कच्चा भी खाया जा सकता है और सुखाकर इसका चूर्ण बनाकर भी खाया जा सकता है। भगवान शिव में अत्यधिक ऊर्जा का वास रहता है जिसे काबू करने के लिए बेलपत्र जैसी औषधि का प्रयोग किया जाता है जो मनुष्य के लिए भी काफी लाभदायक है।
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