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July 13, 2022
बुधवार को शहर भर के मंदिरों, मठों, आश्रमों में बड़ी श्रद्धा और उल्लास के साथ गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया। आषाढ़ मास की पूर्णिमा के दिन ही आदि गुरु वेद व्यास का जन्म हुआ था और भागवत पुराण का ज्ञान भी आज ही के दिन प्राप्त हुआ था। इस कारण इस दिन को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। गुरु पूर्णिमा का अवसर तप, त्याग, समर्पण, सेवा, परमार्थ, परायणता, उदारता, ममता जैसे सद्गुणों को पाने का होता है। गुरु पूर्णिमा पर भक्तों ने अपने गुरु को भगवान के समकक्ष मानते हुए गुरू वंदन किया और उनका पूजन किया। जनता कॉलोनी वैशाली नगर में श्री धनेश्वर मंदिर में सदगुरुदेव दादी धनी फकीर का 80 वा जन्मोत्सव और गुरु पूर्णिमा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। सेवादार दौलत खेमानी ने बताया कि भगवान राघवेंद्र सरकार श्री राम के प्यारे बाल ब्रह्मचारी सदगुरुदेव ब्रह्मलीन संत धनी फकीर श्री राम दरबार एटा उत्तर प्रदेश वालों का 80 वा जन्मोत्सव गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर विभिन्न धार्मिक आयोजनों के साथ मनाया गया। जिसमें प्रातः गुरु पूजा, हवन ,भगवान सत्यनारायण की कथा, ढोल छेज, डांडिया और शहनाई वादन हुआ। तत्पश्चात सत्संग का आयोजन किया गया, इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी भंडारे का आयोजन हुआ। शाम को इस धार्मिक आयोजन का पल्लव और सत्संग के साथ समापन हुआ। इस आयोजन में देश विदेश से बड़ी संख्या में दादी धनी फकीर के मुरीद शामिल हुए हैं। इसी तरह श्री जैन श्वेतांबर खरतरगच्छ श्री जिनदत्त सूरी दादाबाड़ी में आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान मनोहर श्रीजी महाराज सा का गुरु वंदन किया गया। उन्होंने कहा कि गुरु का स्थान जीवन में उस नींव के पत्थर के समान होता है जो दिखता नहीं पर सारी इमारत उसी पर टिकी होती है। गुरु ही हमारे जीवन का आधार है, गुरु का हाथ थाम लीजिये गुरु जीवन को सफल बनाएंगे। गुरु ही अज्ञान के अंधेरे में सत्य का दीप जलाएंगे। दादाबाड़ी में गुरु वंदन के साथ गुरु पूर्णिमा महोत्सव की शुरुआत की गई। इस मौके पर विक्रम सिंह पारख, रिखब सुराणा, पदम चंद सुराणा, सतीश बुरड़, योगेश जैन, पूर्व पार्षद मंजू सुराना, नीलम लुनिया, नरेंद्र लालन, शशि पारख, चेतना बछावत, आरके जैन सहित अनेक भक्तों ने दादा गुरुदेव की पूजा अर्चना की। इसी तरह कांकरदा भुनाबाय जयपुर रोड स्थित जय श्री नाथ बाबा मंदिर पर शक्तिमठ प्रतिमा जोहरी आश्रम पर जगतगुरु श्री नाथ बाबा का गुरु पूर्णिमा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। गुरु पूर्णिमा महोत्सव पर आयोजित कार्यक्रमों में अनेक शिष्य भक्त व अनुयायी केसरिया झंडा लेकर शक्ति मठ पर एकत्रित हुए।। गुरुदेव के शिष्यों व भक्तों द्वारा सद्गुरु समाधि का गंगाजल से अभिषेक कर 501 किलो गुलाब के फूलों से फूल बंगला सजाया गया। इसके बाद जगतगुरु श्री प्रवीण नाथ बाबा के सानिध्य में शोभायात्रा निकाली गई। विशाल शोभायात्रा स्थानीय मार्गो से होकर पुनः शक्ति मठ आश्रम पहुंची, जहां सद्गुरु प्रवीण नाथ बाबा ने शक्ति मठ पर शाही झंडा चढ़ाया और अपनी हठ योग साधना से अपने गुरु भगवान जय श्री देवी नाथ बाबा के दर्शन भक्तों को कराएं। इस मौके पर जय श्री नाथ बाबा ने अपने गुरु भगवान जय श्री देवी नाथ जी को रोट का भोग लगाकर विशाल भंडारा भंडारे का शुभारंभ किया। जय श्री नाथ बाबा ने अपने प्रवचन में गुरु पूर्णिमा का सार बताते हुए कहा कि सर्वप्रथम मां ही पूर्ण गुरु है तत्पश्चात गुरु ही पूर्ण मां है जो अपने शिष्य को शिक्षा के साथ संकट में भी सदा उसकी रक्षा करती है। इसी प्रकार गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर राजेंद्र स्कूल उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्राचार्य और अध्यापकों का का सम्मान किया गया। प्राचार्य का साफा पहनाकर शॉल ओढ़ाकर कलम देकर स्वागत किया गया और सभी अध्यापक को माला पहनाकर कलम देकर स्वागत किया गया । राजेंद्र स्कूल में ग्रीन बोर्ड की रिक्वायरमेंट थी जिसपर रामप्रसाद डीडवानिया ने ग्रीन बोर्ड सप्रेम भेंट किया। रामप्रसाद डीडवानिया की मंशा थी कि अपनी धर्मपत्नी स्वर्गीय विमला देवी डीडवानिया जिनका कोरोना के समय स्वर्गवास हो गया था उनको श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ग्रीन बोर्ड भेंट करें। कार्यक्रम में स्कूल स्टाफ सहित जटिया समाज के पूर्व अध्यक्ष देवीदास जाटोलिया, देवकरण फुलवारी, राजेश मौर्य, अजमेर कांग्रेस सेवा दल से मुकेश सबलानिया सहित डीडवानिया परिवार व गणमान्य लोग शामिल हुए।
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