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May 9, 2022
नरेश राघानी
महेश जोशी कांग्रेस संगठन में पिछले कई साल से एक ऐसा बेदाग नाम रहा है , जिस पर ढूंढने से भी विरोधियों तो क्या अपनों को भी कोई दाग आज तक दिखाई नहीं दिया। आज प्रेस क्लब के सभागार में आयोजित एक आयोजन के पश्चात कुछ वरिष्ठ पत्रकार मित्र खड़े आपस में यही बात कर रहे थे। उनमें से एक बहुत वरिष्ठ पत्रकार मित्र का कहना था कि – मैं आज तक महेश जोशी के खिलाफ कोई भी नेगेटिव खबर चाह कर भी नहीं लगा पाया हूं । दूसरा पत्रकार मित्र बोला ऐसे व्यक्ति की इस उम्र में आकर अपने बेटे की वजह से ऐसी हालत होने का बहुत दुख हो रहा है।
आपको ज्ञात है राजस्थान सरकार के जलदाय मंत्री महेश जोशी पहले भी जयपुर से सांसद रह चुके हैं। महेश जोशी के पुत्र रोहित पर दिल्ली पुलिस ने 0 नंबर की एफ आई आर दर्ज की है। जिसमें बलात्कार और जान से मारने हेतु धमकाने जैसे गंभीर आरोप पीड़िता द्वारा लगाए गए हैं। कल रात को चैनलों पर सुन रहा था कि एफ आई आर सवाई माधोपुर पहुंचेगी। उसके बाद ही इस पर कुछ कार्रवाई राजस्थान पुलिस कर पाएगी। पहले तो मुझे यह समझ में नहीं आता कि पोस्टल डाक का ज़माना तो रहा नहीं , जिसमें एफ आई आर पोस्ट करके भेजी जाए, और एफ आई आर पोस्ट द्वारा प्राप्त की जाए। जिस के मध्य एक या दो दिन निकाल दिए जाएं। आजकल तो ईमेल का जमाना है। अब तक तो दिल्ली पुलिस द्वारा राजस्थान पुलिस डिपार्टमेंट को मेल चला जाना चाहिए था, (शायद चला भी गया हो) और उस पर त्वरित कार्रवाई शुरू कर देनी चाहिए थी। खैर ...हर विभाग और सरकार का अपना अपना स्टाइल होता है। उस बात में मैं नहीं जाना चाहता । परंतु मुद्दा यह है अगर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत चाहते हैं कि उनकी वाकई जननायक वाली छवि बनी रहे ?? तो उन्हें ना चाहते हुए भी महेश जोशी से फिलहाल इस्तीफा मांग लेना चाहिए। अपितु मैं तो यही कहूंगा कि महेश जोशी को खुद ही अपनी स्वच्छ छवि बनाए रखने के लिए इस्तीफा दे देना चाहिए। ताकि एक बेटे के घृणित अपराध की छाया से कम से कम उनकी स्वच्छ छवि खराब ना हो। सरकारें और पद आते जाते हैं परंतु एक बार जनता के बीच बनाई हुई छवि अगर बिगड़ जाए तो उसे वापस सुधारने में जन्मों लग जाते हैं। महेश जोशी ने एक बयान जारी कर कर यह भी कहा है कि –यदि बात अपराध की है तो चाहे मेरा बेटा हो या किसी और का न्याय होना चाहिए । साथ ही उन्होंने यह जोड़कर भी कहा है इस बात को लेकर मीडिया ट्रायल बंद हो । उनके इस बयान की पहली लाइन में एक स्वछता का पुट दिखाई तो देता है। परंतु वही दूसरी लाइन में मीडिया ट्रायल ना होने की बात कहकर उन्होंने शायद यह संदेश दिया है कि वह एक राजनेता होने के साथ-साथ एक पिता भी है।
कायदा तो यह कहता है कि वह खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अपना इस्तीफा सौंप दें । ताकि पहले से ही चारों तरफ से घिरी हुई और अल्पसंख्यक तुष्टीकरण के आरोप झेल रही सरकार को एक और मुसीबत से छुटकारा मिल सके । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी होने की वजह से महेश जोशी के संपर्क का दायरा बहुत बड़ा है। आम मंत्रियों की तुलना में महेश जोशी राजस्थान प्रदेश में काफी मजबूत है। संभव है उनका पिता होना कहीं ना कहीं इस मामले की निष्पक्ष जांच होने के बीच में आ जाए ,और पीड़िता के साथ न्याय ना हो पाए।
आपने एक बात नोटिस की होगी कि एफ आई आर दिल्ली पुलिस के सदर थाना में दर्ज की गई है। जिसका साफ मतलब यही है कि पीड़िता को पहले से ही अंदाजा था रोहित पुत्र महेश जोशी बहुत प्रभावशाली व्यक्ति है, और कहीं ना कहीं पीड़िता को राजस्थान के पुलिस महकमे पर इतना विश्वास नहीं था। तभी यह मामला सीधा जयपुर के किसी थाने में दर्ज कराने की बजाय, दिल्ली में दर्ज कराया गया है। और मीडिया के मार्फ़त सूचना राजस्थान पहुंची है । महेश जोशी ने भी तो कल अपने बयान में साफ कह दिया था कि मुझे यह जानकारी मीडिया से ही मिली कि इस तरह की का मामला दर्ज हुआ है। ऐसे में महेश जोशी का यह कहना कि मीडिया ट्रायल ना हो .... बिल्कुल अनुचित है । जब स्वामी आसाराम के लिए मीडिया ट्रायल हो सकता है। बाबा राम रहीम के लिए मीडिया ट्रायल हो सकता है । तो रोहित जोशी तो चीज ही क्या है। इतिहास गवाह है कि इन सभी लोगों को भी एक एफिशिएंट मीडिया ट्रायल होने के बाद बहुत कड़ी सजा झेलनी पड़ी थी। ऐसे में राजस्थान सरकार का यह दायित्व बनता है कि वह इस घटना में गंभीर जांच कराए। और प्रदेश की जनता के बीच खरा खरा संदेश पहुंचाए की आरोपी चाहे एक आम व्यक्ति हो या एक मंत्री का बेटा। आरोपी आरोपी ही होता है । पीड़िता के नजरिए से भी सोचा जाए तो वह राजस्थान की बेटी है। और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली राजस्थान सरकार पूरी तरह से अपनी इस बेटी की रक्षा हेतु बाध्य रहे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए भी यह मौका है, वह सिद्ध करें की कॉन्ग्रेस एक निष्पक्ष और न्याय प्रिय पार्टी है । और कांग्रेस सरकार के चलते कोई भी व्यक्ति चाहे वह आम हो या खास इस तरह का अपराध करके बचकर नहीं निकल सकता।
जय श्री कृष्ण
नरेश राघानी
प्रधान संपादक
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