For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 116893255
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: जल ग्रहण मिट्टी के पाल की मजबूती जांचने का दिया प्रशिक्षण ,क्वालिटी से कोई समझौता नहीं होगा - जादवानी  |  Ajmer Breaking News: बॉलीवुड़ फ़िल्म बॉर्डर के बाद अब मुल्क भर में फ़िल्म "बॉर्डर-2" की धूम मची हुई है,23 जनवरी को मुल्क के तमाम सिनेमा घरों में  फ़िल्म रिलीज़ हु |  Ajmer Breaking News: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ग्रुप केंद्र दो में 18 वें रोजगार मेले का आयोजन, देश भर में 45 स्थान पर 61000 युवाओं को दिए गए नियुक्ति पत्र, |  Ajmer Breaking News: जयपुर घराने के सुप्रसिद्ध कथक कलाकार अफसर खान हुए मीडिया से रूबरू, आज की पीढ़ी को अपनी पुरातन नृत्य कला और संस्कृति से जुड़ने का किया आह्वान  |  Ajmer Breaking News: 24 जनवरी राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर सावित्री बालिका स्कूल में बालिकाओं के लिए प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन, |  Ajmer Breaking News: विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के करकमलों द्वारा आज 151 पट्टे 69 ए के और कच्ची बस्ती के पट्टे वितरित किए हैं।  |  Ajmer Breaking News: अजमेर से सरवाड़ दरगाह उर्स में पैदल जाने वाले ज़ायरीन की सोहलियत के लिए अंजुमन यादगार की तरफ़ से एक मेडिकल वन चलाई गई है। |  Ajmer Breaking News: टीपी अजमेर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड :- राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 की थीम सड़क सुरक्षा - जीवन रक्षा,ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर मनाया सड़क सुरक्षा महीना 2026 |  Ajmer Breaking News: प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत त्रिदिवसीय प्रदर्शनी एवं सह-व्यापार मेले का हुआ भव्य शुभारंभ |  Ajmer Breaking News: वंदे मातरम्-150 ,सुभाष चन्द्र बोस की जयन्ती पर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड  कार्यालय में हुआ संगोष्ठी का आयोजन | 

अंदाजे बयां: सच कहने का पास हुनर था, इसीलिए नेज़े पर सर था।

Post Views 61

April 18, 2021

चारों ओर था गहरा पानी, जिन आँखों में मेरा घर था।

सच कहने का पास हुनर था,
इसीलिए नेज़े पर सर था।
चारों ओर था गहरा पानी,
जिन आँखों में मेरा घर था।
सारे रस्ते बन्द पड़े थे,
नेकी का भी अजब सफऱ था।
ध्यान में तेरे डूबा था जब,
जाने तेरा ध्यान किधर था।
आग लगी थी जंगल में और,
मैं भी पेड़ सा खड़ा उधर था।
हवा रास्ते बता रही थी,
तेरी दुआ का ये भी असर था।
डूब रहा था तू साहिल पर,
जिस लम्हा मैं बीच भंवर था।
          सुरेन्द्र चतुर्वेदी


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved