For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 156212949
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: रेलवे अधिकारी रवि मीणा के अपहरण का मामला, पुलिस ने बांदीकुई से अपहरणकर्ता से सकुशल छुड़ाया,  सीओ नॉर्थ शिवम जोशी ने किया खुलासा |  Ajmer Breaking News: कांग्रेस ने भाजपा सरकार से मांगा 21 सवालों का जवाब, देवनानी को घेरा, प्रेस वार्ता कर मीडिया के सामने कांग्रेस की एकजुटता को दिखाने का भी किया प्रयास। |  Ajmer Breaking News: आई बैंक सोसायटी आफ राजस्थान अजमेर चैप्टर के द्वारा 25 अगस्त से 8 सितंबर तक नेत्रदान पखवाड़े का किया जाएगा आयोजन, |  Ajmer Breaking News: मंडल रेल प्रबंधक अजमेर का ब्यावर, सोजत रोड और मारवाड़ जंक्शन दौरा |  Ajmer Breaking News: जयपुर रोड स्थित न्यू घुघट रेस्टोरेंट में चोरी, शटर और CCTV कैमरा तोड़कर अंदर घुसा बदमाश, रेस्टोरेंट में रखे हुए गुटके बीड़ी सिगरेट सहित लगभग 20 हजार के माल पर  किया हाथ साफ  |  Ajmer Breaking News: पैगंबर हज़रत मोहम्मद साहब के 1501 वें जश्न ईद मीलादुन्नबी पर कौमी एकता और सामाजिक समरसता के साथ निकला जुलूस,  |  Ajmer Breaking News: नगर निकाय चुनाव को लेकर दावेदारों का शक्ति प्रदर्शन लगातार देखने को मिल रहा है। |  Ajmer Breaking News: विधानसभा अध्यक्ष देवनानी के भाजपा कार्यक्रम में शामिल होने पर कांग्रेस ने जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई की करी मांग |  Ajmer Breaking News: बिना अनुमति नर्सिंग स्कूल संचालन और फीस वसूली का आरोप, छात्रों ने कलेक्टर से लगाई कार्रवाई की गुहार |  Ajmer Breaking News: आदर्श नगर थाना पुलिस की एरिया डोमिनेशन के तहत  कार्रवाई, तीन वारंटी गिरफ्तार, दो हिस्ट्रीशीटर हिरासत में | 

अंदाजे बयां: सच कहने का पास हुनर था, इसीलिए नेज़े पर सर था।

Post Views 241

April 18, 2021

चारों ओर था गहरा पानी, जिन आँखों में मेरा घर था।

सच कहने का पास हुनर था,
इसीलिए नेज़े पर सर था।
चारों ओर था गहरा पानी,
जिन आँखों में मेरा घर था।
सारे रस्ते बन्द पड़े थे,
नेकी का भी अजब सफऱ था।
ध्यान में तेरे डूबा था जब,
जाने तेरा ध्यान किधर था।
आग लगी थी जंगल में और,
मैं भी पेड़ सा खड़ा उधर था।
हवा रास्ते बता रही थी,
तेरी दुआ का ये भी असर था।
डूब रहा था तू साहिल पर,
जिस लम्हा मैं बीच भंवर था।
          सुरेन्द्र चतुर्वेदी


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved