Post Views 11
January 26, 2021
भारत ने प्रौद्योगिकी कंपनियों से पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अपने मंचों पर गलत सूचनाओं की जांच करने का आह्वान करते हुए उन्हें आगाह किया कि गलत जानकारियों के जरिए आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप की प्रवृत्ति बढ़ रही है।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में कहा, सूचना क्रांति ने फायदे के साथ मीडिया को कमजोर भी किया
एस्टोनियाई स्थायी मिशन द्वारा बेलारूस में मीडिया स्वतंत्रता पर आयोजित अररिया-फॉर्मूला की बैठक के दौरान संयुक्त राष्ट्र में भारत के उप-स्थायी प्रतिनिधि के. नागराज नायडू ने कहा कि सूचना क्रांति ने मीडिया प्रणाली को फायदा पहुंचाने के साथ-साथ उसे कमजोर भी किया है।
नायडू ने कहा, आज, गलत जानकारियों की वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रौद्योगिकी कंपनियों द्वारा निर्मित डाटा सेट, एल्गोरिदम और सूचना के बुनियादी ढांचे के बीच जटिल बातचीत पर टिकी हुई है।
ये एल्गोरिदम न सिर्फ यह बताते हैं कि अलग-अलग आबादी के लिए क्या जानकारी उपलब्ध है, बल्कि यह भी बताते हैं, किसे और किस आवृत्ति के साथ उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा, ऐसे में, प्रौद्योगिकी कंपनियों का यह दायित्व है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके मंचों पर पारदर्शिता हो और उनके मंच से लोगों को गलत जानकारी ना मिले।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved