For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 138479545
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: बूढ़ा पुष्कर में वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान का समापन, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया श्रमदान और वृक्षारोपण |  Ajmer Breaking News: 18 जून 2024 को दर्ज हुए मुकदमें में पॉक्सो कोर्ट ने किया सजा का ऐलान .मासूम को दरिंदगी का शिकार बनाने वाले दुराचारी को 20 वर्ष  कठोर कारावास,26,500 के अर्थ दंड से किया दंडित |  Ajmer Breaking News: ब्रह्मा मन्दिर अस्थाई प्रबन्ध समिति की बैठक आयोजित, ब्रह्मा मन्दिर परिसर के जीर्णोद्धार एवं संरक्षण पर हुई चर्चा |  Ajmer Breaking News: विश्व पर्यावरण दिवस पर स्वीप गतिविधि के तहत लगाया लोकतंत्र का पेड़, प्रशिक्षु आईएएस श्री अर्णव आनंद गुप्ता ने किया पौधारोपण |  Ajmer Breaking News: विश्व पर्यावरण दिवस पर मेरा युवा भारत (माय भारत) अजमेर युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा यूथ हॉस्टल अजमेर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन |  Ajmer Breaking News: वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान,उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने जताया आमजन का आभार |  Ajmer Breaking News: उप मुख्यमंत्री एवं जिले की प्रभारी मंत्री दीया कुमारी ने शुक्रवार को अजमेर जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। |  Ajmer Breaking News: वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत रन फॉर एनवायरमेंट का हुआ आयोजन, पर्यावरण संरक्षण एवं जल संवर्धन का दिया संदेश |  Ajmer Breaking News: जेएलएन अस्पताल में घटिया निर्माण और चूना मिलाने की खबर पूर्णतः आधारहीन तथा मिथ्या, सार्वजनिक निर्माण विभाग ने किया समाचार का खंडन |  Ajmer Breaking News: नगर निगम में ठेकेदार फर्म के अधीन कार्यरत 2250 अस्थाई सफाई कर्मचारियों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी, | 

अंदाजे बयां: रंग से मैं आसमानी हो गया हूँ

Post Views 11

January 9, 2021

जाने किस दरिया का पानी हो गया हूँ

रंग से मैं आसमानी हो गया हूँ,

जाने किस दरिया का पानी हो गया हूँ।



क्यों मुझे अल्फ़ाज़ झूंठे लग रहे हैं,

क्यों मैं इतना बेज़ुबानी हो गया हूँ।



ख़्वाब मुझको ढूँढ़ते रहते हैं दिन भर,

क्या मैं उनकी तरज़ुमानी हो गया हूँ।



हर तरफ़ सांपों के बिल क्यों दिख रहे हैं,

मैं भी क्या अब रातरानी हो गया हूँ।



कल तलक तो लिख रहा था वक़्त को मैं,

वक़्त की अब ख़ुद कहानी हो गया हूँ।



लग रहा है अब पसीना भी महकने,

यानी अब मैं जाफ़रानी हो गया हूँ।



घर मेरे तुम अब तो मुझको भूल जाओ,

याद मैं कितनी पुरानी हो गया हूँ।



सुरेन्द्र चतुर्वेदी


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved