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November 12, 2017
प्रदेश में 6 दिन से सेवारत डॉक्टर सामूहिक अवकाश पर हैं। सरकार की सख्ती जारी। शनिवार को 14 डॉक्टर गिरफ्तार हुए अब तक कुल 26 डॉक्टर गिरफ्तार हो चुके हैं। शनिवार को 5 और मरीजों की मौत हो गई। अब तक 30 लोगों की मौत हो गई। बाड़मेर में एक डॉक्टर टेलर की दुकान में छिपा है। यह सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची तो डॉक्टर भागने लगा। पुलिसकर्मी ने पीछा किया तो गिरकर घायल हुआ। पुलिस अस्पताल लाई और वहां पट्टी कराने के बाद उससे ड्यूटी भी ज्वाॅइन करा दी। आज दोपहर दो बजे पांचवीं बार वार्ता, सेवारत चिकित्सकों का पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल होगा शामिल
सेवारत चिकित्सकों के अलावा रेजीडेंट्स पहले ही हड़ताल पर
- बीते छह दिनों से सामूहिक अवकाश पर चल रहे सेवारत चिकित्सकों के साथ पहले रेजीडेंट्स और शनिवार को सीनियर रेजीडेंट्स के भी कार्य बहिष्कार के कारण हालात गांवों के साथ शहरों में भी खराब रहे। हड़ताल पर चल रहे डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शनिवार को भी 14 गिफ्तारियां की गई।
- एम्स के डॉक्टरों के साथ अन्य डॉक्टर संगठनों ने सीएम को पत्र लिखकर और अन्य तरीके से डॉक्टरों का समर्थन करते हुए उनकी मांगों के निस्तारण की मांग की है। गतिरोध समाप्त करने के लिए डॉक्टरों को सरकार रविवार दोपहर 2 बजे पांचवीं बार वार्ता के लिए बुलाया है।
- इसमें चिकित्सक संघ के अध्यक्ष अजय चौधरी सहित 5 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल को बातचीत के लिए बुलाया है। सरकार की तरफ से बातचीत में एसीएस फाइनेंस डीबी गुप्ता, प्रमुख सचिव गृह दीपक उप्रेती, मेडिकल की प्रमुख सचिव वीनू गुप्ता, मेडिकल एज्यूकेशन सचिव आनंद कुमार व वित्त सचिव शामिल होंगे। ग्रेड पे 10 हजार करने की मांग को डॉक्टरों ने हालांकि सख्त रवैया छोड़ दिया है।
डॉक्टर भूमिगत, घरों पर ताले, पांच और मौतें
- कोटा मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में कार्यरत 57 रेजीडेंट्स भी रविवार से काम पर नहीं आएंगे। एमबीएस के पीजी हॉस्टल में शनिवार सुबह 2 कमरों के ताले टूटे मिले। रेजीडेंट्स के मुताबिक, पुलिस ने रात को दबिश दी और ताले तोड़ दिए। शनिवार को भी तीनों अस्पतालों में करीब 50 ऑपरेशन टालने पड़े। सिर्फ 35 ऑपरेशन हुए।
- 14 नवंबर के बाद कोटा में आईएमए के 800 सदस्य डॉक्टरों ने भी आंदोलन में शामिल होने की चेतावनी दी है। अलवर में सेना के 5 डॉक्टर लगाए हैं। इन्होंने 6 घंटे सेवाएं दी। अलवर के कोटकासिम अस्पताल में 10 साल के मासूम सहित दो रोगियों की मौत हो गई।
- वहीं जोधपुर संभाग के 110 डॉक्टर नहीं आएं। हाईकोर्ट की फटकार और गिरफ्तारी के डर से संभाग में 25 डॉक्टरों ने शनिवार को अपनी ज्वाइंनिंग दी। पीपाड़ में शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं मिलने से नवजात ने दम तोड़ दिया। उदयपुर संभाग के 1400 सेवारत डॉक्टरों के भूमिगत होने के कारण द राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन के लगभग 150 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने शनिवार को भी मरीज नहीं देखे। अन्य हिस्सों में हालात बदतर रहे।
इधर, मरीजों को दर्द में तड़पता छोड़कर पर्यटन स्थलाें पर घूम रहे डॉक्टर
- सीकर में शेखावाटी के 928 डॉक्टर छह दिनों से हड़ताल पर हैं। रेस्मा लागू है। प्रदेश में डॉक्टर की हड़ताल के दौरान अब तक 25 मौतें (सीकर में तीन) हो चुकी हैं। रेस्मा के तहत अब तक एक भी हड़ताली डॉक्टर को गिरफ्तार करने में नाकाम पुलिस दावा कर रही है कि सभी सेवारत डॉक्टर भूमिगत हो चुके हैं।
- जबकि, हकीकत यह है कि हजारों मरीजों का दर्द और तकलीफ भुलाकर कई हड़ताली डॉक्टर पर्यटन स्थलों पर घूम रहे हैं।
- तीन दिनों तक पड़ताल कर रेस्मा के डर से भूमिगत हो चुके 12 से ज्यादा डॉक्टर्स को ढूंढ निकाला। पर्यटक स्थलों पर पिकनिक मना रहे इन डॉक्टरों की तस्वीरें और वीडियो भी जुटाए हैं। शेखावाटी के डॉक्टर जालंधर, उदयपुर, माउंटआबू और जैसलमेर घूम रहे हैं।
- कुछ अपने परिवार के साथ तो कुछ साथी डॉक्टरों के साथ घूम रहे हैं। शर्मनाक यह है कि कुछ डॉक्टर शराब के नशे में अपने संस्कार और मर्यादा तक भूल चुके हैं।
- एक वीडियो भास्कर के पास है। जिसमें झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल डॉक्टर शराब के नशे में खुद को कराची बताते हुए कह रहे हैं कि उन्होंने हड़ताल के लिए पाकिस्तान के डॉक्टर्स से बात की है और वहां के डॉक्टर उनके साथ हैं। बात भले ही नशे में कही गई हो, लेकिन ये डॉक्टर की मानसिकता दर्शाती है। सवाल कमजोर सिस्टम का भी है, क्योंकि पुलिस अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं कर पाई है।
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